दुबई (Dubai) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का सबसे अधिक आबादी वाला शहर भी है. 1800 के दशक में एक मछली पकड़ने वाले गांव के रूप में स्थापित किया गया था. दुबई 20वीं सदी की शुरुआत और 21वीं सदी की शुरुआत से पर्यटन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है. इसमें दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा पांच सितारा होटल हैं. दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफा फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है.
दुबई पर 1833 से अल मकतूम परिवार का शासन है. अमीरात एक निरंकुश राजतंत्र है. दुबई के नागरिक 'यूएई' की संघीय राष्ट्रीय परिषद के प्रतिनिधियों को वोट देने के लिए निर्वाचक मंडल में भाग लेते हैं. शासक, महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री हैं. वे संघ की सर्वोच्च परिषद (एससीयू) के सदस्य भी हैं. दुबई संयुक्त अरब अमीरात की संघीय राष्ट्रीय परिषद (एफएनसी) में दो-कार्यकाल अवधि में 8 सदस्यों को नियुक्त करता है, जो सर्वोच्च संघीय विधायी निकाय है..
इसकी अर्थव्यवस्था व्यापार, पर्यटन, विमानन, रियल एस्टेट और वित्तीय सेवाओं से होने वाले राजस्व पर निर्भर करती है. 2018 में तेल उत्पादन ने अमीरात के सकल घरेलू उत्पाद में 1 प्रतिशत से भी कम का योगदान दिया था.
शहर की आबादी 2022 तक लगभग 3.60 मिलियन है. दुबई का क्षेत्रफल 1,287.5 वर्ग किलोमीटर है. जनसंख्या घनत्व 408.18/km2 है - जो पूरे देश के आठ गुना से भी ज़्यादा है. दुबई इस क्षेत्र का दूसरा सबसे महंगा शहर और दुनिया का 20वां सबसे महंगा शहर है.
यूएई की संस्कृति मुख्य रूप से पारंपरिक अरब संस्कृति को दर्शाती है. इसकी वास्तुकला, संगीत, पोशाक, भोजन और जीवनशैली पर अरब और इस्लामी संस्कृति का प्रभाव है. मुसलमानों को देश भर में फैली मस्जिदों की मीनारों से हर दिन पांच बार नमाज के लिए बुलाया जाता है.
दुबई में प्रमुख छुट्टियों में ईद-उल-फ़ित्र और 2 दिसंबर को राष्ट्रीय शामिल है.
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि कई वर्षों के तेज उछाल के बाद अब दुबई का रेजिडेंशियल मार्केट अधिक संतुलित विकास के दौर में प्रवेश कर रहा है. हालांकि बिक्री की गतिविधियां थोड़ी धीमी हुई हैं, लेकिन बढ़ती कीमतें दर्शाती हैं कि कई हाई-डिमांड सेगमेंट्स में मांग अभी भी आपूर्ति की तुलना में अधिक है.
शेख का शाही काफिला इतना बड़ा है कि ये हजारों एकड़ का एस्टेट भी उनके लिए छोटा पड़ जाता है. जब अपनी कई पत्नियों, 30 बच्चों, रिश्तेदारों और बॉडीगार्ड्स की पूरी फौज के साथ वो चलते हैं.
'लोग सिर्फ टैक्स-फ्री सैलरी देखते हैं...' दुबई में अकेली रह रही भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने विदेश में रहने के भावनात्मक अनुभव और परिवार से दूर रहने की मुश्किलों को साझा किया.
आखिर ऐसा क्या हुआ कि भारतीय देश के महानगरों को छोड़कर रेगिस्तान के इस आलीशान शहर की तरफ रुख कर रहे हैं और अपनी कमाई वहां की प्रॉपर्टी में लगा रहे हैं.
श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर लॉकअप शो से बाहर आने के बाद अपने विवाद और ट्रोलिंग पर खुलकर बोलीं। उन्होंने बताया कि आईपीएल के दौरान वायरल हुए एक वीडियो के बाद उन्हें जान से मारने और रेप की धमकियां मिलीं, साथ ही उनके लुक्स, बॉडी और कैरेक्टर पर भी भद्दे कमेंट किए गए।
भारत से दुबई जाने वाले लोग सिर्फ बड़े ओहदे वाले नहीं होते, बल्कि कई वहां डिलिवरी एजेंट, हेल्पर और गिगवर्कर बनकर भी काम करते हैं और पैसा कमाते हैं. चलिए ऐसे में समझते हैं कि भारत और नेपाल जैसे देश से दुबई जाकर डिलिवरी ब्वॉय का काम करने वाले लोग कितना कमा लेते हैं.
दुबई में बालकनी या रेलिंग पर कपड़े टांगना कई जगह नियमों के खिलाफ है. ऐसे में सवाल उठता है कि वहां रहने वाले लोग कपड़े कैसे सुखाते हैं और बिना धूप के उनका काम कैसे चलता है. जानिए दुबई का पूरा सिस्टम.
यूएई सरकार का यह खास परमिट विदेशी कुशल पेशेवरों, फ्रीलांसरों और निवेशकों को पारंपरिक वर्क वीज़ा के नियमों से मुक्ति देता है. इस वीज़ा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी एम्प्लॉयर स्पॉन्सरशिप के पूरे 5 साल की रेज़िडेंसी प्रदान करता है.
दुबई दुनिया की उन चुनिंदा जगहों में से एक है, जहां अगर किसी के पास हुनर है तो उसे आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलता है. यही वजह है कि यहां आकर अपनी किस्मत बदलने वालों की कहानियां अक्सर वायरल होती रहती हैं.
दुबई में एक ब्रिटिश टिकटॉकर पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है. परिवार का दावा है कि वह हिंसा और शोषण की शिकार थीं, जबकि यूएई में उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है. सोशल मीडिया पर ये मामला काफी चर्चा में है.
दुबई में ऑफिस शिफ्ट करने वाली भारतीय उद्यमी रिया उप्रेती का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका कहना है कि हर बार दुबई से भारत लौटने पर उन्हें यहां के माहौल में ढलने में कुछ दिन लगते हैं. उन्होंने हर भारतीय को जिंदगी में कम से कम एक बार विदेश जाने की सलाह दी है. उनकी इस बात पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है.
दुबई के पॉश इलाके दुबई मरीना में स्थित इस फ्लैट को देख जहां कुछ लोग हैरान हैं, वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स इस फ्लैट से मिलने वाले शानदार व्यूज और लग्जरी सुविधाओं को देखते हुए इसे पैसा वसूल बता रहे हैं.
Win Your Home in Dubai कैंपेन के तहत Binghatt कुल 12 अपार्टमेंट देगा. 30 अगस्त तक हर हफ़्ते विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे और उसी दिन आखिरी अपार्टमेंट पाने वाले का नाम भी बताया जाएगा.
दुबई में रहने वाली 27 साल की भारतीय महिला ने मॉल में खरीदारी के बाद एक QR कोड स्कैन किया. कुछ दिन बाद फोन आया कि उन्होंने फ्लैट जीत लिया है, लेकिन उन्हें यकीन ही नहीं हुआ.
दुबई का बुर्ज खलीफा जल्द ही दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का अपना ताज खोने वाला है. सऊदी अरब का महत्वाकांक्षी 'जेडा टावर' (Jeddah Tower) अब आसमान को छूने के लिए अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है.
दुबई, मुंबई, शेनझेन, लागोस, मेक्सिको सिटी और सिएटल शहरों की 'नब्ज' का पता चला है. जैसे किसी जीवित प्राणी की. स्टडी करने वालों ने इस नब्ज को कभी तेज और कभी धीमा पाया.
Dubai Petrol Pump Worker Salary: भारत से दुबई जाने वाले कई लोग वहां पेट्रोल पंप पर काम करते हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर उन्हें कितने रुपये सैलरी मिलती है?
मार्च में दुबई के आलीशान 'पाम जुमेराह' इलाके में हुए मिसाइल हमले के बाद से बाजार में ऐसा पैनिक फैला है कि शहर के लग्जरी विला और फ्लैट्स खरीदे बिना ही दुनिया के सुपर-अमीर निवेशक अब दुबई छोड़कर लंदन, मिलान और सिंगापुर जैसे सुरक्षित ठिकानों का रुख कर रहे हैं.
अगर आप सोचते हैं कि एक शहर में सभी लोगों के लिए सूर्यास्त का समय एक जैसा होता है, तो बुर्ज खलीफा आपको हैरान कर देगा. यहां ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों के लिए सूरज कुछ मिनट बाद डूबता है. इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह बेहद दिलचस्प है.
वे भारत छोड़कर नहीं जा रहे हैं, लेकिन वो चाहते हैं कि ज़रूरत पड़ने पर उनके पास ऐसा करने का विकल्प हो. दुबई से लेकर पुर्तगाल और ग्रीस तक, प्रमोटर और कारोबारी परिवार विदेशों में दूसरी रेज़िडेंसी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, यह देश छोड़ने के बारे में नहीं है, यह एक तरह का इंश्योरेंस है.
828 मीटर ऊंचे बुर्ज खलीफा की 163वीं मंजिल तक पानी कैसे पहुंचता है? बात हो रही है दुबई के बुर्ज खलीफा की. सवाल यह है कि आखिर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के हर फ्लोर तक पानी कैसे पहुंचाया जाता है. इसके पीछे कैसी इंजीनियरिंग काम करती है और इंजीनियरों ने किस अनोखे आइडिये के जरिए इस लगभग नामुमकिन लगने वाले काम को मुमकिन बनाया?