यमन के हूतियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच सऊदी अरब के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. ब्रिटेन ने सऊदी के लिए अपने सैन्य समर्थन को बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है. ब्रिटेन ने ऐलान किया है कि रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून फाइटर जेट सऊदी की रक्षा के लिए 'रक्षात्मक' हवाई गश्त करेंगे.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने बताया कि इसका मकसद यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों की ओर से दागे जाने वाले मिसाइलों और ड्रोन हमलों से सऊदी अरब के शहरों, आम नागरिकों और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचों की रक्षा करना है.
रक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि ब्रिटिश लड़ाकू विमान हूती ठिकानों पर सीधे हमले या बमबारी नहीं करेंगे. इसके अलावा ब्रिटेन सऊदी अरब में एक सैन्य परिवहन विमान और सलाहकारों का एक दल भी भेजेगा.
तीन महीने के लिए बढ़ाई एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग
स्ट्रीटिंग की मानें तो सऊदी विमानों को हवा में ही ईंधन देने के पिछले महीने लिए गए फैसले की अवधि को 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है. संसदीय बयान में रक्षा मंत्री स्ट्रीटिंग ने कहा, 'सरकार का मानना है कि यमन संघर्ष का कोई स्थायी सैन्य समाधान नहीं है. हम टिकाऊ शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन जारी रखेंगे.'
वहीं, प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के प्रवक्ता टॉम वेल्स ने ब्रिटेन के युद्ध में घसीटे जाने के आरोपों को खारिज दिया. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को दिया जा रहा समर्थन पूरी तरह से संतुलित और हूती हमलों से खुद का बचाव करने तक सीमित है.
हूती हमलों को बताया 'घिनौना'
बता दें कि सऊदी सरकार और हूतियों के बीच संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा है. इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब के रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूतियों ने कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. स्ट्रीटिंग ने इन हमलों को 'घिनौना' बताते हुए कहा कि एयरपोर्ट को निशाना बनाना इस बात का सबूत है कि हूती क्षेत्र में स्थिति को कितना बिगाड़ना चाहते हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान या हूती, किसका डर? अमेरिका ने 11 अरब मुल्कों में जारी किया सिक्योरिटी अलर्ट
पिछले महीने सऊदी अरब ने ब्रिटेन, फ्रांस, पाकिस्तान और मिस्र सहित अपने सहयोगियों से हवाई रक्षा सहायता मांगी थी. वहीं, बाइडेन और ट्रंप प्रशासनों के दौरान हूतियों पर बमबारी करने वाले अमेरिका ने इस बार सीधे सैन्य हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है.