'आज तुम नहीं मरोगे...' इजरायली यात्री यानिव हयून ने ये शब्द कैप्टन स्मित मच्छार से कहे थे. उस वक्त फ्लाईदुबई की फ्लाइट एक बड़े हादसे के बेहद करीब थी. कॉकपिट में को-पायलट ने भारतीय पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था. कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल होकर फर्श पर गिर चुके थे. तभी कॉकपिट का दरवाजा खुला. हयून ने अंदर का मंजर देखा. उन्होंने हमलावर को पीछे से पकड़ा और कॉकपिट से बाहर खींच लिया.
हयून ने बताया कि उस वक्त उन्हें लगा था कि विमान क्रैश होने वाला है. अगर कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता, तो विमान में सवार लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी. उन्होंने अब इस खौफनाक घटना की आंखों देखी कहानी सुनाई है.
दरअसल, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट स्मित मछार पर ओमानी को-पायलट ने हमला कर दिया था. हमले का पूरा घटनाक्रम इजरायली यात्री यानिव हायुन ने बताया. उन्होंने कहा कि कॉकपिट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार घायल हालत में पड़े थे. उनके को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था. हायुन ने कैप्टन को देखते ही कहा, 'आज तुम नहीं मरोगे.'
यानिव हायुन पेशे से प्लंबर हैं. वह अपनी बेटी नोआ के साथ फ्लाइट में सवार थे. विमान में कुल 174 लोग मौजूद थे. हमले के दौरान हायुन कॉकपिट के पास पहुंचे. उन्होंने देखा कि कॉकपिट का दरवाजा खुला हुआ था. एक क्रू मेंबर के साथ उन्होंने दरवाजे को जोर से धक्का दिया. इसके बाद दोनों अंदर दाखिल हो गए.
फर्श पर घायल पड़े थे कैप्टन स्मित
हायुन ने बताया कि कॉकपिट के अंदर का मंजर बेहद डरावना था. कैप्टन स्मित मच्छार फर्श पर पड़े थे. वह बुरी तरह घायल थे. वहीं ओमानी को-पायलट प्लेन को कंट्रोल कर रहा था. हायुन को लगा कि वह प्लेन के सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर रहा है.
हायुन ने पीछे से को-पायलट को पकड़ लिया. उन्होंने उसे खींचकर कंट्रोल से दूर किया. को-पायलट ने इसका विरोध किया और वापस कॉकपिट में रहने की कोशिश की. लेकिन यात्रियों ने उसे वहां नहीं रहने दिया. उसे कॉकपिट से बाहर खींच लिया गया.
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हायुन ने बताया कि उस वक्त कॉकपिट में अफरातफरी मची थी. कुछ लोग घायल कैप्टन की मदद कर रहे थे. कुछ लोग को-पायलट को रोक रहे थे. हायुन कुछ देर के लिए विमान के कंट्रोल के पास गए और प्लेन को संभालने की कोशिश की.
इसके बाद इकोनॉमी क्लास में बैठे दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे. दोनों उस समय यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे. उन्होंने विमान का कंट्रोल संभाल लिया. इसके बाद हायुन कॉकपिट से बाहर आ गए और दरवाजे के पास खड़े रहे. उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई और अंदर न जाए.
'स्मित ने दरवाजा नहीं खोला होता तो हम सब मर जाते'
इंडिया टुडे से बात करते हुए हायुन ने कहा कि कैप्टन स्मित ने घायल होने के बाद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था. अगर दरवाजा नहीं खुलता तो यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका नहीं मिलता. हायुन ने कहा कि कैप्टन स्मित हीरो हैं. अगर उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता और हमें अंदर नहीं आने दिया होता, तो हम सब मर जाते.
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इजरायली यात्री हायुन ने कहा कि वह यह सोच भी नहीं सकते कि घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हमलावर का कैसे सामना किया. उन्होंने कैप्टन स्मित के जल्द ठीक होने की कामना की. साथ ही कहा कि वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर धन्यवाद देना चाहते हैं.