अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का असर जहां दुनिया भर के ऊर्जा बाजार पर पड़ा, वहीं सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने इस संकट के बीच दूसरी तिमाही में जबरदस्त मुनाफा दर्ज किया है. कंपनी की एडजस्टेड नेट इनकम सालाना आधार पर 33% बढ़कर 33.4 अरब डॉलर हो गई. एक साल पहले इसी अवधि में यह 25.2 अरब डॉलर थी. हालांकि, कंपनी का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट 44% बढ़कर 32.69 अरब डॉलर रहा.
अरामको का यह प्रदर्शन ऐसे वक्त आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने से वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ा. जंग के कारण कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी आई. रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में अरामको को ऊंची तेल कीमतों और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा मिला, जबकि कंपनी का हाइड्रोकार्बन उत्पादन और निर्यात कुछ हद तक प्रभावित हुआ.
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सऊदी ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बाईपास
लेकिन सऊदी अरब के लिए सबसे बड़ा फायदा उसकी वैकल्पिक निर्यात व्यवस्था बनी. होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम करने के लिए अरामको ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल किया. यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को लाल सागर के तट पर स्थित यनबू बंदरगाह से जोड़ती है. अरामको ने पहले ही इस पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाकर 70 लाख बैरल प्रतिदिन तक कर दी थी, जिससे होर्मुज के जरिए शिपिंग में रुकावट के बावजूद तेल को वैकल्पिक रास्ते से निर्यात करने में मदद मिली.
अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने भी कंपनी की रणनीतिक व्यवस्था को अहम बताया. उनका कहना है कि होर्मुज में सप्लाई बाधित होने के बावजूद कंपनी की विविध एसेट्स, स्टोरेज क्षमता, एक्सपोर्ट टर्मिनल और वैकल्पिक पाइपलाइन नेटवर्क ने कारोबार को जारी रखने में मदद की. कंपनी की पहली तिमाही के आधिकारिक नतीजों में भी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के अधिकतम 70 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता तक पहुंचने की जानकारी दी गई थी.
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सऊदी के पड़ोसियों पर पड़ा असर
वहीं, जंग का असर सऊदी अरब के पड़ोसी तेल और गैस उत्पादक देशों पर ज्यादा देखने को मिला. होर्मुज के जरिए ऊर्जा निर्यात पर निर्भर देशों को शिपमेंट में कटौती या रुकावट का सामना करना पड़ा. इसके मुकाबले सऊदी अरब अपनी वैकल्पिक पाइपलाइन और पश्चिमी तट के एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए सप्लाई का बड़ा हिस्सा बनाए रखने में सफल रहा.
इस तरह ईरान जंग और होर्मुज संकट ने जहां वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मचाई, वहीं सऊदी अरामको ने ऊंची तेल कीमतों और वैकल्पिक निर्यात नेटवर्क का फायदा उठाकर दूसरी तिमाही में मजबूत मुनाफा कमाया. हालांकि, अरामको ने यह भी चेताया है कि वैश्विक तेल भंडार को दोबारा सामान्य स्तर पर लाने में समय लग सकता है, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खुल जाए.