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कौन हैं शक्ति यादव, जिनसे तेजप्रताप-रोहिणी-मुत्युंजय के बाद अब भाई वीरेंद्र भी नाराज हैं

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने आरजेडी की अंदरुनी कलह को सतह पर ला दिया है. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर सवाल उठाया तो शक्ति सिंह ने पलटवार किया. इसके बाद शक्ति सिंह को नसीहत देते हुए भाई वीरेंद्र ने जमकर हमले किए. ऐसे में सवाल उठता है कि शक्ति सिंह कौन हैं?

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भाई वीरेंद्र के निशाने पर आए तेजस्वी के करीबी शक्ति सिंह यादव (Photo-ITG)
भाई वीरेंद्र के निशाने पर आए तेजस्वी के करीबी शक्ति सिंह यादव (Photo-ITG)

बिहार की सियासत में एक के बाद एक बड़ा झटका आरजेडी को लगता जा रहा है. बांकीपुर उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद आरजेडी में अंदरुनी मतभेद खलुकर सामने आ गए हैं. आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने बिना नाम लिए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव पर निशाना साधा. वीरेंद्र यादव को लालू यादव का करीबी है तो शक्ति यादव को तेजस्वी का राइटहैंड माना जाता है. 

बांकीपुर उपचुनाव नतीजों को लेकर भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के आसपास रहने वाले कुछ नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उपचुनाव नतीजों की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए और संगठन से ऐसे लोगों को हटाया जाना चाहिए, जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है. भाई वीरेंद्र के बयान पर पलटवार करते हुए शक्ति यादव ने कहा कि उन्होंने (भाई वीरेंद्र) ने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है?

शक्ति सिंह यादव के सवाल खड़े किए जाने के बाद भाई वीरेंद्र हत्थे से उखड़ गए. उन्होंने अपनी राजनीतिकि उपलब्धि गिनाते हुए शक्ति सिंह यादव पर जुबानी हमले तेज कर दिए. ऐसे में सवाल उठता है कि शक्ति यादव कौन है, जो भाई वीरेंद्र के निशाने पर है. इससे पहले मृत्युंजय तिवारी से लेकर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और बेटे तेज प्रताप यादव यादव ने भी शक्ति सिंह पर निशाना साधा था. 

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भाई वीरेंद्र और शक्ति सिंह आमने-सामने
मनेर से आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर उपचुनाव की हार को लेकर तेजस्वी यादव के साथ रहने वाले नेताओं पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि कई ऐसे चेहरे हैं, जब हमारे नेता (तेजस्वी यादव) के आजू-बाजू में बैठते हैं तो लोग कमेंट करते हैं. असंसदीय शब्दों का प्रयोग करते हैं. ऐसे लोगों को गाड़ी में नहीं बैठाना चाहिए और नहीं आजू-बाजू भी नहीं बैठाना चाहिए. ऐसे लोगों की छुट्टी करनी ही होगी. इस पर शक्ति सिंह यादव ने पलटलवार करते कहा कि भाई वीरेंद्र ये बताएं कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है?

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शक्ति यादव का बयान सुनते ही भाई वीरेंद्र भड़क गए. शक्ति यादव को नसीहत देते हुए कहा 'खामोश! जो बोल रहा है वह खामोश रहे. भाई वीरेंद्र लोक दल का आदमी रहा है, जब राजनीति में तुम्हारी पैदाइश नहीं हुई थी उसे समय से मैं राजनीति कर रहा हूं. 2010 में 22 लोग विधायक बने, कई लोग बदल गए, भाई वीरेंद्र नहीं बदला. आज 2025 में 25 लोग विधायक हैं. मैं फिर भी वहीं हूं.' भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को सख्त चेतावनी दी कि यदि उन पर निजी टिप्पणी जारी रही तो वह कई ऐसे तथ्य सार्वजनिक करेंगे, जिनसे कुछ नेताओं के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.

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शक्ति यादव को लेकर आरजेडी में उठते सवाल
भाई वीरेंद्र से पहले आरजेडी से इस्तीफा देने वाले मृत्युंजय तिवारी भी तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर सवाल उठाया था. मृत्युंजय तिवारी ने कहा था कि पार्टी में कुछ लोग खुद को इतना बड़ा समझते हैं कि वो तेजस्वी यादव की नहीं सुनते. तेजस्वी प्रसाद यादव को उन्होंने हाईजैक कर रखा है. मुट्ठी भर लोगों ने आरजेडी को अपने नियंत्रण में ले लिया. मृत्युंजय तिवारी के निशाने पर भी शक्ति सिंह यादव ही थे, जिनके चलते पार्टी छोड़कर चले गए. 

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तेजस्वी के करीबियों के चलते मृत्युंजय तिवारी पहले नेता नहीं हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ी हो. तिवारी की शिकायत भी बिल्कुल नई नहीं है. कुछ समय पहले लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी बिल्कुल इन्हीं शब्दों और इसी दर्द को बयां किया था. तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य भी तेजस्वी के करीबियों के चलते पार्टी को अलविदा कहा था. अब भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के करीबियों के बहाने शक्ति सिंह पर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि कौन शक्ति सिंह हैं, जिनसे एक के बाद एक नेता नाराज हो रहा है. 

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कौन हैं शक्ति यादव, जिनसे पार्टी नेता नाराज हैं?
बिहार की राजनीति में शक्ति सिंह यादव, जिन्हें अत्रि मुनि उर्फ शक्ति सिंह के नाम से भी जाना जाता है. आरजेडी के एक प्रमुख चेहरे और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं. तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है. शक्ति सिंह यादव का जन्म 1 जनवरी 1973 को बिहार के नालंदा जिले के हिलसा क्षेत्र में हुआ. उनके पिता का नाम बृज नंदन सिंह है.

शक्ति सिंह यादव ने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज आरजेडी से किया. 2015 के विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले की हिलसा विधानसभा सीट से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज कर विधायक बने. इसके बाद ही तेजस्वी यादव के करीब आए और चहेते नेताओं में शामिल हो गए. शक्ति सिंह आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता बने.तेजस्वी यादव के करीबी नेता होने के चलते ही शक्ति सिंह तमाम आरजेडी नेताओं के निशाने पर है. 

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