उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मजदूर की बेरहमी से हत्या कर दी गई. चौबेपुर थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय रामजनम वनवासी को ट्रैक्टर चोरी के शक में ईंट-भट्ठा संचालक और उसके साथियों ने कथित तौर पर पेड़ से बांध दिया. इसके बाद लाठी-डंडों से इतनी बर्बरता से पीटा गया कि उसकी मौत हो गई. आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया.
बताया जा रहा है कि रामजनम इलाके के ही एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था. भट्ठा बंद होने के बाद वह बेरोजगार हो गया था. इसी दौरान दूसरे ईंट-भट्ठे के संचालक अजय सिंह को उस पर ट्रैक्टर चोरी करने का शक हुआ. आरोप है कि अजय अपने तीन साथियों के साथ रामजनम को पकड़कर ले गया और पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई शुरू कर दी.
यह भी पढ़ें: वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, दशाश्वमेध घाट डूबा, जल पुलिस चौकी में भरा बाढ़ का पानी
आरोप है कि हमलावर तब तक लाठियां बरसाते रहे, जब तक रामजनम की जान नहीं चली गई. इसके बाद शव को चोलापुर क्षेत्र में सुनसान जगह पर फेंक दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए. घटना 20 अगस्त की बताई जा रही है. अगले दिन 21 अगस्त की सुबह पुलिस को रामजनम का शव लावारिस हालत में मिला, लेकिन उस समय उसकी पहचान और हत्या की पूरी वजह सामने नहीं आ सकी.
वायरल VIDEO से सामने आया हत्या का सच
मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब रामजनम की पिटाई का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं. फुटेज के आधार पर पुलिस को पता चला कि वीडियो में पीड़ित रामजनम ही है और उसकी पिटाई करने वालों में ईंट-भट्ठा संचालक अजय सिंह शामिल था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की.
मृतक की पत्नी चंदौली जिले के धानापुर की रहने वाली हैं. उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की. इसके बाद मुख्य आरोपी ईंट-भट्ठा संचालक अजय सिंह और उसके साथी विशाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने दोनों को मीडिया के सामने भी पेश किया. वहीं, वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद की गई है. अधिकारियों का कहना है कि फरार दोनों साथियों की तलाश की जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है. पुलिस ने माना है कि रामजनम के साथ बेहद बेरहमी से मारपीट की गई थी.
शव मिलने के बाद क्यों नहीं हुई FIR?
इस मामले में शव मिलने के करीब एक सप्ताह बाद आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस पर एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच ने बताया कि शव बरामद होने के बाद पुलिस ने रामजनम के परिवार से संपर्क किया था, लेकिन उस समय परिजन शिकायत करने के लिए तैयार नहीं हुए थे.
एडीसीपी के मुताबिक, बाद में जब रामजनम की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ तो परिवार ने शिकायत की. इसके आधार पर FIR दर्ज की गई और मुख्य आरोपी अजय सिंह तथा उसके साथी विशाल सिंह को गिरफ्तार किया गया. दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी.
देखें वीडियो...
पुलिस की कार्रवाई के बीच गिरफ्तार आरोपियों को जब मीडिया के सामने लाया गया तो उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछतावा नजर नहीं आया. पुलिस जीप से उतरने के बाद भी दोनों की चाल और हावभाव में रौब दिखाई दिया. इस रवैये ने घटना की गंभीरता के बीच एक अलग सवाल खड़ा कर दिया है कि इतनी निर्ममता के बावजूद आरोपियों में कानून का डर क्यों नहीं दिखा.
वीडियो बनाकर दबदबा कायम करने का आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि रामजनम की पिटाई का वीडियो बनाया गया था. आरोप है कि इसे इलाके में अपना दबदबा कायम रखने के लिए रिकॉर्ड किया गया और बाद में वीडियो वायरल भी हो गया. इसी फुटेज ने आखिरकार उस वारदात की कड़ियां जोड़ने में पुलिस की मदद की, जिसका शव मिलने के बाद तत्काल खुलासा नहीं हो सका था.
रामजनम की मौत के बाद अब उसकी पत्नी और परिवार के सामने बड़ा सवाल न्याय का है. एक मजदूर पर सिर्फ चोरी का शक जताकर कानून हाथ में लेने और उसकी जान लेने के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है. पुलिस अब फरार दो आरोपियों की तलाश के साथ घटना में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है.
वाराणसी के इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. अधिकारियों के मुताबिक, सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, वायरल वीडियो ने इस घटना की बर्बरता को सामने ला दिया है और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जांच पर लोगों की नजर बनी हुई है.