परवेज़ सागर भारत के एक कुशल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट, टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया क्षेत्र में ढाई दशकों से अधिक का अनुभव है. वह वर्तमान में आज तक डिजिटल (टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड) में सीनियर एसोसिएट एडिटर (Senior Associate Editor) के रूप में कार्यरत हैं, वे क्राइम सेक्शन के हेड हैं. इंडिया टुडे ग्रुप के साथ यह उनका दूसरा कार्यकाल है, वे पूर्व में भी 'आज तक' के साथ रिपोर्टर के तौर पर पांच साल काम कर चुके हैं. वह समाचारों और न्यूज़ रूम में AI के बेहतर इस्तेमाल और नए प्रयोगों के लिए भी जाने जाते हैं.
आज तक के साथ दूसरी पारी शुरू करने से पहले परवेज़ सागर ने समाचार मीडिया जगत में कई हाई-प्रोफाइल पदों पर काम किया है. उन्होंने भास्कर न्यूज़ में रेजिडेंट एडिटर, ज़ी न्यूज़ सीजी में दिल्ली के ब्यूरो हेड, महुआ न्यूज़ लाइन उत्तर प्रदेश में ब्यूरो चीफ और आज तक के यूपी ब्यूरो में संवाददाता के रूप में काम किया. इससे पहले वे सहारा समय यूपी, ईटीवी यूपी और दैनिक जागरण, शाह टाइम्स और पब्लिक एशिया जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में रिपोर्टर के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं.
पत्रकार के रूप में विशेष पहचान बनाने के अतिरिक्त, परवेज़ सागर आधुनिक पत्रकारिता के एक अनुभवी शिक्षक भी हैं. वह सात वर्षों तक इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) में छात्रों को टीवी न्यूज़ और डिजिटल मीडिया पढ़ाते रहे हैं. aajtak.in समेत आज तक के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्राइम कथा के नाम से प्रसारित होने वाले उनके स्पेशल वीडियो एक्सप्लेनर दर्शकों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं. इसके साथ ही वह दुनिया के सबसे बड़े YouTube न्यूज़चैनल Aaj Tak पर प्रसारित होने वाले क्राइम शो 'अपराध का जहां' के सफल एंकर रहे हैं.
परवेज़ सागर उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण और विकास पर दो डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बना चुके हैं. अपने काम की वजह से उन्हें उत्तर भारत में अपराध और राजनीतिक समाचारों की कवरेज के लिए विशेष पहचान मिली. उन्हें विशेष रूप से यूपी के ताज कॉरिडोर केस, लखनऊ एलडीए घोटाला, आगरा में सीपीएमटी पेपर लीक और 2007 में आज तक पर प्रसारित जहरीली सब्जियों की बिक्री पर उनके स्टिंग ऑपरेशन के लिए जाना जाता है. जहरीली सब्जियों पर उनकी रिपोर्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इसके अलावा उन्होंने कई पुलिस एनकाउंटर ऑनसाइट और लाइव कवर किए. साथ ही चंबल के कुख्यात डाकू निर्भय गुर्जर का आखिरी इंटरव्यू करने वाली 'आज तक' की टीम में भी वो शामिल थे.
परवेज़ सागर उत्तर भारत के उन पत्रकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों समेत देश के कई प्रमुख राजनेताओं के साथ यात्राएं की और उनके कार्यक्रम कवर किए. इन नेताओं में लाल कृष्ण आडवानी, ओम प्रकाश चौटाला, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव, नारायण दत्त तिवारी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक जैसे नाम प्रमुख हैं.
अप्रैल 2004 में परवेज़ सागर तीन दिनों तक भारत के उप प्रधान मंत्री लाल कृष्ण आडवानी के साथ रहे और 'आज तक' के लिए भारत उदय यात्रा को कवर किया. उन्होंने राजस्थान के भरतपुर से लेकर यूपी के लखनऊ तक भारत उदय यात्रा को कवर किया था. इस दौरान वे लगातार लाइव चैट भी कर रहे थे.
जनपद सहारनपुर के रामपुर मनिहारान कस्बे के पास साल 2000 में विनोद गुप्ता चैरिटेबल फाउंडेशन ने श्रीमती रामरती गुप्ता महिला पॉलिटेक्निक की शुरुआत की थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने अपने हाथों से किया था. परवेज़ सागर उस वक्त सहारनपुर के उन चंद पत्रकारों में शामिल थे, जिन्होंने उस महत्वपूर्व इवेंट को कवर किया था. साथ ही उन्होंने अपने याशिका कैमरे से बिल क्लिंटन की एक ऐसी तस्वीर ली थी, जिसे दैनिक जागरण ने मुख पृष्ठ पर प्रकाशित किया था. साथ ही उनकी एक साइड स्टोरी को भी मैन पेज पर जगह मिली थी.
एक पत्रकार के रूप में उन्हें अपने काम की बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी है. जनहित के मुद्दों, भ्रष्टाचार और घोटालों पर उनकी बेबाक रिपोर्टिंग के परिणामस्वरूप उन्हें कई बार धमकियां मिलीं और उन पर दो बार हमला भी किया गया. इसी कारण बाद में उन्हें सरकार ने तीन साल के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की. हालांकि इन सबके बावजूद वे अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं और उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए नेशनल मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा स्व. नरेंद्र चंचल की अध्यक्षता वाले एकता मिशन ने उन्हें उनकी शानदार टीवी रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर ऑफ द ईयर 2007 के खिताब से नवाजा था.
इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से उन्हें साल 2015-16 के लिए मोस्ट हार्ड वर्किंग इम्पलोई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. विशेष बात ये है कि यह पुरुस्कार अभी तक इंडिया टुडे ग्रुप के केवल 16 लोगों को ही दिया गया है.
खबरों में महारात और मीडिया जगत में अपने शानदार काम के अलावा, परवेज़ सागर एक रंगकर्मी, वॉयस-ओवर आर्टिस्ट, गायक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं. उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) और भारतेंदू नाट्य अकादमी (BNA) की कार्यशालाओं में भागीदारी कर रंगकर्म के गुण सीखे हैं. नाटकों में अधिकतर वे सूत्रधार और गायक के तौर पर प्रस्तुति देते रहे.
पर्यावरण एवं जल संरक्षण के साथ-साथ वे बच्चों और महिलाओं के यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे हैं. इसके अलावा उन्हें मित्र मंडली के साथ बैठना और बातें करना पसंद है. उन्हें ट्रेवलिंग, फोटोग्राफी, संगीत, शायरी, कविताओं और विभिन्न प्रकार व्यंजनों का शौक भी है. उनकी विविध रुचियों और अलग अंदाज में कहानी सुनाने के जुनून ने उन्हें भारतीय मीडिया जगत में एक प्रमुख और अलग पहचान दिलाई है.