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परवेज़ सागर

परवेज़ सागर

Senior Associate Editor , TVTN

Parvez.Sagar@aajtak.com

परवेज़ सागर भारत के एक कुशल पत्रकार हैं, जिनके पास समाचार और मीडिया क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है. वह वर्तमान में आज तक डिजिटल (टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड) में सीनियर एसोसिएट एडिटर (Senior Associate Editor) के रूप में कार्यरत हैं, वेक्राइम सेक्शन के हेड हैं. इंडिया टुडे ग्रुप के साथ यह उनका दूसरा कार्यकाल है, वे पूर्व में भी 'आज तक' के साथ रिपोर्टर के तौर पर पांच साल काम कर चुके हैं.

आज तक के साथ दूसरी पारी शुरू करने से पहले परवेज़ सागर ने समाचार मीडिया जगत में कई हाई-प्रोफाइल पदों पर काम किया है. उन्होंने भास्कर न्यूज़ में रेजिडेंट एडिटर, ज़ी न्यूज़ सीजी में दिल्ली के ब्यूरो हेड, महुआ न्यूज़ लाइन उत्तर प्रदेश में ब्यूरो चीफ और आज तकके यूपी ब्यूरोमें संवाददाता के रूप में काम किया है. इससे पहले वे सहारा समय यूपी, ईटीवी यूपी और दैनिक जागरण, शाह टाइम्स और पब्लिक एशिया जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में रिपोर्टर के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं.

पत्रकार के रूप में विशेष पहचान बनाने के अतिरिक्त, परवेज़ सागर आधुनिक पत्रकारिता के एक अनुभवी शिक्षक भी हैं. वह पिछले कई वर्षों से इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) में छात्रों को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं. aajtak.in समेतआज तक के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मपर क्राइम कथा के नाम सेप्रसारित होने वाले उनके स्पेशल वीडियो एक्सप्लेनरदर्शकों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं. इसके साथ ही वह दुनिया के सबसे बड़े YouTube न्यूज़चैनल Aaj Tak पर प्रसारित होने वाले क्राइम शो 'अपराध का जहां' के सफलएंकर हैं. उनका यह शो हर दिन 'आज तक' यूट्यूब पर देखा जा सकता है.

परवेज़ सागर उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण और विकास पर दो डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बना चुकेहैं. अपने काम की वजह से उन्हें उत्तर भारत में अपराध और राजनीतिक समाचारों की कवरेज के लिए विशेष पहचान मिली. उन्हें विशेष रूप से यूपी के ताज कॉरिडोर केस, लखनऊएलडीए घोटाला और 2007 में आज तकपर प्रसारित जहरीली सब्जियों की बिक्री पर उनके स्टिंग ऑपरेशन के लिए जानाजाताहै. जहरीली सब्जियों पर उनकी रिपोर्ट ने पूरेदेश को झकझोर कर रख दिया था.

एक पत्रकार के रूप में उन्हें अपने काम की बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी है. जनहित के मुद्दों, भ्रष्टाचार और घोटालों पर उनकी बेबाक रिपोर्टिंग के परिणामस्वरूप उन्हें कई बार धमकियां मिलीं और उन पर दो बार हमला भी किया गया. इसी कारण बाद में उन्हें सरकार ने तीन साल के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की. हालांकि इन सबके बावजूद वे अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं और उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए नेशनल मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा स्व. नरेंद्र चंचल की अध्यक्षता वाले एकता मिशन ने उन्हें उनकी शानदार टीवी रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर ऑफ द ईयर 2007 के खिताब से नवाजा था.

इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से उन्हें साल 2015-16 के लिए मोस्ट हार्ड वर्किंग इम्पलोई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. विशेष बात ये है कि यह पुरुस्कार अभी तक इंडिया टुडे ग्रुप के केवल 16 लोगों को ही दिया गया है.

खबरों में महारात और मीडिया जगत में अपने शानदारकाम के अलावा, परवेज़ सागर एक वॉयस-ओवर कलाकार, गायक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं. उन्हें ट्रेवलिंग, फोटोग्राफी, संगीत, शायरी, कविताओं और भिन्न प्रकार व्यंजनों का शौक भी है. उनकी विविध रुचियों और अलग अंदाज में कहानी सुनाने के जुनून ने उन्हें भारतीय मीडिया जगत में एक प्रमुख व्यक्ति बनाया है.

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