इस्लामाबाद (Islamabad), पाकिस्तान की राजधानी है (Capital of Pakistan). यह शहर अपने उच्च जीवन स्तर, सुरक्षा, स्वच्छता और हरियाली के लिए जाना जाता है. पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में इस्लामाबाद का एक महत्वपूर्ण योगदान है. देश की आबादी का केवल 0.8 फीसदी आबादी इस्लामाबद में रहती है. यह देश की जीडीपी में 1 फीसदी का योगदान देता है (Islamabad GDP).
2017 की जनगणना के अनुसार, यहां 1.2 मिलियन से अधिक आबादी है (Islamabad Population). साथ ही, यह देश का नौवां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है. अधिकांश आबादी की मातृभाषा (52%) पंजाबी है और 19% आबादी पश्तो बोलती है, जबकि राष्ट्रीय भाषा उर्दू बोलने वाले 12% लोग हैं (Islamabad Language).
ग्रीक वास्तुकार कॉन्स्टेंटिनोस अपोस्टोलो डोक्सियाडिस ने इस्लामाबाद की मास्टर प्लान विकसित की, जिसमें उन्होंने इसे आठ क्षेत्रों में विभाजित किया- प्रशासनिक, राजनयिक एन्क्लेव, आवासीय क्षेत्रों, शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों के साथ-साथ प्रशासित ग्रामीण और हरित क्षेत्र (Islamabad City).
इस्लामाबाद कई पार्कों और जंगलों के लिए जाना जाता है, जिसमें मारगल्ला हिल्स नेशनल पार्क और शकरपेरियन शामिल हैं. यहां का प्रमुख फैसल मस्जिद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी मस्जिद है. अन्य प्रमुख स्थलों में पाकिस्तान स्मारक और लोकतंत्र स्क्वायर शामिल हैं. सल मस्जिद शहर का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल है और यहां प्रतिदिन कई पर्यटकों आते हैं (Islamabad Tourism).
अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बाद अब शांति समझौते की सुगबुगाहट तेज हो गई है. दोनों देशों पर युद्ध रोकने का भारी दबाव है. कूटनीतिक गलियारों में एक ऐसे फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है, जिसे ट्रंप और तेहरान दोनों अपनी 'ऐतिहासिक जीत' बताकर पेश कर सकें.
पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि आसिम मुनीर, गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ, उस डेलिगेशन का हिस्सा हैं, जो इस वक्त ईरान में है. इस दौरे का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए ज़मीन तैयार करने में मदद करना है.
ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि पहले दौर की वार्ता के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल को गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा था. ईरानी शासन के सरकारी प्रवक्ता ने यह दावा करते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका पर कभी भरोसा नहीं कर सकता और इसलिए बातचीत के साथ-साथ युद्ध की तैयारी भी जारी है.
इस्लामाबाद टॉक्स की चर्चाएं अभी तक खत्म नहीं हुई है. पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर के एक शो में दावा किया गया है कि जिस होटल में अमेरिका और ईरान के मेहमान ठहरे थे, उस होटल के मालिक ने 5 दिन का करोड़ों का बिल नहीं लिया है.
इस्लामाबाद वार्ता में अमेरिका ने ईरान पर 20 साल यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव रखा, जिसे तेहरान ने ठुकरा दिया. मतभेदोंऔर अविश्वास के कारण समझौता नहीं हो सका.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अगले 48 घंटों के अंदर सऊदी अरब की यात्रा पर जा सकते हैं. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बुलावे पर हो रही इस यात्रा में क्षेत्रीय घटनाक्रमों और वित्तीय सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने मंत्रिमंडल को बताया कि उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से चर्चा की है, जिन्होंने पाकिस्तान से लौटते वक्त अपने विमान से ही उनसे बात किया था.
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में 21 घंटे बिताने के बाद खाली हाथ लौटे. वेंस के चेहरे पर इस नाकाम वार्ता की मायूसी साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने पहले भी ईरान के साथ युद्ध के खिलाफ चेतावनी दी थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेताया है कि ईरान को हथियार देने पर 50% टैरिफ लगेगा. होर्मुज़ नाकेबंदी और फेल वार्ता के बीच तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है.
इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में एक हिजबुल्लाह ऑपरेटिव को मार गिराने और सुरंग से भारी हथियार जखीरा बरामद करने का दावा किया है. साथ ही एयरस्ट्राइक में दो और लड़ाकों को निशाना बनाया गया. सुरंग से रॉकेट, आरपीजी और ग्रेनेड मिले हैं.
Iran-US Ceasefire Talks Live Updates: इस्लामाबाद शांति वार्ता बिना किसी नतीजे पर पहुंचे खत्म हो गई. अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस को बताया कि हमने 21 घंटों तक लगातार कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन ईरान ने समझौते की शर्तों को मानने से इनकार दिया है, जबकि ईरान का कहना है कि अमेरिका इस बातचीत से निकलना चाहता था.
इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली अमेरिका-ईरान वार्ता किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे बिना खत्म हो गई. ईरान ने अमेरिका पर भरोसा न जीत पाने का आरोप लगाया, जबकि अमेरिकी पक्ष ने परमाणु कार्यक्रम रोकने पर ईरान की ओर से स्पष्ट आश्वासन की कमी को वार्ता में मुख्य बाधा बताया.
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी की कई मांगों की वजह से समझौता नहीं हो सका. हालांकि, ईरान ने संकेत दिया है कि बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और कूटनीतिक जारी रहेंगी.
पाकिस्तान की राजधानी में अमेरिका और ईरान के बीच चली 21 घंटे लंबी गहन चर्चा के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी ओर से "अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव" पेश कर दिया है, लेकिन ईरान ने फिलहाल अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.
इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बावजूद पाकिस्तान खुद को शाबाशी दे रहा है. पाकिस्तान ने वार्ता में शामिल होने के लिए ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा किया है. विदेश मंत्री इशाक डार ने भविष्य में सीजफायर जारी रखने की उम्मीद भी जताई है.
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता एक अहम मोड़ पर है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया है कि 21 घंटे तक चली इस लंबी बैठक के दौरान वे पल-पल की जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे रहे थे.'हॉटलाइन' के जरिए उनके बीच दर्जनों बार बातचीत हुई. हालांकि, इतनी लंबी चर्चा के बाद भी अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार दो अमेरिकी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे हैं. अमेरिकी सेना ने बताया कि ये कदम क्षेत्रीय तनाव कम करने और ऊर्जा की कीमतों में स्थिरता लाने के लिए अहम है.
इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है. वहीं, लेबनान में इजरायली हमलों और बेरुत में भारी विरोध प्रदर्शनों ने तनाव बढ़ा दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को सख्त लहजे में आगाह किया है कि अगर उसने ईरान को हथियारों की सप्लाई की, तो उसे 'बड़ी समस्याओं' का सामना करना पड़ेगा.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि ईरान लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने और प्रतिबंधों के कारण फ्रीज़ की गई संपत्तियों को अनफ्रीज़ करने की मांग कर रहा है.