पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) 27 सितंबर 2026 को विरोध प्रदर्शन पर अड़ी हुई है. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने खुद इसका ऐलान किया है.
पेशावर में सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने बताया कि पार्टी 25 सितंबर को पूरे देश में कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और प्रदर्शन की रणनीति का ऐलान करेगी.
इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं और फिलहाल रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं. इस बीच अफरीदी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन से पहले पीटीआई के प्रांतीय मंत्रियों और विधायकों की गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं. इस वजह से पार्टी को अपने संसदीय समूह की इमरजेंसी मीटिंग बुलानी पड़ी.
इमरान खान की तीन बहनें हिरासत में
बता दें कि पुलिस ने सोमवार को इमरान खान की दो बहनों को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर अध्यादेश के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया. इससे एक दिन पहले पुलिस ने उनकी एक और बहन अलीमा खान को इसी कानून के तहत हिरासत में लेकर कोट लखपत जेल भेज दिया था.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन और गृह युद्ध की चेतावनी
सोहेल अफरीदी ने कहा कि पीटीआई ने सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते अपनाए हैं. इसके बावजूद अदालती आदेशों के बाद भी उन्हें इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी का टकराव का कोई इरादा नहीं है और प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हथियार नहीं ले जाएंगे.
हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी होती है, तो उसका जवाब दिया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात देश को गृह युद्ध की ओर धकेल रहे हैं. अफरीदी ने कहा कि उनकी सरकार के संवैधानिक विकल्प खत्म हो चुके हैं, इसलिए उन्होंने लॉन्ग मार्च निकालने का फैसला किया है.
दूसरी ओर, पीटीआई अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर ने कहा कि पार्टी की इस्लामाबाद पर हमला करने की कोई योजना नहीं है और वो कानून-व्यवस्था अपने हाथ में नहीं लेंगे. गौहर ने कहा कि प्रशासन पार्टी को भड़काने का काम कर रहा है.
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सरकार का सख्त अल्टीमेटम
इस बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लाहौर में चेतावनी दी कि सरकार 27 सितंबर को इस्लामाबाद की व्यवस्था बाधित करने की इजाजत नहीं देगी. उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ 'हमले' की तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन इस बार राजधानी को बंद नहीं होने दिया जाएगा.