उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए UP RERA ने 15 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं पर करीब 1,226.57 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इनके तहत प्रदेश के आठ जिलों में कुल 1,549 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा. यूपी रेरा ने मंगलवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी.
इन परियोजनाओं को प्राधिकरण की 216वीं बैठक में मंजूरी दी गई. बैठक की अध्यक्षता यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने की. प्राधिकरण के मुख्यालय में हुई इस बैठक में परियोजनाओं के प्रस्तावों की जांच के बाद उन्हें मंजूरी दी गई.
लखनऊ में सबसे ज्यादा 7 परियोजनाओं को मंजूरी
यूपी रेरा के मुताबिक, लखनऊ में सबसे ज्यादा सात आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन पर 471.24 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. इनके तहत कुल 599 आवासीय यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा.
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वाराणसी में दो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है. इनमें एक आवासीय और दूसरा ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें रहने के साथ दूसरे तरह के कामों के लिए भी जगह होगी. इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर 166.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इनके तहत कुल 330 यूनिट्स बनाई जाएंगी. वहीं, मथुरा में 252.80 करोड़ रुपये की लागत से एक आवासीय प्रोजेक्ट बनाया जाएगा. इसमें लोगों के रहने के लिए 310 यूनिट्स तैयार की जाएंगी.
आगरा में एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी मिली है. इस पर 135 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना के तहत 29 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा.
बुलंदशहर, मुरादाबाद समेत अन्य जिलों में भी परियोजनाएं
बुलंदशहर में 119.34 करोड़ रुपये के निवेश वाली एक मिश्रित उपयोग की परियोजना को मंजूरी दी गई है. इसके तहत 122 इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है. मुरादाबाद में 42.34 करोड़ रुपये की एक मिश्रित उपयोग वाली परियोजना को मंजूरी मिली है. इसमें चार इकाइयों का निर्माण किया जाएगा.
मेरठ में 26.44 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है. इसके तहत 63 इकाइयां बनाई जाएंगी. वहीं, बाराबंकी में 12.68 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली है, जिसमें 92 इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है.
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निर्माण गतिविधियों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
यूपी रेरा के अनुसार, इन परियोजनाओं से संबंधित जिलों में निर्माण गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं. इनका लाभ निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग और श्रमिक सेवाओं जैसे संबंधित क्षेत्रों को भी मिलने की संभावना है.
प्राधिकरण ने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद भी प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही, रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा. इसमें परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की निगरानी भी शामिल है.