आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस का इस्तेमाल आज लगभग हर जगह हो रहा है. इसकी मदद से हमारे कई काम आसान हो गए हैं. लेकिन इसके साथ प्राइवेसी लीक होने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. पब्लिक जगहों पर लगे कैमरों में अब इंसानों को डिटेक्ट करने की क्षमता आ चुकी है. इसकी मदद से किसी भी इंसान को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है.
इसी प्रॉब्लम को देखते हुए बर्लिन के एक आर्टिस्ट ने नॉर्मल दिखने वाली हवाईयन शर्ट को कुछ इस तरह तैयार किया है कि बड़े-बड़े AI कैमरे भी इसे पहनने वाले इंसान को सही से डिटेक्ट नहीं कर पा रहे हैं. आइए जानते हैं इस शर्ट और इसे बनाने वाले आर्टिस्ट के बारे में.
जानिए किसने बनाई ये शर्ट
जर्मनी के बर्लिन में रहने वाले डिजिटल आर्टिस्ट साइमन विकर्ट ने इस शर्ट को बनाया है. ये शर्ट AI सर्विलांस कैमरों को कन्फ्यूज कर देती है, जिससे कैमरा इंसान को सही से डिटेक्ट नहीं कर पाता. इसकी मदद से आप अपनी प्राइवेसी को बाहरी दुनिया से कुछ हद तक बचा सकते हैं.
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कैसे AI कैमरा इंसानों को डिटेक्ट करता है?
मॉडर्न सिक्योरिटी कैमरे काफी ज्यादा एडवांस हो चुके हैं. वीडियो क्वालिटी से लेकर इंसान को डिटेक्ट करने वाले सिस्टम तक, इनमें कई एडवांस फीचर्स मिलते हैं. AI वाले कैमरे इंसान को डिटेक्ट करने के लिए उसकी बॉडी शेप, सिर, कंधे और पैर जैसी चीजों को पहचानते हैं.
इन चीजों को देखकर कैमरा समझ जाता है कि सामने कोई इंसान है. लेकिन सवाल ये है कि इस शर्ट में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से कैमरा इंसान को सही से डिटेक्ट नहीं कर पाता? आइए जानते हैं.
जानिए कैसे शर्ट दे रही है कैमरे को चकमा
बर्लिन के डिजिटल आर्टिस्ट ने इस शर्ट को कई टेस्ट करने के बाद तैयार किया है. शर्ट के ऊपर जो अलग-अलग रंग और डिजाइन दिखाई दे रहे हैं, उन्हें काफी सोच-समझकर तैयार किया गया है. इसके चमकदार कलर और अलग तरह के पैटर्न की वजह से ये शर्ट AI कैमरे को कन्फ्यूज कर देती है.
जो इंसान इस शर्ट को पहनता है, वो इंसानों को बिल्कुल नॉर्मल दिखाई देता है. लेकिन AI कैमरे के लिए शर्ट का पैटर्न इंसान की बॉडी को अलग-अलग और रैंडम शेप में दिखा सकता है. यानी कैमरे को सामने खड़ा इंसान, इंसान जैसा सही से दिखाई नहीं देता.
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कैसे बनाई गई ये शर्ट?
साइमन विकर्ट ने इस डिजाइन को तैयार करने के लिए AI सिस्टम की मदद ली. इसके लिए ट्रायल और एरर प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया, ताकि ऐसे पैटर्न तैयार किए जा सकें जो AI कैमरे को कन्फ्यूज कर सकें. शर्ट बनने के बाद इसे YOLO नाम के एक ओपन-सोर्स AI ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम से टेस्ट किया गया. टेस्ट में देखा गया कि शर्ट पहनने वाले इंसान को AI सिस्टम कितनी आसानी से डिटेक्ट कर पाता है.