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जेल से चलाता है गैंग, निशाने पर सेलेब्स, वसूली से लेकर हथियारों की तस्करी तक... बल्लू के गैंगस्टर लॉरेंस बनने की पूरी कहानी

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला होने के बाद मायानगरी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बढ़ते आतंक पर चर्चा हो रही है. क्योंकि शातिर लॉरेंस जेल में बैठकर साजिश रचता है, बाहर उसके गुर्गे उसे साजिश को अंजाम तक पहुंचाते हैं. पढ़ें देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस की कहानी.

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लॉरेंस का असली नाम बालकरन बराड़ उर्फ बल्लू है (फोटो-ITG)
लॉरेंस का असली नाम बालकरन बराड़ उर्फ बल्लू है (फोटो-ITG)

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला होने के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम एक बार फिर चर्चाओं में है. कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बैठकर देश ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी जुर्म का नेटवर्क बनाने वाले लॉरेंस की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. वो जेल में बैठकर साजिश रचता है. बाहर उसके गुर्गे उसे साजिश को अंजाम तक पहुंचाते हैं. वो वारदात की प्लानिंग करता है और देश के किसी भी कोने में उसके शूटर गोलियां बरसाते हैं. 

लॉरेंस के कई साथी गैंगस्टर विदेशों में बैठकर उसका हुक्म बजाते हैं. उसके इशारे पर किसी भी संगीन से संगीन वारदात को अंजाम दे सकते हैं. अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला होने के बाद लॉरेंस गैंग का नाम फिर सुर्खियों में आ गया है. आइए जान लेते हैं इस कुख्यात गैंग की क्राइम कुंडली.

दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1990 को हुआ था. उसका नाम असली नाम है बालकरन बराड़ उर्फ बल्लू. उसके पिता पंजाब पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात थे और यहां रोचक बात ये है कि ना सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई के पिता पुलिस में तैनात थे बल्कि आज उसे जिस गैंगस्टर से सबसे ज्यादा कंपेयर किया जाता है यानी दाऊद इब्राहीम के पिता भी पुलिस में ही थे. लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. 

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जेल में बंद रहते हुए उसका नाम मुंबई के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में आया है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने बकायदा सोशल मीडिया पर क्लेम भी किया था और हत्याकांड की जिम्मेदारी भी ली थी. इसी तरह सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग किए जाने के मामले में भी इसी गैंग का नाम आया था.

जैसा कि लॉरेंस बिश्नोई ने बताया है कि 2007 में उसने लॉ की पढ़ाई करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था, 2008 में पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव में लॉरेंस का दोस्त रॉबिन चुनाव लड़ रहा था. तब रॉबिन के सामने एक और उम्मीदवार खड़ा हुआ, जिसे धमकाने के लिए लॉरेंस ने अपने दोस्त की लाइसेंसी पिस्टल से उस पर फायरिंग की थी. यह पहली बार था जब लॉरेंस बिश्नोई पर 307 का केस दर्ज हुआ था, उसके बाद वो जेल भी गया था. 

2011 में जीता था अध्यक्ष पद का चुनाव

जेल से फिर वो दो चार महीने में ही बाहर आ गया. जाहिर सी बात है कि पहली बार जब लॉरेंस बिश्नोई जेल में गया तो वहां उसकी मुलाकात क्रिमिनल माइंड वाले लोगों से हुई हुई होगी. इधर लॉरेंस जेल से बाहर आया और दूसरी ओर उसका दोस्त रोबिन चुनाव हार गया. इसके बाद 2010 में लॉरेंस ने कॉलेज में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा लेकिन हार गया. 

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इस हार का बदला लेने के लिए लॉरेंस और उसके दोस्तों ने जीते हुए उम्मीदवार के हाथ पैर तोड़ दिए. इसके बाद फिर लॉरेंस को जेल जाना पड़ा और काफी वक्त जेल में गुजारना पड़ा. जमानत से रिहा होने के बाद वो फिर छात्र राजनीति पर ध्यान देने लगा. 2011 में लॉरेंस ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान लॉरेंस की मुलाकात गोल्डी बराड़ से हुई. 

लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ छात्र राजनीति के बहाने पंजाब में सक्रिय थे. उन्होंने पंजाब के छोटे मोटे इलेक्शन लड़ना शुरू कर दिया. उसके बाद 2012 में लॉरेंस बिश्नोई ग्रेजुएट हुआ और छात्र राजनीति में अपना दबा दबदबा बनाने के लिए उसने गैंग बनाया. इसमें संपत नेहरा शामिल हुआ. संपत नेहरा हरियाणा का वो गैंगस्टर है जो सबसे पहले 2018 में सलमान खान को मारने के लिए मुंबई गया था. 

इससे पहले संपत नेहरा ने 2013 में मुक्तसर के सरकारी कॉलेज में लॉरेंस के उम्मीदवार को चुनाव हराने वाले उम्मीदवार की हत्या करा दी थी. इसके बाद उसने लुधियाना नगर निगम चुनाव में अपने दोस्त के चचेरे भाई के खिलाफ खड़े उम्मीदवार को भी गोली मारकर हत्या करवा दी. बताया जाता है कि गोल्डी बराड़ फिलहाल अमेरिका में मौजूद है और उसने ही सिद्धू मूसेवाले की हत्या करवाई थी. इस हत्या की पूरी प्लानिंग उसने ही की थी. हत्याकांड के बाद गोल्डी बराड़ ने इंटरव्यू में स्वीकारा था कि उसने ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई थी. 

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ऐसे चलता है लॉरेंस का साम्राज्य

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इस वक्त गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में बंद है. लेकिन उसने अपना जाल बट्टा कुछ ऐसे फैलाया कि अब वो जेल के अंदर रहे या फिर बाहर, उसे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. कहने का मतलब ये कि वो जेल में बैठे-बैठे ही बड़ी आसानी से जो चाहता है, वो करता है. जेल में बैठे-बैठे ही वो अपने दुश्मनों के नाम की सुपारी निकालता है और जेल में बैठे-बैठे ही करोड़ों की वसूली करता है. एनआईए की पूछताछ में उसने अपने काम करने की पूरी मॉडस ऑपरेंडी और उसका हर सच बेपर्दा कर दिया था.

एक फोन कॉल, और करोड़ों की उगाही

दिल्ली की तिहाड़ जेल के अलावा राजस्थान के भरतपुर, पंजाब के फरीदकोट जेस में रहते हुए भी उसने उत्तर भारत के कारोबारियों करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की. कभी उसने राजस्थान के कारोबारियों से, कभी उसने चंडीगढ़ के कम से कम 10 क्लब मालिकों से, कभी अंबाला के सभी मॉल मालिकों से, कभी शराब कारोबारियों से और कभी दिल्ली और पंजाब के सटोरियों से करोड़ों की उगाही की. जेल में लॉरेंस के गुर्गे ऐसे कारोबारियों और धंधेबाज़ों के नंबर लेकर आते थे, और लॉरेंस के नाम पर जानेवाले एक एक फोन कॉल पर करोड़ों रुपये उसके बताए ठिकाने पर पहुंच जाते थे.

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क्रशर मालिकों से वसूली

एनआईए सूत्रों की मानें तो गोल्डी बराड़, काला राणा, गुरलाल बराड़ और काला जठेड़ी जैसे गैंगस्टर अक्सर ऐसे नंबर लॉरेंस को मुहैया करवाते रहे हैं. इनमें गुरलाल बराड़ का तो खैर कत्ल हो चुका है, लेकिन बाकी गैंगस्टरों की ओर से ये सिलसिला अब भी जारी है. लॉरेंस ने अपने सिंडिकेट की बारीकियों का खुलासा करते हुए बताया है कि उसका जाल राजस्थान तक फैला हुआ है. वहां के कई क्रशर मालिकों और स्टोन करोबारियों से भी उसके गैंग ने करोड़ों रुपये वसूल किए हैं. लॉरेंस की ओर से गैंगस्टर आनंदपाल के भाई विक्की सिंह और मंजीत सिंह उसके लिए राजस्थान में वसूली करते हैं.

हथियारों की तस्करी

लेकिन ये तो रही गैंग की कमाई की बात.. लॉरेंस के गैंग से जुड़े गुर्गे और खुद लॉरेंस सालों से अपने गैंग के लिए हथियारों की तस्करी करता रहा है. उसने कबूला है कि साल 2018 से 2022 तक उसने यूपी के खुर्जा से अपने करीबी गैंगस्टर रोहित चौधरी के मार्फत आर्म्स सप्लायर कुर्बान चौधरी उर्फ शहजाद से हथियारों की मोटी खेप खरीदी थी. इनमें करीब 2 करोड़ रुपये के 25 हथियार शामिल थे. 

इन हथियारों में 99 एमएम की पिस्टल से लेकर एके 47 जैसे खौफनाक हथियार भी थे, आम लोगों के लिए जिनके इस्तेमाल पर रोक है. लेकिन तस्करी के जरिए लॉरेंस का गैंग ऐसे हर हथियार जुटाता रहा है और तफ्तीश में ये बात साफ हो चुकी है कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल लॉरेंस गैंग की ओर से किया जा चुका है.

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लॉरेंस ने ही दिलाई थी जिगाना पिस्टल

एनआईए की पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई का एक-एक सच सामने आ गया था. लॉरेंस ने खुद अपनी जुबान से वो सच कबूल किया था. दिल्ली में जितेंद्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच पुरानी दुश्मनी रही है. और इन दोनों गैंग्स में गोगी का गैंग लॉरेंस बिश्नोई के खेमे का गैंग माना जाता है. ऐसे में लॉरेंस ने ये माना है कि साल 2021 में उसी ने अपने साथी गोल्डी बराड के जरिए जितेंद्र गोगी को दो जिगाना पिस्टल दिलवाई थी. 

लॉरेंस को फॉलो करते थे अतीक के कातिल

हैरानी की बात ये है कि लॉरेंस ने गोगी गैंग को जो दो जिगाना पिस्टल दी थी. उसी से यूपी के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी. अतीक और अशरफ के कातिल सनी सिंह, अरुण मौर्य और लवलेश तिवारी ने ये कबूल किया था कि उन्होंने जिन जिगाना पिस्टल से अतीक और अशरफ को गोली मारी थी, वो पिस्टल उन्हें दिल्ली के गोगी गैंग से मिली थी. इतना ही नहीं पूछताछ में तीनों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का फैन होने की बात भी बताई थी. ये तीनों शूटर सालों से लॉरेंस बिश्नोई को फॉलो और कॉपी कर रहे थे.

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सिद्धू मूसेवाला की हत्या से कनेक्शन

मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल की तफ्तीश के दौरान ये बात पहले ही साफ हो चुकी थी कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ ने ही सिद्धू मूसेवाला का कत्ल करवाया था. लेकिन बाद में लॉरेंस ने पूछताछ में ये भी बताया कि इस काम के लिए उसने अपने साथी गोल्डी बराड़ को हवाला के जरिए पूरे 50 लाख रुपये भिजवाए थे और इन रुपयों का इस्तेमाल कत्ल की पूरी साजिश को अंजाम देने में किया गया. 

गोल्डी बराड़ पहले ही इस कत्ल की जिम्मेदारी खुद ले चुका था और तफ्तीश ये बात भी सामने आ चुकी थी कि किस तरह से रेकी के लिए गुर्गों को जुटाने से लेकर शूटआउट के लिए शूटरों तक का इंतजाम उसने विदेश से बैठे-बैठे किया था.

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद गोल्डी को अमेरिका के कैलिफोर्निया से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भारतीय एजेंसियों से बात की है. हालांकि, बाद में ये महज एक अफवाह निकली थी. 

सिंगर हनी सिंह को मिली थी धमकी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हरदेश सिंह उर्फ हनी सिंह के मैनेजर रोहित छाबड़ा के फोन पर धमकी भरा कॉल आया था. कॉल करने वाले ने अपने आप को गोल्डी बराड़ बताया और 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी. इसके बाद मैनेजर को इसी नंबर से कॉल और वॉइस नोट आए और धमकी दी गई थी. पुलिस ने हनी सिंह की शिकायत पर स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 387 (जबरन वसूली के लिए व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट के डर में डालना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है.

गैंगस्टर सचिन बिश्नोई की करतूत

भारत से 3,700 किमी दूर अजरबैजान में बैठे सचिन बिश्नोई ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो विदेश में पकड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा ही हुआ और उसे अजरबैजान में गिरफ्तार कर लिया गया था. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पहले दिन से ही उसका नाम आ रहा था. मगर सचिन कानून की पहुंच से बहुत दूर था. 

शातिर सचिन बिश्नोई जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. जो विदेश में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट करता था. पुलिस का दावा था कि सचिन के कहने पर ही संदीप उर्फ केकड़ा ने सिद्धू मूसेवाला की रेकी की थी, क्योंकि वो सचिन का दोस्त है. यानी सीधे तौर पर सचिन का इस मर्डर केस से नाता है.

गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई उर्फ भानू

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस का आरोपी और बिश्नोई गैंग का अहम किरदार अनमोल बिश्नोई उर्फ भानू भी विदेशी जमीन पर बैठकर भारत के खिलाफ साजिशें करता रहता था. मूसेवाला मर्डर केस का ये अहम आरोपी अमेरिका में एक पार्टी में डांस करता दिखाई दिया था. उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. बताया गया था कि वह पंजाबी सिंगर करण औजला और शैरी मान के शो में शामिल हुआ था. अनमोल बिश्नोई गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का भाई है और मूसेवाला मर्डर केस में आरोपी था. 

सिद्धू की हत्या के बाद वो दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर भारत से फरार हो गया था. चौंकाने वाली बात ये थी कि कुछ महीनों पहले कीनिया में अनमोल के डिटेन होने की खबर आई थी. जिस पर विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी थी. लेकिन उसके पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई थी. भानू पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के साथ-साथ फिल्म और कॉर्पोरेट वर्ल्ड से जुड़े लोगों की टारगेट किलिंग्स करने का आरोप है. बाद में उसे विदेशी धरती पर गिरफ्तार कर लिया गया. 

अनमोल बिश्नोई गैंगस्टर लॉरेंस का छोटा भाई है. वो फिलहाल, दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. असल में उसे नवंबर 2025 में अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया गया था. वो मुंबई में NCP नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य आरोपी है. उसके आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' (BKI) और भारतीय आपराधिक गिरोहों के साथ कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.

गैंगस्टर रोहित गोदारा

साल 2023 में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उसके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस वारदात की जिम्मेदारी लेते हुए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक कुख्यात गुर्गे रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया था. जिसमें उसने लिखा था- 

"राम-राम सभी भाइयों को, मैं रोहित गोदारा कपूरीसल, गोल्डी बरार, भाइयों आज यह जो सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या हुई है. इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हम लेते हैं. यह हत्या हमने करवाई है. भाइयों मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह हमारे दुश्मनों से मिलकर उनका सहयोग करता था. उनको पूर्ण रूप से मजबूत करने का काम करता था." 

इस वायरल पोस्ट में गैंगस्टर ने अपने दुश्मनों को भी चेतावनी दी थी. जानकारी के मुताबिक रोहित दुबई और कनाडा में रहकर लॉरेंस के इशारे पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता रहा है.

सलमान खान के घर पर हमला

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के मुंबई स्थित बांद्रा के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर 14 अप्रैल 2024 की सुबह करीब 5 बजे बाइक सवार दो हमलावरों ने गोलीबारी की थी. पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उनके घर की ओर पांच राउंड गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए थे. इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था, जो अब जेल में बंद है. 

मुंबई पुलिस ने जुलाई 2024 में दाखिल चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई समेत नौ आरोपियों के नाम शामिल किए. पुलिस की जांच में सामने आया कि इस हमले के पीछे सलमान खान और उनके परिवार में डर पैदा करने के साथ बॉलीवुड में गैंग का दबदबा स्थापित करने की साजिश थी. सलमान खान ने पुलिस को दिए बयान में आशंका जताई थी कि हमले का मकसद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारना था.

NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय से निकलकर कार की ओर जा रहे थे, तभी तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं. गंभीर रूप से घायल बाबा सिद्दीकी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी. 

इस हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया और गैंग से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. मुंबई पुलिस की जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश में अनमोल बिश्नोई की कथित भूमिका सामने आई थी. फरवरी 2026 में विशेष अदालत ने मामले में गिरफ्तार 27 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए, जबकि अनमोल बिश्नोई भी इस मामले में वांछित आरोपी के तौर पर नामजद था.

निशाने पर कपिल शर्मा का कैफे
 
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे (Kap’s Café) को साल 2025 में तीन बार गोलीबारी का निशाना बनाया गया. पहली घटना 10 जुलाई 2025 को हुई, जब कैफे पर कम से कम आठ गोलियां चलाई गईं. इसके बाद 7 अगस्त 2025 को दूसरी बार फायरिंग हुई. तीसरी घटना 16 अक्टूबर 2025 को हुई, जब हमलावरों ने कैफे पर गोलियां चलाईं. इन घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई. हमलों के बाद सोशल मीडिया पर कथित गैंगस्टरों की ओर से धमकी भरे संदेश भी सामने आए. इन हमलों की साजिश में भी इसी गैंग का नाम आया था. 

दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग

बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित घर के बाहर 11 और 12 सितंबर 2025 को लगातार दो दिन फायरिंग की घटना हुई थी. पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को दो नाबालिगों ने घर के पास हवाई फायरिंग की थी, जबकि 12 सितंबर की सुबह बाइक सवार दो हमलावरों ने उनके सिविल लाइंस स्थित आवास के बाहर कई राउंड गोलियां चलाईं थीं. घटना के समय दिशा के माता-पिता और उनकी बहन खुशबू पाटनी घर में मौजूद थे, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं आई. 

वारदात के बाद सोशल मीडिया पर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े लोगों की ओर से जिम्मेदारी लेने और बॉलीवुड को धमकी देने वाला पोस्ट सामने आया था. पुलिस ने पोस्ट की जांच की और मामले में आरोपियों की पहचान की. बाद में फायरिंग में कथित तौर पर शामिल दो शूटर 17 सितंबर 2025 को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे.

अब टाइगर श्रॉफ पर हमला

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग की घटना हुई. पुलिस के मुताबिक, टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं. इस हमले में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की खबर सामने आई. घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले अनिल पंडित और हरमन संधू ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. कथित पोस्ट में सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्मी सितारों को भी धमकी दी गई. हालांकि, मुंबई पुलिस ने अब तक गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है.

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