यूक्रेन
यूक्रेन (Ukraine) पूर्वी यूरोप का एक देश है. यह रूस के बाद यूरोप में क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है (Second-largest country in Europe). इसकी सीमा पूर्व और उत्तर-पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पश्चिम में पोलैंड, स्लोवाकिया और हंगरी, दक्षिण में रोमानिया और मोल्दोवा से मिलती है (Geographical location). इसका क्षेत्रफल 603,628 वर्ग किमी है (Area). 2021 में, 41.6 मिलियन की आबादी के साथ, यह यूरोप में आठवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है (Population of Ukraine). देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर कीव है (Capital of Ukraine).
आधुनिक यूक्रेन का क्षेत्र 32,000 ईसा पूर्व का है. 13वीं शताब्दी में, इस क्षेत्र पर पोलिश-लिथुआनिया, ऑस्ट्रिया-हंगरी सहित कई रियासतों ने शासन किया. 18वीं शताब्दी के दौरान इसका क्षेत्र पोलैंड और रूसी साम्राज्य के बीच विभाजित हो गया. रूसी क्रांति के बाद, एक यूक्रेनी राष्ट्रीय आंदोलन शुरू हुआ, और इसे 23 जून 1917 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यूक्रेनी पीपल्स रिपब्लिक घोषित किया गया (Ukrainian People's Republic). द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, यूक्रेन सोवियत संघ का हिस्सा बन गया (Ukrainian Soviet Socialist Republic). 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की (Ukraine’s independence).
2013 में, यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच (Viktor Yanukovych) ने यूक्रेन-यूरोपीय संघ समझौता को निलंबित करने और रूस के साथ घनिष्ठ आर्थिक संबंध बनाने का फैसला किया. इसका जबरदस्त विरोध हुआ और यानुकोविच को हटाकर एक नई सरकार की स्थापना हुई. इन घटनाओं ने मार्च 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के विलय की पृष्ठभूमि तैयार की (Annexation of Crimea by Russia). 2016 में, यूक्रेन यूरोपीय संघ के साथ गहरे और व्यापक मुक्त व्यापार क्षेत्र का आर्थिक घटक बन गया.
यूक्रेन एक विकासशील देश है जो मानव विकास सूचकांक में 74वें स्थान पर है (Ukraine in Human Development Index). यह यूरोप का सबसे गरीब देश है, जो बहुत अधिक गरीबी दर के साथ-साथ गंभीर भ्रष्टाचार से पीड़ित है. हालांकि, अपने व्यापक उपजाऊ खेत के कारण, यूक्रेन दुनिया के सबसे बड़े अनाज निर्यातकों में से एक है. यह रूस और फ्रांस के बाद यूरोप में तीसरी सबसे बड़ी सेना भी रखता है (Third-largest military in Europe).
यूक्रेन की राज्य भाषा यूक्रेनी है. यहां व्यापक रूप से रूसी बोली जाती है. 2001 की जनगणना के अनुसार, 67.5 प्रतिशत आबादी ने यूक्रेनी को और 29.6 प्रतिशत ने रूसी को अपनी मूल भाषा घोषित किया (Language in Ukraine).
यूक्रेन की 99.4 फीसदी आबादी साक्षर है (Literacy). यूक्रेन का सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल है (Sport).
पारंपरिक यूक्रेनी आहार में चिकन, पोर्क, बीफ, मछली और मशरूम शामिल हैं. यूक्रेनियन बड़ी मात्रा में आलू, अनाज, ताजी, उबली हुई या मसालेदार सब्जियां खाते हैं. यूक्रेनी विशिष्टताओं में चिकन कीव और कीव केक शामिल हैं (Cuisine in Ukraine).
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की बैंड बजाने वाले S-400 मिसाइल सिस्टम पर बड़ी खबर आई है. रूस ने पुष्टि की है कि भारत को मई 2026 तक S-400 का चौथा स्क्वाड्रन मिलेगा, जबकि आखिरी (पांचवां) 2027 में आएगा. पहले तीन स्क्वाड्रन पहले ही तैनात हैं. S-400 की मिसाइल रिफिल भी जारी है. यह भारत की वायु रक्षा को मजबूत करेगा और पाकिस्तान-चीन खतरे के खिलाफ निर्णायक डिटरेंस बनेगा.
रूस ने यूक्रेन के ल्विव क्षेत्र में नई हाइपरसोनिक ओरेशनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जो गैस स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया. मिसाइल की स्पीड 13 हजार किमी/घंटा और MIRV तकनीक वाली थी. यानी एक ही मिसाइल से कई टारगेट हिट किए गए. रूस ने इसे पुतिन निवास पर कथित ड्रोन हमले का बदला बताया, जिसे यूक्रेन-अमेरिका ने खारिज किया था.
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता समझौते की राह तलाशी जा रही है. इस बीच आर-पार की जंग भी जारी है. रूस की सेना यूक्रेनी शहरों के बिजली संयंत्रों को निशाना बना रही है. वो भी तब जब यूक्रेन कड़ाके की सर्दी का सामना कर रहा है.
अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक में रूस के झंडे वाले तेल टैंकर 'मैरिनेर' को जब्त कर लिया है. इस जहाज पर सवार 28 चालक दल के सदस्यों में 3 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. इस कार्रवाई से रूस और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और मॉस्को ने इसे समुद्री डकैती करार दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की जमकर क्लास लगाई है. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके बिना नाटो अपना बिल तक नहीं भर रहा था. ट्रंप ने अपनी सैन्य ताकत का गुणगान करते हुए यूक्रेन की सुरक्षा का श्रेय भी खुद को ही दिया और कहा कि उनके दखल के बिना अब तक रूस यूक्रेन पर कब्जा कर लेता.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व रूस सलाहकार फियोना हिल के 2019 के एक बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. हिल के मुताबिक रूस ने अमेरिका को वेनेजुएला और यूक्रेन को लेकर एक अजीब 'स्वैप डील' का संकेत दिया था. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद यह बयान फिर चर्चा में है.
रूस के हमले में 5 जनवरी को कीव के एक प्राइवेट क्लिनिक में भर्ती मरीज की मौत हो गई. रातभर हुए हवाई हमलों में कीव और आसपास के इलाकों में कुल दो लोगों की जान गई. हमले में मेडिकल सेंटर समेत कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और फास्तिव जिले में एक आम नागरिक की भी मौत हुई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के उस दावे को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर ड्रोन हमला किया था. ट्रंप ने पहले हमले की बात स्वीकार करते हुए दुख जताया था लेकिन अब वो कह रहे हैं कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं था.
रूस ने अमेरिका को राष्ट्रपति पुतिन के घर पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले के फिजिकल सबूत सौंप दिए हैं. यूक्रेन और पश्चिमी अधिकारियों ने इस आरोप से इनकार किया है, जिससे चल रही शांति वार्ता के बीच तनाव बढ़ गया है.
रूस का दावा है कि 28-29 दिसंबर की आधी रात को यूक्रेन ने नोवगोरोड में राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर ताबड़तोड़ ड्रोन से हमला किया था, जिन्हें मार गिराया गया. रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने इसकी पुष्टि की थी.
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पुतिन के आवास पर हुए हमले की कड़ी निंदा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ तौर पर कहा कि सभी पक्षों को शांति बनाने के प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए. भारत ने फिर से स्पष्ट किया है कि किसी भी समस्या का हल हिंसा के जरिए नहीं हो सकता और केवल शांति ही स्थायी रास्ता है.
रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उत्तरी रूस स्थित आवास पर 91 ड्रोन से हमला करने की कोशिश की, जिन्हें एयर डिफेंस ने मार गिराया. यूक्रेन ने आरोपों को झूठा बताया. इस घटनाक्रम से शांति वार्ता को झटका लगा है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से बातचीत की पुष्टि की है और उनका कहना है कि वह बहुत नाराज हैं.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. रूस ने 29 दिसंबर को आरोप लगाया कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नॉर्थ रूस में स्थित एक आवास पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता जताई है. रूस ने यूक्रेन पर 91 ड्रोन से हमले की कोशिश का आरोप लगाया है, जिसे कीव ने खारिज कर दिया. इस घटनाक्रम से चल रही शांति वार्ताओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की फ्लोरिडा में मुलाकात हुई जिसमें यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की बातचीत अंतिम चरण में है. ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सुरक्षा गारंटी और शांति प्रस्ताव पर चर्चा की. इसी दौरान ट्रंप ने रूस के पुतिन से भी युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए फोन पर बातचीत की. अमेरिका में कई अन्य घटनाएं भी हुईं जैसे न्यू जर्सी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना, ग्वाटेमाला में बस हादसा और लॉस एंजलिस में गैस पाइप लाइन फटने की समस्या. भारत-अमेरिका ट्रेड डील भी लगभग तैयार है लेकिन ट्रंप की मंजूरी पर निर्भर है. अमेरिका की संयुक्त राष्ट्र फंडिंग में कटौती जारी है और सख्त इमिग्रेशन नीति के कारण देश में कई क्षेत्रों में कमी दिख रही है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका यूक्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी अगले 15 वर्षों तक उठाएगा. माना जा रहा है कि ये फैसला युद्धविराम में एक बड़ा रोल निभा सकता है.
रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन के आवास के पास लंबी दूरी वाले ड्रोन्स से हमला किया, जिसे एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया. यूक्रेन ने आरोप को झूठ बताया है. रूस ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और शांति वार्ता में अपनी स्थिति की समीक्षा की बात कही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की बैठक में युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी प्रगति हुई है. ट्रंप ने शांति समझौते को 95% पूरा बताया, लेकिन डोनबास क्षेत्र का भविष्य अभी तक विवादित है और यही बातचीत की मुख्य रुकावट बना हुआ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की संग फ्लोरिडा में होने वाली बैठक से पहले रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से टेलीफोन पर बातचीत की. यह कदम चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने की ट्रंप की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है.
स्विट्ज़रलैंड के सशस्त्र बलों के प्रमुख थॉमस सुसली ने कहा है कि देश किसी फुल-स्केल सैन्य हमले से खुद का बचाव करने में सक्षम नहीं है. इसलिए पुराने उपकरणों को एडवांस किया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि साइबर हमलों से लड़ने के लिए देश तैयार है.
बीते तीन साल से ज्यादा वक्त से यूक्रेन और रूस की जंग की वजह से यूरोप में सुरक्षा खतरा बढ़ता जा रहा है. इससे दुनिया का सबसे समृद्ध माना जाने वाला देश स्विट्ज़रलैंड के आर्म्ड फोर्सेज के चीफ थॉमस सुसली ने बढ़ते रूसी खतरे को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.