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अफगान-पाक बॉर्डर पर फिर तनाव, ताबड़तोड़ फायरिंग, 6 नागरिकों की मौत, कई घायल

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में जमीन पर तनाव बढ़ता जा रहा है. रविवार शाम को स्पिन-बोल्दाक इलाके में फायरिंग हुई है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान फौज की तरफ से उसके 6 नागरिकों को मार दिया गया, 17 गंभीर रूप से घायल भी हुए. दो हफ्ते पहले भी ऐसी ही फायरिंग में 6 पाकिस्तानियों की मौत हो गई थी.

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तालिबान और पाकिस्तान में फिर तनाव (सांकेतिक)
तालिबान और पाकिस्तान में फिर तनाव (सांकेतिक)

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में जमीन पर तनाव बढ़ता जा रहा है. रविवार शाम को स्पिन-बोल्दाक इलाके में फायरिंग हुई है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान फौज की तरफ से उसके 6 नागरिकों को मार दिया गया, 17 गंभीर रूप से घायल भी हुए. दो हफ्ते पहले भी ऐसी ही फायरिंग में 6 पाकिस्तानियों की मौत हो गई थी.

पाक आर्मी ने हमले पर क्या बोला?

पाकिस्तान की आर्मी ने इस घटना को लेकर एक बयान जारी किया है. उस बयान में कहा गया है कि अफगान की फौज ने बिना किसी उदेश्य के उनके नागरिकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. उस फायरिंग में 6 नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और 17 घायल हुए. पाक आर्मी की मीडिया विंग ने तो दावा किया है कि हमले के दौरान अफगान फौज द्वारा तोपखाने और मोर्टार का इस्तेमाल किया गया था. इस हमले के बाद एक बार फिर पाक-अफगान बॉर्डर पर तनाव की स्थिति बन गई है. लगातार हो रही ये फायरिंग बॉर्डर इलाकों में रह रहे लोगों को दहशत में डाल रही है.

अभी के लिए पाकिस्तानी आर्मी का जोर देकर कहना है कि वो ऐसे किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं कर रही है और उसकी फौज की तरफ से भी मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. वहीं बातचीत का सिलसिला भी चलता रहे, इसलिए काबुल में बैठी तालिबान सरकार के साथ पाक सरकार ने संवाद स्थापित करने की भी कोशिश की है.

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क्या है ये पूरा विवाद, क्यों हिंसा?

इसी कड़ी में दो हफ्ते पहले पाकिस्तान की विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार भी अफगानिस्तान गई थीं. उनकी वहां सरकार के तमाम बड़े अधिकारी और मंत्रियों से मुलाकात हुई. लेकिन लगातार हो रहे हमले बता रहे हैं कि वो बातचीत भी फेल रही है और जमीन पर उसका ज्यादा असर नहीं रहा. जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान डूरंड लाइन के जरिए अलग होते हैं. ये एक रेखा है जो बताती है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान का एरिया कहा तक है. लेकिन विवाद इस बात को लेकर है कि तालिबान हमेशा से ही खैबर पख्तूनख्वा राज्य को अपने देश का हिस्सा मानता है. जब से उसकी अफगानिस्तान मे सरकार बनी है, उसने कई मौकों पर पाक को धमकी दी है कि तुरंत इस इलाके को खाली किया जाए.

इसी वजह से बॉर्डर पर पिछले 6 से 7 महीनों में कई बार हिंसक झड़पें देखने को मिली हैं. एक तरफ अफगान की फौज आक्रमक है तो पाक भी इस इलाके की रक्षा करने के लिए अपनी आर्मी को जमीन पर और ज्यादा सक्रिय कर रहा है.

 

 

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