एक-दूसरे का डेटा सेंटर उड़ा रहे रूस और यूक्रेन... पैदा हो रहा नए तरह का खतरा

रूस सितंबर 2026 से यूक्रेन के डेटा सेंटरों पर लगातार ड्रोन-मिसाइल हमले कर रहा है, जबकि यूक्रेन अक्टूबर में यैंडेक्स, स्बेरबैंक और वीके के केंद्रों पर जवाबी हमले कर रहा है. दोनों देशों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को युद्ध का नया मोर्चा बना लिया है.

Advertisement
रूस के सारसोवो में मौजूद यैंडेक्स का डेटा सेंटर यूक्रेनी हमले के बाद जल रहा है. (File Photo: Reuters) रूस के सारसोवो में मौजूद यैंडेक्स का डेटा सेंटर यूक्रेनी हमले के बाद जल रहा है. (File Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध में अब भौतिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी मुख्य निशाना बन गया है. सितंबर 2026 से रूस ने यूक्रेन के डेटा सेंटरों और टेलीकॉम सुविधाओं पर व्यवस्थित हमलों की शुरुआत की. 15 सितंबर को कीव में बीमोबाइल डेटा सेंटर पर ड्रोन हमला हुआ. 

इसके बाद 17 से 19 सितंबर के बीच डी नोवो जैसे बड़े वाणिज्यिक केंद्र क्षतिग्रस्त हुए. 23 सितंबर को रूसी गेरान-5 जेट-पावर्ड ड्रोन ने कीव में यूटीईएलएस और अन्य नेटवर्क नोड्स को निशाना बनाया, जिससे लगभग एक लाख घरों का इंटरनेट बाधित हो गया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को 'मजबूर डिजिटल डिटॉक्स' करार दिया. दावा किया कि ये केंद्र यूक्रेनी सशस्त्र बलों के खुफिया डेटा प्रोसेसिंग में इस्तेमाल हो रहे हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की आसमानी आंख को मार गिराया

24 से 27 सितंबर तक मिरोहोस्ट, डेटाग्रुप, कॉस्मोनोवा, कीवस्टार मुख्यालय और अन्य कई सुविधाएं प्रभावित हुईं. 18-19 अक्टूबर की रात रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में डेटाग्रुप का कीव डेटा सेंटर नष्ट हो गया. 

कंपनी ने कहा कि उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत असंभव है, हालांकि बैकअप साइट्स से सेवाएं जारी हैं. ये हमले यूक्रेन की डिजिटल अर्थव्यवस्था, बैंकिंग, भुगतान प्रणाली और सरकारी सेवाओं को कमजोर करने के प्रयास माने जा रहे हैं.

यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई और रूसी टेक दिग्गजों पर प्रहार

यूक्रेन ने 'मिरर लाइक' यानी आईने जैसा जवाब देने की नीति अपनाई. राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा कि रूस हमारे डेटा सेंटरों पर हमला कर रहा है, तो हम भी वैसा ही करेंगे. 8 अक्टूबर को यूक्रेनी ड्रोनों ने रियाजान क्षेत्र के सासोवो में यैंडेक्स के बड़े डेटा सेंटर पर हमला किया. यहां यैंडेक्स के तीन सुपरकंप्यूटरों में से दो थे, जिनका इस्तेमाल एआई मॉडल ट्रेनिंग में होता है. 

Advertisement

आग लगने से सुविधा पूरी तरह बंद हो गई और रूस भर में यैंडेक्स सेवाओं- ईमेल, नेविगेशन, भुगतान, फूड डिलीवरी में दिक्कत हुई. 9 अक्टूबर को कलुगा क्षेत्र में यैंडेक्स के एक और बड़े केंद्र (लगभग 63 मेगावाट क्षमता) पर हमला हुआ, जहां कई मॉड्यूल नष्ट हो गए. 11 अक्टूबर को व्लादिमीर क्षेत्र के केंद्र पर तीसरा हमला हुआ, जिससे 80 से अधिक यैंडेक्स क्लाउड सेवाएं बंद हो गईं. 

यह भी पढ़ें: मस्क मंगल पर इंसान बसाने जा रहे लेकिन जापान मंगल का चांद खोज रहा, जानिए क्यों

14 अक्टूबर को सारातोव क्षेत्र के बालाकोवो में स्बेरबैंक के निर्माणाधीन सबसे बड़े डेटा सेंटर पर ड्रोन हमला हुआ. स्बेरबैंक ने हमले की पुष्टि की लेकिन कहा कि उसकी सेवाएं सामान्य चल रही हैं. यह केंद्र रूस का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर होस्ट करने वाला था, जो 2027 में शुरू होने वाला था. 

18 अक्टूबर को सोशल मीडिया दिग्गज वीके के लेनिनग्राद ओब्लास्ट स्थित केंद्र पर भी हमला हुआ. इन हमलों से रूसी इंटरनेट सेवाओं में भारी रुकावट आई. कुछ रिपोर्ट्स में यैंडेक्स ट्रैफिक 94% तक गिरने की बात कही गई.

कब शुरू हुआ डेटा सेंटर वॉर

सितंबर मध्य से अक्टूबर मध्य तक की घटनाएं स्पष्ट दिखाती हैं कि रूस ने पहले यूक्रेन में 14 ऑपरेटर्स के केंद्रों को 12 दिनों में निशाना बनाया. यूक्रेन ने अक्टूबर के पहले दो सप्ताह में यैंडेक्स के तीन प्रमुख केंद्रों, स्बेरबैंक के एक और वीके के एक केंद्र को क्षति पहुंचाई. 

Advertisement

यैंडेक्स के सुपरकंप्यूटर एनवीडिया ए100 चिप्स पर चलते हैं, जिन्हें प्रतिबंधों के कारण रूस आसानी से नहीं बदल सकता. इससे रूसी एआई विकास प्रभावित होने की आशंका है. यूक्रेन की डिजिटल अर्थव्यवस्था बंटी हुई है इसलिए उसपर ज्यादा असर नहीं पड़ा. जबकि रूस की कई सेवाएं यैंडेक्स क्लाउड पर निर्भर हैं. 

विशेषज्ञों का कहना है कि रूस का यह अभियान उल्टा पड़ सकता है क्योंकि उसकी खुद की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मास्को और आसपास केंद्रित है, जो यूक्रेनी लंबी दूरी के ड्रोनों की पहुंच में है.

यह भी पढ़ें: फिलीपींस की ओर बढ़ रहा तूफान चांपी, 257 KM/H की हवाओं के साथ दिखा खतरनाक रूप

क्या यह डेटा और टेक्नोलॉजी युद्ध है?

दोनों देश अब पारंपरिक सैन्य लक्ष्यों से आगे बढ़कर डेटा सेंटरों, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई क्षमता को रणनीतिक निशाना बना रहे हैं. यह सिर्फ इंटरनेट बाधित करने का मामला नहीं बल्कि युद्ध जारी रखने की क्षमता, खुफिया जानकारी, प्रचार मशीनरी और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करने का प्रयास है. 

रूस इसे यूक्रेन की सैन्य कमांड और कंट्रोल सिस्टम को कमजोर करने का तरीका बताता है, जबकि यूक्रेन इसे जवाबी कार्रवाई और रूसी डिजिटल निर्भरता को उजागर करने का मौका मानता है. वैश्विक स्तर पर यह घटनाक्रम एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की भौतिक कमजोरी को उजागर करता है. 

Advertisement

डेटा सेंटर अब सिर्फ नागरिक सुविधा नहीं बल्कि युद्ध के महत्वपूर्ण लक्ष्य बन गए हैं. दोनों पक्षों के पास वायु रक्षा की सीमाएं हैं, इसलिए ऐसे हमले जारी रह सकते हैं. भविष्य में यह संघर्ष और गहन हो सकता है, जिससे नागरिक सेवाएं, वित्तीय प्रणाली और सूचना प्रवाह लंबे समय तक प्रभावित रहेंगे. युद्ध अब सिर्फ टैंक और मिसाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सर्वर रैक और सुपरकंप्यूटर भी रणनीतिक हथियार बन चुके हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »