बैलिस्टिक मिसाइल (बीएम) (Ballistic Missiles) किसी लक्ष्य पर हथियार पहुंचाने के लिए प्रोजेक्टाइल मोशन का उपयोग करती है. ये हथियार अपेक्षाकृत छोटे अवधि (brief periods) के दौरान ही संचालित होते हैं. यह मध्यम दूरी की मिसाइल है. बैलिस्टिक मिसाइलें क्रूज मिसाइलों से अलग होती हैं. एक बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्टाइल मोशन के साथ अपने दिशा के उड़ान को एक बड़े आर्क के रूप में ऊपर और नीचे की कर सकता है. वहीं क्रूज मिसाइलें हवा में स्व-चालित होती हैं, रॉकेट प्रोपेलेंट की बदौलत एक सीधी रेखा में और कम ऊंचाई पर उड़ती हैं.
कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (एसआरबीएम) आमतौर पर पृथ्वी के वायुमंडल के भीतर रहती हैं, जबकि अधिकांश बड़ी मिसाइलें वायुमंडल के बाहर उड़ान भर सकती हैं.
एक बैलिस्टिक मिसाइल तीन भाग होते हैं:- संचालित उड़ान भाग(powered flight portion), मुक्त-उड़ान भाग (free-flight portion), और पुनः प्रवेश चरण (re-entry phase), जहां मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल में वापस प्रवेश करती है. कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों वायुमंडल के अंदर ही रहती हैं, इसलिए इनके उड़ान फेज आईसीबीएम के पहले दो चरण ही होते हैं.
बैलिस्टिक मिसाइलों को खास साइटों या मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें वाहन (जैसे, ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर), विमान, जहाज और पनडुब्बियां शामिल हैं.
दोतरफा युद्ध की चुनौतियों और वैश्विक संघर्षों से सीख लेते हुए भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है. ताबड़तोड़ मिसाइल परीक्षण किसी युद्ध की तैयारी नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और डिटरेंस की गारंटी हैं.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की इजाजत दी जा सकती है. अमेरिका-ईरान MOU लागू होने के साथ यूरेनियम स्टॉक पर ढील दी गई है. ट्रंप ने चेतावनी दी- समझौता तोड़ा तो फिर बमबारी होगी.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन समेत यूरोपीय नेताओं से शांति समझौते को लेकर की गई बातचीत के कुछ ही घंटों बाद रूस ने राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमला कर दिया.
DRDO ने लगातार 3 सफल परीक्षण कर भारत की 'मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस' क्षमता का लोहा मनवाया है. ICBM को हवा में मार गिराने की तकनीक हासिल कर भारत एलीट देशों में शामिल हो गया है.
अमेरिका-जापान ने चीन-रूस के बढ़ते खतरे के बीच जापान पर 'न्यूक्लियर अंब्रेला' को मजबूत करने का फैसला किया. दोनों देशों ने चीन की परमाणु हथियारों की बढ़ोतरी और नॉर्थ कोरिया के मिसाइलों पर चिंता जताई.
इजरायल के पास न्यूक्लियर और हाइपरसोनिक गति वाली जेरिको सीरीज की घातक बैलिस्टिक मिसाइल है. जबकि ईरान के पास फतेह, खैबर शेकन और फत्ताह जैसी 3000 से अधिक मिसाइलों का जखीरा है.
इजरायली नौसेना ने युद्ध में उतरकर भू-मध्य सागर से ईरान पर मिसाइल हमले किए हैं. तकनीक में इजरायल की परमाणु-सक्षम पनडुब्बियां आगे हैं, जबकि ईरान के पास विशाल 'मच्छर सेना' का नेटवर्क है.
हिंसाग्रस्त मणिपुर की दो भारतीय बहनों ने युद्धग्रस्त इजरायल में खतरों के बावजूद 'केयरगिवर' का काम करना चुना. कमाई की मजबूरी और दोनों जगहों पर सुरक्षा की अनिश्चितता उनके इस साहसिक फैसले की मुख्य वजह है.
भारतीय नौसेना का प्रोजेक्ट 18 अब डेस्ट्रॉयर नहीं रहा. क्रूजर स्तर का युद्धपोत बन गया है. 144 VLS सेल, लेजर हथियार, ब्रह्मोस, कुशा मिसाइल और स्वदेशी रडार से लैस जहाज समंदर का महाकिलर होगा.
ईरान ने अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी खोलकर अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें बरसाईं. उसके पास अब भी फतह, खैबर शेकन और सेज्जिल जैसी सैकड़ों मिसाइलें बची हुई हैं, जो 2000 KM तक मार कर सकती हैं.
रूस ने यूक्रेन के कीव, खारकीव और निप्रो जैसे कई शहरों पर 60 से अधिक घातक मिसाइलों से भीषण हमला किया है. इस हमले में रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं. कई लोग मारे गए.
ईरान ने अमेरिका-इजरायल की बमबारी के बावजूद अपने अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों को दोबारा खोल लिया है. बुलडोजर-ट्रकों से 50 टनलें खोलकर सड़कें सुधार ली गई हैं. इससे ईरान इजरायल पर फिर भारी मिसाइल हमले कर सकता है.
चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के पास विशाल लॉन्च पैड, बंकर और कम्युनिकेशन नेटवर्क बना रहा है. यह दूसरी स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने की बड़ी तैयारी है, ताकि अमेरिका के हमले के बाद जवाबी हमला किया जा सके.
उत्तर कोरिया ने फिर नया हथियार विकसित करने का दावा किया है. किम जोंग उन ने न्यूक्लियर क्षमता वाले AI क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया. दक्षिण कोरिया की सीमा के पास तैनाती का फैसला लिया गया.
होर्मुज की जंग में अमेरिका और ईरान घातक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. अमेरिका अटैक हेलिकॉप्टर और एडवांस्ड मिसाइलें दाग रहा है, जबकि ईरान बारुदी सुरंगें और एंटी-शिप मिसाइलों से हमला कर रहा है.
भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-1 शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. 700-1200 किमी रेंज वाली यह मिसाइल ठोस ईंधन पर चलती है. परमाणु व पारंपरिक दोनों वॉरहेड ले जा सकती है.
रूस ने न्यूक्लियर ट्रायड का बड़ा अभ्यास किया. 72 घंटे में 64,000 सैनिकों, मिसाइलों, विमानों और पनडुब्बियों के साथ सरमत और जिरकॉन मिसाइल दागी. विशेषज्ञ इसे NATO को चेतावनी और संभावित जंग की तैयारी मान रहे हैं.
भारत ने हाल ही में अग्नि-5 के एक्सटेंडेड MIRV वर्जन का सफल परीक्षण किया. 5000-8000 किमी रेंज वाली यह मिसाइल पूरे पाकिस्तान और चीन के बड़े शहरों (बीजिंग सहित) को कवर करती है.
पुतिन रूस में परमाणु आपदा वाले हथियार बना रहे हैं. पोसाइडन अंडरवाटर परमाणु ड्रोन, सरमत मिसाइल, बुरेवेस्तनिक न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल, हाइपरसोनिक एवनगार्ड-जिरकॉन और स्पेस हथियार शामिल हैं. ये हथियार पश्चिमी देशों को डराने के लिए तैयार किए हैं.
रूस ने सरमत मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परमाणु क्षमता वाली इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज 35 हजार किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि साल के अंत तक इसे तैनात कर दिया जाएगा.
DRDO के बाद भाजपा ने घोषणा की कि अग्नि-6 मिसाइल इतिहास रचने को तैयार है. 10,000 किमी से ज्यादा रेंज और MIRV तकनीक वाली यह ICBM भारत को अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों की कतार में खड़ा करेगी.