मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट से पहले गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया. संसद में पेश हुए आर्थिक सर्वे में भारत की GDP ग्रोथ को 7 फीसदी बताया गया है. सर्वेक्षण पेश होने के बाद अब प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि सर्वे में वह विज़न है जिसमें देश की इकॉनोमी को 5 ट्रिलियन डॉलर का बनाना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सर्वे को लेकर ट्वीट किया, ‘आर्थिक सर्वे 2019 भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विज़न को सामने रखता है. इसमें सामाजिक क्षेत्र में उन्नति, प्रौद्योगिकी को अपनाने और ऊर्जा सुरक्षा से लाभ भी दर्शाया गया है’. प्रधानमंत्री ने इसी के साथ पूरे आर्थिक सर्वे का लिंक भी साझा किया.
The outlines a vision to achieve a $5 Trillion economy.
It also depicts the gains from advancement in the social sector, adoption of technology and energy security.
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— Narendra Modi (@narendramodi)
एक तरफ जहां प्रधानमंत्री आर्थिक सर्वे की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं विपक्षी नेता इसकी आलोचना करने में जुटे हैं. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर आर्थिक सर्वे के बहाने मोदी सरकार पर वार किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि लोगों को हसीन सपने दिखाना परंतु उस हिसाब से काम नहीं करना व भावनाएं भड़काकर राजनीतिक रोटी सेंकना बीजेपी की विशेषता रही है.
मायावती ने लिखा कि आज पेश आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रमाणित करता है कि गरीबी, बेरोजगारी, किसान आत्महत्या आदि की गंभीर समस्याओं के मामले में यह सरकार उदासीन व लापरवाह रही है.
विकास दर की बडे़-बड़े दावों से देश के 130 करोड़ गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि का अबतक सही भला नहीं हो पाया है बल्कि इनकी दिन-प्रतिदिन की समस्याएं अनवरत गंभीर होती जा रही हैं जो अति-दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। केवल कागजी दावों से जनता का हित व कल्याण कैसे संभव है?
— Mayawati (@Mayawati)
बसपा प्रमुख ने आगे लिखा कि विकास दर की बड़े-बड़े दावों से देश के 130 करोड़ गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि का अबतक सही भला नहीं हो पाया है बल्कि इनकी दिन-प्रतिदिन की समस्याएं अनवरत गंभीर होती जा रही हैं जो अति-दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण है. केवल कागजी दावों से जनता का हित व कल्याण कैसे संभव है?
आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को लोकसभा में बजट पेश करेंगी. ये बजट उनका और मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल का पहला बजट होगा. लोगों को उम्मीद है कि इस बार सरकार की ओर से टैक्स में कुछ छूट मिलेगी, साथ ही उद्योगपति भी सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं.