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मोर्चरी फुल... बाहर अपनों की तलाश, नेपाल के चितवन का मंजर रुलाएगा!

नेपाल के इस बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान रसुवा और नुवाकोट में हुआ है. लेकिन चितवन में सबसे ज्यादा डेड बॉडीज मिली है. इनकी हालत ऐसी है कि ये शव पहचान में नहीं आ रही हैं. छोटे शहर चितवन में एक साथ इतनी डेड बॉडीज आ जाने से मोर्चरी में शव रखने की जगह नहीं है.

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नेपाल के नुवाकोट में तबाही की तस्वीर (Photo: AP)
नेपाल के नुवाकोट में तबाही की तस्वीर (Photo: AP)

फ्रेंडशिप ब्रिज से चितवन तक की दूरी लगभग 200 किलोमीटर तक है. रास्ते में कौन कहां से भोटेकोशी नदीं में बहा कुछ पता नहीं. लेकिन इनकी लाशें चितवन में मिल रही हैं. 

चितवन में बाढ़ के बाद का माहौल दुख और पहचान करने की कोशिशों से भरा है. लापता रिश्तेदारों की तस्वीरें लिए परिवार वाले भरतपुर अस्पताल के बाहर जमा हो रहे हैं, ताकि नदियों से निकाले गए शवों की पहचान कर सकें. 

अस्पताल में बरामद शवों की संख्या इतनी ज़्यादा हो गई है कि मुर्दाघर में जगह कम पड़ गई है; अधिकारी और शव रखने के लिए इंतज़ाम कर रहे हैं.

चितवन में मिले 135 शवों की पहचान के लिए कल से प्रक्रिया शुरू होगी.

रसुवा में आई बाढ़ में बहकर लापता हुए लोगों में से चितवन में अब तक कुल 135 शव बरामद किए जा चुके हैं. 

इन शवों को पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भरतपुर स्थित औद्योगिक व्यवसाय विकास प्रतिष्ठान के हॉल में बनाए गए अस्थायी पहचान केंद्र में लाया गया है.

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चितवन की मोर्चरी के बाहर पुलिस सुरक्षा. (Photo: ITG)

चितवन के एसपी रामेश्वर पौडेल के अनुसार शवों को व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए 7 डेकर बनाए गए हैं. शवों की सुरक्षा के लिए रात के समय सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा. शवों को खराब होने से बचाने के लिए माइनस डिग्री तापमान बनाए रखा जा रहा है.

चिकित्सकों ने शवों को साफ करने के बाद उन्हें महिला, पुरुष और उम्र के आधार पर अलग-अलग किया है और स्पष्ट तस्वीरें खींची हैं.

एसपी पौडेल ने बताया कि इन तस्वीरों को शुक्रवार सुबह 7 बजे से उसी उद्योग संघ के बड़े हॉल में रखा जाएगा, ताकि परिजन अपने लापता लोगों की पहचान कर सकें. 

गिरी लाल के पास पत्नी और चार बच्चों की यादें

बुधवार को नेपाल के रसुवा ज़िले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में अचानक आई बाढ़ के बाद गिरी लाल के पास अब सिर्फ़ अपनी पत्नी और चार बच्चों की यादें ही बची हैं.

38 साल के गिरी लाल भी उस आपदा की चपेट में आ गए थे. जो इस हादसे के चश्मदीद बने उन्हें ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो. इस अचानक आई बाढ़ में लाल का पूरा परिवार पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां बह गए. 

स्थानीय वेस्ट मैनेजमेंट ऑफ़िस के लिए ट्रक चलाने वाले लाल का इलाज अब काठमांडू के सरकारी अस्पताल में चल रहा है, जो तिमुरे से लगभग 160 किलोमीटर दूर है. 

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तबाही का मंजर

नेपाल से आ रही तस्वीरों में भयानक बाढ़ से हुई तबाही का मंज़र दिख रहा है. इस बाढ़ ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में भारी तबाही मचाई है, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं और बड़े इलाके कीचड़, पत्थरों और मलबे से पट गए हैं.

सबसे ज़्यादा नुकसान रसुवा और नुवाकोट में हुआ है. प्रभावित इलाकों की तस्वीरों और वीडियो में इमारतें क्षतिग्रस्त या बहती हुई, सड़कें कटी हुई और नदी के किनारे बसी बस्तियां मलबे से ढकी हुई दिखाई दे रही हैं.

रसुवा के तिमुरे और रसुवागढ़ी में, बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के किनारे बसी बस्तियों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. ये दोनों कस्बे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित हैं.

रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक था, जहां इमारतें और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए. 

नुवाकोट में आगे की ओर, त्रिशूली बाज़ार और आस-पास के इलाकों में तबाही बहुत ज़्यादा थी.

खबरों के मुताबिक त्रिशूली बाज़ार और उसके आस-पास करीब 60 घर बह गए, जबकि त्रिशूली नदी पर बने दो पुल भी बह गए. पास के देवीघाट इलाके को भी भारी नुकसान पहुंचा.

बाढ़ के कारण बचाव दल नदी के किनारों पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बहकर आए शवों को निकाल रहे हैं.

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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, तनहुं, चितवन और नवलपरासी जिलों से शव बरामद किए गए हैं.
 

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