बैलिस्टिक मिसाइल (बीएम) (Ballistic Missiles) किसी लक्ष्य पर हथियार पहुंचाने के लिए प्रोजेक्टाइल मोशन का उपयोग करती है. ये हथियार अपेक्षाकृत छोटे अवधि (brief periods) के दौरान ही संचालित होते हैं. यह मध्यम दूरी की मिसाइल है. बैलिस्टिक मिसाइलें क्रूज मिसाइलों से अलग होती हैं. एक बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्टाइल मोशन के साथ अपने दिशा के उड़ान को एक बड़े आर्क के रूप में ऊपर और नीचे की कर सकता है. वहीं क्रूज मिसाइलें हवा में स्व-चालित होती हैं, रॉकेट प्रोपेलेंट की बदौलत एक सीधी रेखा में और कम ऊंचाई पर उड़ती हैं.
कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (एसआरबीएम) आमतौर पर पृथ्वी के वायुमंडल के भीतर रहती हैं, जबकि अधिकांश बड़ी मिसाइलें वायुमंडल के बाहर उड़ान भर सकती हैं.
एक बैलिस्टिक मिसाइल तीन भाग होते हैं:- संचालित उड़ान भाग(powered flight portion), मुक्त-उड़ान भाग (free-flight portion), और पुनः प्रवेश चरण (re-entry phase), जहां मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल में वापस प्रवेश करती है. कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों वायुमंडल के अंदर ही रहती हैं, इसलिए इनके उड़ान फेज आईसीबीएम के पहले दो चरण ही होते हैं.
बैलिस्टिक मिसाइलों को खास साइटों या मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें वाहन (जैसे, ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर), विमान, जहाज और पनडुब्बियां शामिल हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने इस हफ्ते 16 यूक्रेनी क्षेत्रों पर करीब 1900 ड्रोन, 1600 बम और 144 मिसाइलें दागीं. हजारों जगहें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिसमें आवासीय इमारतें भी हैं.
न युद्ध खत्म हो रहा है, न तनाव कम हो रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव में तेहरान की रणनीति ने दुनिया का ध्यान खींचा है. आखिर क्यों ईरान शांति से ज्यादा दबाव वाली स्थिति चाहता है?
भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में 6-7 अगस्त 2026 को लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण का नोटैम जारी किया है. रेंज करीब 2530 किलोमीटर है. पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हुई हैं.
यूक्रेन ने रूस के अंदर डीप स्ट्राइक किए. कीरोव हथियार प्लांट, त्युमेन रिफाइनरी, येकातेरिनबर्ग लॉजिस्टिक्स हब, रोस्तोव फ्यूल डिपो और कैस्पियन सागर में ईरानी कार्गो वाले जहाजों को निशाना बनाया. जेलेंस्की ने इसे 'लॉन्ग-रेंज सैंक्शंस' बताया.
बहरीन और कुवैत ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर सीक्रेट हवाई हमले किए. UAE ने खुफिया जानकारी और एयर कवर दिया. यह खाड़ी देशों की पहली सामने से जवाबी कार्रवाई है.
ट्रंप ने कहा कि पिकएक्स माउंटेन अगला निशाना है. यह ईरान का सबसे गहरा और मजबूत परमाणु केंद्र है, जो नतांज के पास 80-100 मीटर गहराई में चट्टान के नीचे है. इसे नष्ट करना बेहद मुश्किल है.
ईरान ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड बेस को निशाना बनाने की धमकी दी है. ब्रिटेन ने जवाब दिया कि उसकी सेना किसी भी हमले के लिए तैयार है, लेकिन इतनी दूरी से हमला कैसे होगा.
ईरान की जंग में कुवैत-इराक बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है. अल-अब्दाली क्रॉसिंग पर ड्रोन हमला हुआ, पहले हवाई हमले हुए और अब जमीनी संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है.
DRDO ने ओडिशा तट से लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल कुशा का सफल उड़ान परीक्षण किया. भारत अब लंबी दूरी की एयर डिफेंस मिसाइल विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है.
ट्रंप बड़े हमले की तैयारी में हैं. अमेरिका ईरान की ओर स्पेशल फोर्सेस, बॉम्बर्स, वॉरशिप्स और 150 से ज्यादा मेडिक्स भेज रहा है. मिडिल ईस्ट में युद्ध विस्तार की आशंका बढ़ गई है.
ईरान के ड्रोन हमलों ने खाड़ी में सीआईए फैसिलिटी को निशाना बनाया है. अमेरिका जांच कर रहा है कि क्या रूस ने टारगेटिंग जानकारी या एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी दी.
अमेरिका ने ईरान जंग में B-1 लैंसर, B-2 और B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर्स की ताकत झोंक दी है. ये सुपरसोनिक, स्टेल्थ और लंबी दूरी वाले योद्धा ईरान के परमाणु, मिसाइल और तेल ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं.
ईरान अब अमेरिकी विमानों को सीधे मारने की बजाय उनके रनवे छीन रहा है. इसे डिबेसिफिकेशन कहते हैं. क्षेत्रीय एयरबेस कम होने से अमेरिका के ऑपरेशन मुश्किल हो गए हैं.
ईरान के लगातार हमलों से परेशान अमेरिका मिडिल ईस्ट में 50 से ज्यादा फाइटर जेट भेज रहा है. F-35, F-15 और F-16 की तैनाती हो रही है. जॉर्डन हमले के बाद ताकत बढ़ाई जा रही है.
नौ रातों के लड़ाई में अमेरिका-ईरान टकराव तेज हो गया है. जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान, ईरान में बुनियादी ढांचे की भारी तबाही हुई है. मिडिल ईस्ट के कई देश प्रभावित हुए हैं.
ईरान ने हाइपरसोनिक मिसाइलों से अमेरिका-इजरायल डिफेंस को चकमा देना शुरू कर दिया है. तेज स्पीड, मैन्यूवर और बेहतर निशाना रूस की सैटेलाइट और चीन के टारगेट टेक की मदद से पॉसिबल लग रहा है.
ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसने सीरिया के अल-तनफ और कतर के अल उदैद अमेरिकी बेस पर हमला किया. इसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए और रडार व एयरक्राफ्ट नष्ट हुए.
अमेरिका के हमलों के बावजूद ईरान मिसाइल-ड्रोन हमले जारी रखे हुए है. ट्रंप के 90% सुविधाएं नष्ट होने के दावे के उलट ईरान लगातार हमले कर रहा है. यानी मिसाइल-ड्रोन उत्पादन जारी है. युद्ध लंबा खिंच सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए मिसाइलें 'लोडेड और लॉक्ड' हैं. इसका मतलब है कि अमेरिका ईरान पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बयान ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया था.
ईरान ने मिडिल-ईस्ट के तीन देशों जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं. जॉर्डन ने चार मिसाइलों को हवा में मार गिराया जबकि ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की. बहरीन में तीसरी बार मिसाइल अलर्ट जारी किया गया.
ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले करे, जबकि अमेरिका ने ईरान में तबाही मचाई. सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन, कतर, बहरीन में नुकसान और ईरान के बूशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास बर्बादी दिखी.