
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में आतंकी हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे. यह कार्यक्रम अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया. इस दौरान उपराज्यपाल ने आतंकियों और उनका साथ देने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सरकार आतंकवाद और उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करके ही दम लेगी.
कार्यक्रम में मनोज सिन्हा ने कहा कि आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लिए बेहद खास है. उन्होंने आतंकियों के हाथों जान गंवाने वाले आम नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि जिन परिवारों ने वर्षों तक दुख और इंतजार झेला है, वे अब नियुक्ति पत्र पाकर सम्मान और रोजी-रोटी दोबारा हासिल कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने और उसमें शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि केंद्र शासित प्रदेश का हर नागरिक शांति, बराबरी और उम्मीद भरा जीवन जी सके.

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उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकार आतंकवाद से पीड़ित हर परिवार की पहचान करेगी और उन्हें सरकारी नौकरी देकर उनकी मदद करेगी. उन्होंने बताया कि यह सरकार की साफ नीति है कि पीड़ित परिवारों के कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा.

अपने बयान में मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2019 में भेदभाव भरी नीतियों का अंत हुआ, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर में सामाजिक न्याय और सबके विकास का नया दौर शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर नए भरोसे के साथ आगे बढ़ रहा है और हर क्षेत्र में हो रहा विकास वहां शांति और खुशहाली ला रहा है. उन्होंने 5 अगस्त को एक ऐतिहासिक दिन बताया, जब भेदभाव वाली नीतियां खत्म हुई थीं.