हंतावायरस (Hantavirus) एक तरह का खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और उनसे मिलते-जुलते जानवरों से इंसानों में फैलता है. हाल ही में एक क्रूज शिप, जो अर्जेंटीना से केप वर्ड जा रहा था, वहां इस वायरस का संक्रमण सामने आया.
यह वायरस आमतौर पर चूहों के मूत्र (पेशाब), लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है. इसके लक्षण शुरुआत में बिल्कुल सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, पेट खराब होना और हल्की खांसी. कुछ लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण भी नहीं दिखते. लेकिन गंभीर मामलों में यह वायरस किडनी और फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और खासकर “न्यू वर्ल्ड हंतावायरस” फेफड़ों में तेजी से असर डालता है, जिससे सांस की नली तक बंद हो सकती है.
अगर इसकी तुलना आम फ्लू से करें, तो हंतावायरस कहीं ज्यादा खतरनाक है. एशिया और यूरोप में पाए जाने वाले हंतावायरस में मौत की दर करीब 14% तक हो सकती है, जबकि अमेरिका में यह 40% से भी ज्यादा तक पहुंच सकती है. वहीं सामान्य फ्लू में मौत की संभावना बहुत कम होती है.
दुनिया भर में यह वायरस कई देशों में पाया जाता है. चीन, रूस और साउथ कोरिया में हर साल हजारों केस सामने आते हैं. वहीं यूएस, फिनलैंड और फ्रांस में सैकड़ों केस हर साल दर्ज होते हैं. यह संक्रमण साल भर कभी भी हो सकता है.
पीएम मोदी ने लोगों से तेल कम यूज करने को कहा है. इतना ही नहीं, वर्क फ्रॉम होम की भी अपील की है. इसी बीच हंता वायरस और इबोला वायरस भी कहर बरपा रहा है. ऐेसे में आपके घर पर भी जरूरी गैजेट्स होने चाहिए जो समय पड़ने पर लाइव सेवर बन सकते हैं.
कोविड के बाद से लोग अपने घर में कई तरह के हेल्थ डिवाइस रख रहे हैं. हंतावायरस इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है. हालांकि इससे पैनिक होने की जरूरत नहीं है. घर में कुछ हेल्थ डिवाइस जरूर रखें, ताकि इमरजेंसी सिचुएशन में काम आ सकें.
Hantavirus एक खतरनाक Virus है जो चूहों के Urine, Saliva और मल से इंसानों तक पहुंचता है. यह Coronavirus की तरह हवा में तेजी से नहीं फैलता. Experts के मुताबिक, सिर्फ Andes Strain में Human To Human संक्रमण संभव है. Virus फेफड़ों और Kidney पर गंभीर असर डाल सकता है जिससे Health Risk बढ़ जाता है.
Hantavirus को लेकर Scientists और WHO की चिंता बढ़ गई है क्योंकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया कि Virus इंसान के शरीर में कितने समय तक जिंदा रह सकता है. हालिया मामलों के बाद Health Agencies लगातार निगरानी कर रही हैं. Experts के मुताबिक यह Virus तेजी से फैलने वाला खतरा बन सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि एंडीज हंतावायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रहता है, इसकी जानकारी बहुत कम है. WHO अब स्पेशल स्टडी कर रहा है.
हंतावायरस पुरुषों के स्पर्म में 6 साल (71 महीने) तक जीवित रह सकता है. स्विट्जरलैंड की स्टडी में पाया गया कि ठीक हो चुके व्यक्ति में भी वायरस टेस्टिस में छिपा रहता है. यौन संबंध से इसके फैलने का खतरा रहता है.
Hantavirus पुरुषों के Sperm में 6 साल तक जिंदा रह सकता है, Recovery के बाद भी बीमारी का खतरा बना रह सकता है. Hantavirus को लेकर आई इस नई Research ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है. Switzerland की Study में दावा किया गया है कि यह खतरनाक Virus पुरुषों के Sperm में करीब 6 साल तक जिंदा रह सकता है.
एमवी होंडियस क्रूज शिप पर फैले एंडीज स्ट्रेन हंतावायरस ने चिंता बढ़ा दी है. अब तक 3 मौतें हो चुकी हैं. डर है कि यह वायरस सिर्फ लंबे करीबी संपर्क के अलावा अन्य तरीकों से भी फैल सकता है.
हंतावायरस का आउटब्रेक MV Hondius क्रूज शिप पर फैल गया. अब तक 11 मामले सामने आए, जिनमें 3 मौतें हुई हैं. WHO ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में और मामले मिल सकते हैं.
ब्रिटिश आर्मी के मेडिकल स्टाफ ने दक्षिण अटलांटिक के सुदूर द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा पर पैराशूट से कूदकर MV होंडियस क्रूज शिप से उतरे एक ब्रिटिश नागरिक की मदद की, जिसे हंतावायरस संक्रमण हुआ था. तेज हवाओं के बीच किया गया यह मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण था.
हंटा वायरस से जुड़े मामले लगातार दुनिया भर में बढ़ते जा रहे है. फ्रांस में हंटा वायरस के अबतक 22 मामले सामने आ चुके है. इससे पहले WHO ने हंटा वायरस को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बड़े पैमाने पर फिलहाल हंटा वायरस नहीं फैलता नहीं दिख रहा है. क्रूज शिप पर मौजूद मरीजों पर अधिकारियों की नजर है.
दुनिया भर में हर साल 60 हजार से 1 लाख लोग हंतावायरस से संक्रमित होते हैं, लेकिन कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है. मॉडर्ना कंपनी वैक्सीन पर काम कर रही है, जो अभी प्रीक्लिनिकल स्टेज में है.
दुनिया में 'हंतावायरस' के दस्तक देने से हड़कंप मच गया है. एक क्रूज शिप पर यात्रियों और क्रू सदस्यों के संक्रमित होने और तीन मौतों के बाद WHO ने गाइडलाइंस जारी की हैं.
अटलांटिक महासागर में एक क्रूज पर फैले हंता वायरस के बाद यात्रियों का रेस्क्यू किया गया. 22 ब्रिटिश यात्रियों को लेकर विमान मैनचेस्टर पहुंचा. यात्रियों को अब 45 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा. देखें दुनिया आजतक.
अंटार्कटिक क्रूज MV होंडियस पर हंता वायरस के मामले के बाद स्थिति गंभीर हो गई है. एक डच पक्षी विज्ञानी को संक्रमण का शुरुआती संदिग्ध यानी 'पेशेंट जीरो. माना जा रहा है. इसी बीच स्पेन सरकार ने फंस यात्रियों को बाहर निकालने का आदेश दिया है.
स्पेन के कैनरी आइलैंड के पास खड़े डच क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण की आशंका के बीच मौजूद दो भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित पाए गए हैं. भारतीय दूतावास ने बताया कि दोनों भारतीयों में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं है और उन्हें एहतियातन नीदरलैंड में क्वारंटीन किया गया है.
क्रूज शिप पर हंतावायरस के प्रकोप से 3 लोगों की मौत के बाद अलर्ट जारी किया गया है. चूहों से फैलने वाला यह जानलेवा वायरस अब इंसानों के जरिए भी पैर पसार रहा है. WHO और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने लक्षणों को पहचानकर तुरंत इलाज की सलाह दी है.
हंतावायरस से प्रभावित लग्जरी क्रूज शिप एमवी होंडियस स्पेन पहुंच गई है. यात्रियों को हाई-रिस्क मानते हुए सुरक्षित निकासी शुरू हो गई है. WHO चीफ ने टेनेरिफ निवासियों को आश्वासन दिया कि स्थिति नियंत्रण में है.
हंतावायरस वाला क्रूज शिप एमवी होंडियस स्पेन के कैनरी द्वीप पहुंच रहा है, जहां 140 लोगों को आइसोलेट किया जाएगा. WHO प्रमुख भी वहां मौजूद रहेंगे. कैनरी द्वीप के लोग अब डरे हुए हैं.
क्रूज शिप पर हंता वायरस मामलों की खबरों के बीच ICMR-NIV और AIIMS के विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत में फिलहाल महामारी या बड़े संक्रमण का कोई खतरा नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस मुख्य रूप से चूहों से फैलता है और इंसानों के बीच इसका फैलाव बेहद दुर्लभ है.
क्रूज शिप पर हंतावायरस का संक्रमण फैल गया है. 5 मामले कन्फर्म हुए हैं. 3 मौतें हुई हैं. 29 यात्री सेंट हेलेना में उतरे और 12 देशों में फैल गए. स्वास्थ्य विभाग दुनिया भर में संपर्क कर रहे हैं.