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आर्मी चीफ के बाद US राजदूत पर गिरी गाज, जेलेंस्की ने पद से हटाया, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

जेलेंस्की ने यह फैसला तब किया है जब कीव रूस के हमलों से निपटने के लिए अमेरिका से अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मांग रहा है. यूक्रेन की राजदूत रहीं स्टेफानिशाइना भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच के दायरे में बताई जा रही हैं.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की. (Photo- ITG)
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की. (Photo- ITG)

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओल्गा स्टेफानिशाइना को पद से हटा दिया है. यह फैसला पिछले महीने हुए सरकारी फेरबदल के बाद लिया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कीव रूस के हमलों का मुकाबला करने के लिए वॉशिंगटन से अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की मांग कर रहा है.

ओल्गा स्टेफानिशाइना ने फेसबुक पर लिखा कि पद छोड़ने का फैसला उनका अपना था और यह "निजी परिस्थितियों" की वजह से लिया गया. उन्होंने वॉशिंगटन में राजदूत के तौर पर काम करने को अपने जीवन का "सबसे बड़ा सम्मान" बताया. उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन की बदलती राजनीतिक स्थिति के बावजूद यूक्रेन ने अमेरिकी सैन्य समर्थन जारी रखा है.

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कौन हैं ओल्गा स्टेफानिशाइना?

स्टेफानिशाइना यूक्रेन की पूर्व उप प्रधानमंत्री और न्याय मंत्री रह चुकी हैं. उन्हें July 2025 में अमेरिका में राजदूत नियुक्त किया गया था. यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच के दायरे में हैं. हालांकि, उनके खिलाफ अब तक कोई औपचारिक आरोप दायर नहीं किया गया है. इनके अलावा जेलेंस्की ने अभी तक इस पद के लिए किसी नए नाम का ऐलान नहीं किया है.

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जेलेंस्की ने आर्मी चीफ को भी पद से हटाया

यह फैसला ऐसे दौर में आया है, जब यूक्रेन के सत्ता ढांचे में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं. इससे पहले July 2026 में जेलेंस्की ने सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की को हटा दिया था. उनकी जगह मेजर जनरल मिखाइलो ड्रापाती को नियुक्त किया था. यह कदम बड़े पैमाने पर हुए सड़क प्रदर्शनों के बाद उठाया गया था. रिपोर्टों के मुताबिक, लोकप्रिय रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को हटाए जाने के बाद कीव और दूसरे शहरों में नाराजगी बढ़ गई थी.

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इन प्रदर्शनों में सिर्स्की को लेकर भी सवाल उठे थे. प्रदर्शनकारियों और आलोचकों ने उन पर ज्यादा सैन्य हताहत, धीमे सैन्य सुधार और पारंपरिक सख्त रणनीति के आरोप लगाए थे. ऐसे में उनकी विदाई एक बड़ी मांग बन गई थी. अब अमेरिका में यूक्रेन के दूतावास में भी बड़ा बदलाव हुआ है, जबकि स्टेफानिशाइना के खिलाफ औपचारिक आरोप अब तक नहीं लगे हैं और उनके उत्तराधिकारी का नाम भी सामने नहीं आया है.

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