छह साल पहले मानव तस्करी की शिकार हुई झारखंड की एक किशोरी को दिल्ली के रोहिणी से सुरक्षित छुड़ा लिया गया. 16 साल की पीड़िता को झारखंड से तस्करी कर दिल्ली लाया गया था. इसके बाद इसे मुंबई ले जाकर 1 लाख रुपये में बेच दिया गया.
आरोपियों ने किशोरी के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे एडल्ट दिखाया और फिर उसका सौदा कर दिया. इसके बाद मुंबई में ही पीड़िता की जबरदस्ती शादी भी करा दी गई.
पश्चिम सिंहभूम के SP अमित रेणु ने बताया कि झारखंड पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम एक NGO की मदद से पीड़िता को छुड़ाने में कामयाब रहे.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि किशोरी को वापस रांची लाया जा रहा है. रांची पहुंचने के बाद जब उससे पूछताछ की जाएगी, तब इस पूरे रैकेट और इसके पीछे काम कर रही प्लेसमेंट एजेंसी के बारे में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.
पीड़िता को बहला-फुसलाकर दिल्ली लाए थे तस्कर
पुलिस से अब तक की पूछताछ में पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई. उसने बताया कि जब वो बहुत छोटी थी, तभी तस्कर उसे झारखंड से बहला-फुसलाकर दिल्ली ले आए थे. दिल्ली में उससे जबरन घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करवाया गया. इसके बाद तस्कर उसे मुंबई ले गए, जहां 1 लाख रुपये में उसका सौदा कर दिया और उसकी जबरन शादी करा दी.
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टॉर्चर सहती रही किशोरी
पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद उसे दोबारा दिल्ली लाया गया. इस दौरान उसे शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर भी किया गया. पुलिस अब इस मामले में मानव तस्करी की धाराओं के साथ-साथ जाली दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के मामलों की भी अलग से जांच कर रही है.