केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में नागरिक उड्डयन मंत्रालय में बुधवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में विमानन क्षेत्र में बड़े सुधारों और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया. बैठक में दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में बिल्डिंग ऊंचाई मंजूरी की प्रक्रिया को भी आसान बनाने पर चर्चा हुई. मंत्री ने NOC प्रोसेस को परेशान न करने वाला, पारदर्शी, ऑटोमेटेड और टाइम-बाउंड बनाने, जिसमें कम से कम मैनुअल दखल हो पर जोर दिया है. उन्होंने अधिकारियों को इस पूरी रूपरेखा पर 15 दिनों के अंदर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिए हैं.
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने जोर देकर कहा कि एनओसी प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए. इसका मुख्य उद्देश्य विमानन सुरक्षा से जुड़े सभी विनियामक नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए उद्योग जगत और बिल्डरों को पूरी सुविधा देना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनओसी व्यवस्था को सरल, ऑटोमेटेड और डिसेंट्रलाइज करने के तौर-तरीकों की गहन समीक्षा की जाए. और उन्हें इसे 15 दिनों के अंदर लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विमानन सुरक्षा संबंधी नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए बिल्डरों और उद्योग को सुविधा प्रदान की जाए. खास कर दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में शुरुआती स्तर पर ही बिल्डिंगों की जरूरी ऊंचाई की मंजूरी देने की संभावना तलाशने को कहा गया है.
मंत्री ने इस मीटिंग में MoCA और AAI के टॉप अधिकारियों से कहा, 'इससे आवेदकों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स को सही फैसले लेने और शुरुआत से ही लागू ऊंचाई की पाबंदियों के हिसाब से अपनी बिल्डिंग डेवलपमेंट की प्लानिंग करने में मदद मिलेगी.'
साथ ही इंडस्ट्री व स्टेकहोल्डर्स के लिए AAI से सीधे एनओसी लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इस बैठक में मंत्री के साथ मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
दरअसल, गवर्नेंस मॉडल में सुधार और अफसरशाही की रुकावटों को कम करने के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय NOC सिस्टम को तेजी से आगे बढ़ाने और उसे आसान व टाइम-बाउंड बनाने पर काम कर रहा है.