दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) का एक छात्र संघ है, जो अधिकांश कॉलेजों और संकायों के छात्रों का प्रतिनिधि निकाय है. साथ ही, प्रत्येक कॉलेज का अपना छात्र संघ होता है जिसके लिए हर साल चुनाव होते हैं. बीते समय में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के कई पदाधिकारी केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों में सार्वजनिक पद संभाल चुके हैं.
डूसू का चुनाव विश्वविद्यालय संकायों और सदस्य कॉलेजों के छात्रों द्वारा सीधे मतदान द्वारा होता है. सदस्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के संकायों का अपना कॉलेज या संकाय छात्र संघ होता है. डूसू विश्वविद्यालय संकायों और सदस्य कॉलेजों के छात्र संघों के लिए एक विश्वविद्यालय स्तर का छत्र संगठन है. DUSU में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव होते हैं.
चुनाव आमतौर पर प्रत्येक वर्ष अगस्त-सितंबर में होते हैं (DUSU Elections). 2019 तक दिल्ली विश्वविद्यालय के कुल 52 कॉलेज और संकाय DUSU से संबद्ध हैं.
दिल्ली में कॉलेज जाने वाली छात्राओं ने अपने रोजाना के डर और असुरक्षा के अनुभवों को शेयर किया है. छात्राओं का कहना है कि वे अपने कॉलेज कैंपस के अंदर भी सुरक्षित महसूस नहीं करतीं.
DUSU चुनाव 2026 में NSUI की करारी हार का ठीकरा भले ही कन्हैया कुमार पर फोड़ा जा रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि इस स्टूडेंट विंग ने सिर्फ कांग्रेस के पिछले 12 सालों के चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड को दोहराया है. जंतर-मंतर पर Gen-Z आंदोलन और सत्य निकेतन हॉस्टल हादसे जैसे बड़े मुद्दों के बावजूद, आपसी गुटबाजी और उदासीन संगठन के चलते कांग्रेस एक बनी-बनाई बाजी फिर से हार गई.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 में दीपांशु 100कीन (शौकीन) ने बिना किसी बड़े राजनीतिक घराने या पार्टी के समर्थन के उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की. वे एक आम परिवार से आते हैं, जिनके पिता दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में कॉन्ट्रैक्ट बेस पर कंडक्टर हैं. दीपांशु ने अपने संघर्ष और 'नंगे पैर' विरोध के जरिए छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी. जानिए उनके बारे में...
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में केंद्रीय पैनल के 10 उम्मीदवारों में से 7 बौद्ध अध्ययन विभाग से थे. इस विभाग के ABVP उम्मीदवार यश डबास ने अध्यक्ष पद जीता, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष बने.
DUSU की सियासत में ABVP और NSUI जैसे बड़े संगठनों के बीच एक निर्दलीय चेहरे दीपांशु शौकीन की जीत ने हलचल मचा दी है. चार साल पहले फ्रेशर्स पार्टी में ‘आज अकेला चल रहा हूं, एक दिन पीछे काफिला होगा’ कहने वाला दीपांशु अब सचमुच काफिले के साथ खड़ा है. लेकिन इस जीत के पीछे सिर्फ तुक्का नहीं, लंबी तैयारी और कई समीकरण हैं.
जेपी नड्डा ने DUSU के नतीजों पर 'आजतक' से बातचीत करते हुए कहा कि यह सिर्फ छात्रों की गूंज नहीं, बल्कि छात्रों का धमाका है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ झूठ की राजनीति करना जानते हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत हासिल की है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर NSUI से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु ने जीत दर्ज की.
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार का चुनाव बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार मुख्य पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चुनाव के नतीजे कल घोषित किए जाएंगे.
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में आज छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध विभिन्न कॉलेजों में छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. इस बार मॉर्निंग शिफ्ट के कॉलेजों में मतदान सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक चलेगा. इसके बाद, इवनिंग शिफ्ट वाले कॉलेजों में दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 7:30 बजे तक वोट डाले जाएंगे.
इस बार का DUSU चुनाव केवल पोस्टर, नारों और बड़ी गाड़ियों के शो-ऑफ तक सीमित नहीं है. 'जेन जी' के नाम से जानी जाने वाली नई पीढ़ी इस तमाशे से परे ठोस जवाबदेही मांग रही है. वहीं कैंपस में हर तरफ डूसू चुनाव के रंग साफ नजर आ रहे हैं. यहां डीयू का पारंपरिक चुनाव भी नजर आ रहा है तो वहीं बदलते वक्त के साथ नये चेंजेज भी. पढ़ें- स्पेशल रिपोर्ट.
चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल जॉइंट मीटिंग हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, कॉलेजों के प्राचार्यों, हॉस्टल प्रोवोस्ट-वार्डन और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया.जानिए- क्या तय हुआ?
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में वोटिंग के लिए अब कुछ ही घंटे बचे हैं. इस बीच कैंपस में दो बड़े छात्र संगठन NSUI और ABVP हॉस्टल मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं. एक तरफ एनएसयूआई का आरोप है कि दिल्ली सरकार की 10 हजार हॉस्टल बेड की घोषणा का टाइमिंग चुनाव पर असर डालने के लिए है, वहीं एबीवीपी ने इस पर एनएसयूआई को करारा जवाब दिया है. पढ़ें- पूरी खबर...
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 में NSUI ने आदिवासी समुदाय से आने वाले विजय शंकर मीणा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है. राजस्थान के साधारण परिवार से आने वाले मीणा सामाजिक न्याय और छात्र अधिकारों के मुद्दों पर जोर दे रहे हैं. आइए जानते हैं उनका चुनावी एजेंडा और पूरा बैकग्राउंड...
कैंपस की असली बहसों को दरकिनार कर उम्मीदवारों के निजी अकादमिक बैकग्राउंड, वायरल मार्कशीट और आरोप-प्रत्यारोप के जरिए वोट साधने की होड़ लगी है. छात्र संगठन प्रत्याशियों पर निजी हमले कर रहे हैं, जिसे आम छात्र कतई पसंद नहीं कर रहा है.
डीयू छात्रसंघ चुनाव 2026 में इस बार परंपरागत नारों और बुनियादी मुद्दों से इतर एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है. ABVP और NSUI दोनों के मेनिफेस्टो में जेन जी की प्राथमिकताओं का खास ख्याल रखा गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लेकर 24×7 लाइब्रेरी, मेंस्ट्रुअल लीव, पिंक बूथ और सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित हॉस्टल का मुद्दा इस बार चुनाव के केंद्र में है, जो डीयू की छात्र राजनीति में एक नया मोड़ दिखा रहा है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए केंद्रीय पैनल घोषित करने के बाद कॉलेजों और छात्रावासों में प्रचार तेज कर दिया है. महिला सुरक्षा, सुरक्षित आवास और हॉस्टल की सीटें बढ़ाने के प्रमुख मुद्दों के साथ संगठन सभी चार सीटों पर जीत का दावा कर रहा है.
ABVP ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के लिए चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष के लिए इशु मौर्य, सचिव के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्य राज सिंह को मैदान में उतारा गया है. ये उम्मीदवार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट तथा कानूनी पढ़ाई कर रहे छात्र हैं, जो खेल और शिक्षा के संगम को दर्शाते हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के लिए NSUI ने अपने अधिकृत 'सेंट्रल 4' पैनल का ऐलान किया है जिसमें विजय शंकर मीणा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं. NSUI का यह पैनल फीस वृद्धि रोकने, हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार जैसे मुद्दों पर चुनावी लड़ाई लड़ रहा है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के लिए ABVP ने अपने चार केंद्रीय पदों के उम्मीदवारों का पैनल घोषित कर दिया है. यश डबास को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है. चुनाव 18 सितंबर को होगा और नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए जाएंगे. ABVP और NSUI के बीच यह मुकाबला सुरक्षा, हॉस्टल सुविधाओं और कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर केंद्रित है.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने डूसू चुनाव 2026 की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना के बाद विजेता घोषित किया जाएगा. नामांकन 10 सितंबर तक भरे जाएंगे. छात्र संगठनों ने नए छात्रों को रिझाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है.
डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर सुजीत कुमार पर कथित तौर पर DUSU जॉइंट सेक्रेटरी दीपिका झा द्वारा किए गए हमले के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी में शिक्षकों का गुस्सा उफान पर है. इस घटना ने पूरे शिक्षक समुदाय को झकझोर दिया है. करीब 35 कॉलेजों के शिक्षकों ने एकजुट होकर विरोध जताया और छात्रनेता के निष्कासन की मांग की है.