ब्रिटिश आर्मी के मेडिकल स्टाफ ने दक्षिण अटलांटिक महासागर के सबसे सुदूर बसे द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा पर पैराशूट से कूदकर एक ब्रिटिश नागरिक की जान बचाने का मिशन चलाया. यह व्यक्ति MV होंडियस क्रूज शिप से उतरा था, जहां हंतावायरस फैला हुआ था. वह उसी द्वीप पर रहता है. उसकी हालत गंभीर हो गई थी.
16 एयर असॉल्ट ब्रिगेड के छह पैराशूट सैनिक और दो मेडिकल डॉक्टर RAF A400M विमान से ट्रिस्टन दा कुन्हा पर कूदे. द्वीप पर हवाई पट्टी नहीं है. सामान्य रूप से वहां केवल जहाज से ही पहुंचा जा सकता है. लेकिन मरीज का ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति बन गई थी, इसलिए ब्रिटिश सेना ने यह जोखिम भरा ऑपरेशन किया.
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विमान ब्रिटेन के RAF ब्राइज नॉर्टन से उड़ा, असेन्शन द्वीप होते हुए ट्रिस्टन पहुंचा. तेज हवाओं और छोटे द्वीप के कारण पैराशूट कूदना बेहद चुनौतीपूर्ण था. सैनिकों को 5 किलोमीटर ऊपर से कूदना पड़ा. हवा के रुख का फायदा उठाकर वे द्वीप के किनारे पर उतरे. ब्रिगेडियर एड कार्टराइट ने कहा कि अगर थोड़ी सी भी गलती होती तो वे अटलांटिक महासागर में गिर जाते.
मरीज की स्थिति
यह ब्रिटिश नागरिक 14 अप्रैल को MV होंडियस से उतरा था. 28 अप्रैल को उसे दस्त की शिकायत हुई. दो दिन बाद बुखार आया. वह फिलहाल स्थिर स्थिति में है. आइसोलेशन में रखा गया है. द्वीप पर ऑक्सीजन की आपूर्ति खत्म होने वाली थी, इसलिए ब्रिटिश वायुसेना ने A400M से ऑक्सीजन भी गिराया.
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MV होंडियस क्रूज शिप पर हंतावायरस फैला हुआ है. अब तक 11 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें दो अन्य ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं. कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है. शिप अब टेनेरिफ पहुंच चुकी है.
ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप
ट्रिस्टन दा कुन्हा दुनिया का सबसे दूर बसा हुआ द्वीप है. यहां सिर्फ 221 ब्रिटिश नागरिक रहते हैं. यहां आमतौर पर केवल दो डॉक्टरों की टीम होती है. ब्रिटिश सेना का यह पहला ऐसा ऑपरेशन है जिसमें मानवीय सहायता के लिए मेडिकल स्टाफ को पैराशूट से उतारा गया.
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ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश सचिव येवेट कूपर ने कहा कि यह अभियान ब्रिटेन की विदेशी क्षेत्रों और ब्रिटिश नागरिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. सशस्त्र बलों के मंत्री अल कार्न्स ने सैनिकों की बहादुरी की तारीफ की. ब्रिगेडियर कार्टराइट ने बताया कि सैनिकों को बाद में जहाज से वापस लाया जाएगा.

WHO के अनुसार, MV होंडियस पर एंडीस स्ट्रेन का हंतावायरस पाया गया है, जो इंसान से इंसान में फैल सकता है. हालांकि, आम लोगों के लिए जोखिम बहुत कम बताया जा रहा है. बाकी ब्रिटिश यात्री टेनेरिफ से चार्टर फ्लाइट से वापस आ रहे हैं. उन्हें 42 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा.
ट्रिस्टन दा कुन्हा पर ब्रिटिश आर्मी का यह पैराशूट अभियान दुर्लभ और जोखिम भरा था, लेकिन इससे एक ब्रिटिश नागरिक की जान बचाई जा सकी. MV होंडियस वाली घटना ने हंतावायरस को फिर चर्चा में ला दिया है.