फ्लाईदुबई (Flydubai) संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी स्वामित्व वाली एविएशन कंपनी है, जिसका पूरा नाम दुबई एविएशन कॉरपोरेशन है. इसका मुख्यालय दुबई में है और यह दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी अधिकतर उड़ानें संचालित करती है. कंपनी की स्थापना दुबई सरकार ने जुलाई 2008 में की थी. हालांकि यह अमीरात समूह का हिस्सा नहीं है, लेकिन स्थापना के शुरुआती दौर में अमीरात एयरलाइन ने फ्लाईदुबई को सहयोग दिया था.
फ्लाईदुबई ने जून 2009 में नियमित यात्री उड़ानों का संचालन शुरू किया. इसकी शुरुआती उड़ानों में दुबई से बेरूत और अम्मान के लिए सेवाएं शामिल थीं. समय के साथ कंपनी ने अपने मार्गों का विस्तार किया और मध्य पूर्व के साथ अफ्रीका, एशिया तथा यूरोप के कई शहरों को दुबई से जोड़ा.
फ्लाईदुबई के बेड़े में बोइंग 737 श्रेणी के विमान शामिल हैं. सितंबर 2026 में कंपनी ने बताया था कि उसके बेड़े में 98 बोइंग 737 विमान हैं, जिनमें बोइंग 737-800, बोइंग 737 मैक्स 8 और बोइंग 737 मैक्स 9 शामिल हैं. कंपनी के अनुसार उसने 2009 में संचालन शुरू करने के बाद 137 मिलियन से अधिक यात्रियों को सेवा दी है.
फ्लाईदुबई के इतिहास में कुछ गंभीर एविएशन घटनाएं भी दर्ज हैं. 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 को विमान के कॉकपिट में हुई गंभीर घटना के बाद सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया. खबर है कि कॉकपिट में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार और उनके ओमानी सह-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई. रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए. विमान ने आपातकालीन संकेत भेजे और सुरक्षित रूप से तबूक में उतरा. घटना के कारण और परिस्थितियों की जांच की जा रही है.
26 जनवरी 2015 को दुबई से बगदाद जा रही फ्लाइट पर बगदाद हवाई अड्डे के पास गोली चली थी. विमान सुरक्षित उतर गया था. 19 मार्च 2016 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 981 रूस के रोस्तोव-ऑन-डॉन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें विमान में सवार सभी 62 लोगों की मृत्यु हुई थी. जांच में दुर्घटना के लिए पायलट से जुड़ी 'एरर' को प्रमुख कारण बताया गया था.
फ्लाईदुबई फ्लाइट में कैप्टन स्मित का इलाज करने वाले डॉ शोता मुसाएव ने कहा कि वे लगातार कह रहे थे प्लीज़ सोइए मत, हमें आपकी ज़रूरत है. उन्होंने कैप्टन स्मित से पूछा कि उनके कितने बच्चे हैं और उनके नाम क्या हैं. एक वक्त आया जब उनका पल्स एकदम नीचे चला गया, होंठ नीले पड़ गए.
फ्लाई दुबई विमान में को-पायलट वाली साजिश ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. कट्टरपंथी सोच रखने वाले को-पायलट ने कैसे तबाही का मंसूबा पाला था? कैसे उसने 9/11 जैसी खौफनाक वारदात दोहराने की साजिश रची थी? कैसे वो अपने मंसूबे को अंजाम देने में जुटा था? तमाम सवालों के जवाब एक-एक कर आते जा रहे हैं. सबसे नया खुलासा ये हुआ है कि वो विमान को हाईजैक कर क्रैश करना चाहता था. ये भी पता चला है कि आरोपी को-पायलट को लेकर तीन देशों में लापरवाही बरती गई. अगर लापरवाही नहीं हुई रहती तो 34000 फीट ऊपर उड़ान के दौरान ये वारदात नहीं हुई रहती.
फ्लाईदुबई का हादसा होते ही सोशल मीडिया पर कई अकाउंट सक्रिय हो गए, जो इस घटना को यहूदियों का ऑपरेशन बता रहे थे. इस विमान द्वारा इमरजेंसी सिग्नल भेजने के 67 मिनट बाद ही पहला पोस्ट आया जिसमें साजिश की थ्योरी की ओर इशारा किया गया.
फ्लाईदुबई फ्लाइट में को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार अबू धाबी में रिकवर कर रहे हैं. भारतीय मिशन के मुताबिक उनकी रिकवरी अच्छी है और डॉक्टर उनके सभी हेल्थ पैरामीटर्स, खासकर आंखों की रोशनी पर लगातार नजर रख रहे हैं. हालांकि, पूरी तरह ठीक होने में अभी कुछ वक्त लग सकता है.
फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट ने तेल अवीव के बेन गुरियर हवाई अड्डे में विमान क्रैश करने की साजिश रची थी. कप्तान स्मिच मछार पर हमला किया. इजरायल ने फाइटर जेट्स भेजे थे कि अगर प्लेन में कुछ भी गड़बड़ होती तो वे उसे हवा में उड़ा देते.
फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुए हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने व्यक्तिगत तौर पर ईरान को जिम्मेदार माना है। 30 सितंबर को ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था.
सऊदी अरब और UAE की जांच एजेंसियां फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के फोन डेटा की जांच कर रही हैं. इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने पूछताछ में हम्मामी ने गाजा का बदला लेने की बात कबूली.
फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के कॉकपिट हमले के बाद इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स को तैयार कर लिया था. अगर विमान तेल अवीव की तरफ बढ़ता रहता और हाइजैकिंग की पुष्टि होती, तो उसे मार गिराने तक का विकल्प तैयार रखा गया था.
फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी पर पहले से व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बावजूद उसे दोबारा पैसेंजर उड़ानें संचालित करने की अनुमति मिली। घटना के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एविएशन सिक्योरिटी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए समीक्षा की बात कही।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने के आरोपी फ्लाईदुबई के को-पायलट के बारे में यह जानकारी थी कि वह एक 'मुसीबत' है और उन्होंने सवाल उठाया कि उसे एयरलाइन के लिए उड़ान भरने की इजाजत कैसे मिली.
फ्लाई दुबई की फ्लाइट में एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक वाकया सामने आया है. यहाँ अलकायदा से प्रेरित ओमान के को-पायलट हमाम अलहामी ने उड़ते विमान में मुख्य पायलट कैप्टन स्मिथ मछार पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया. आरोपी को-पायलट का मकसद इस विमान को तेल अवीव में क्रैश कराकर बड़ा आत्मघाती हमला करना था. विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मिथ ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे.
फ्लाई दुबई के विमान में हुई घटना को लेकर नए-नए खुलासे और दावे हो रहे हैं. जिस वक्त हज़ारों फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में खून से लथपथ कैप्टन स्मित 174 लोगों को बचाने के लिए जंग लड़ रहे थे, तब यात्रियों ने ओमानी को-पायलट को अपनी जान पर खेलकर काबू में किया. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि जब यात्री उस आतंकी को बांध रहे थे, तब फ्लाईदुबई के क्रू मेंबर्स उसे छुड़ाने पर क्यों अड़े थे? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
फ्लाई दुबई के एक विमान को लेकर बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है. सह-पायलट हमाम अल हमामी ने इजरायल के सबसे व्यस्त बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को क्रैश करने की खतरनाक साजिश रची थी. इस ओमान मूल के सह-पायलट ने फ्लाई दुबई की उड़ान पर पूरी तरह कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय मूल के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अपनी सूझबूझ और साहस से इस बड़ी साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया.
30 सितंबर को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन पर कॉकपिट में हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हम्मामी ने जुलाई में ही 9/11 जैसे हमले की योजना बनाई थी. ओमान एयर से कट्टरपंथी झुकाव के कारण हटाए गए हम्मामी को फ्लाईदुबई में बिना बैकग्राउंड जांच शामिल किए जाने पर सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
फ्लाई दुबई विमान से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है. ओमान के रहने वाले को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने फ्लाई दुबई की एक फ्लाइट को हाईजैक कर इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करने की बड़ी साजिश रची थी. हालांकि, भारतीय पायलट ने अपनी सूझबूझ से इस भयानक हमले को नाकाम कर दिया. जांच रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट हम्मामी ने फ्लाइट पर पूरी तरह से कब्जा करने की कोशिश की थी. उसने कॉकपिट के अंदर मुख्य कैप्टन स्मिथ मच पर चाकू से हमला कर दिया.
दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही दुबईफ्लाई की फ्लाइट के पैसेंजर्स के लिए 30 सितंबर का सफर किसी बुरे सपने से कम नहीं था. ये सपना और भयानक हो सकता था अगर इस फ्लाइट को स्मित मच्छार न उड़ा रहे होते. क्या है ये दिल दहला देने वाली कहानी, जानिए पूरी तफ्सील से क्राइम कहानियां विथ शम्स में.
फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने 30 सितंबर को भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर कॉकपिट में हमला कर विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की. जांच में सामने आया है कि हमाम को पहले ही ओमान एयर ने चरमपंथी विचारों और सामग्री को लेकर उड़ान भरने से रोक दिया था.
9/11 हमले के बाद अमेरिका, भारत और इजरायल जैसे देश हाईजैकिंग के शिकार प्लेन को गाइडेड मिसाइल बनने से रोकने के लिए लगातार अभ्यास करते रहे हैं. ऐसी परिस्थितियों में सरकारें बड़ी ट्रैजड़ी को रोकने के लिए सारे विकल्प फेल होने पर ऐसे विमान को गिराने का आदेश दे सकती हैं.
फ्लाई दुबई विमान में सह-पायलट की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. ओमान के कट्टरपंथी सह-पायलट हमाम अल हमामी ने अमेरिका में हुए 9/11 हमले जैसी तबाही मचाने का मंसूबा बनाया था. वह इस विमान को हाइजैक कर इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर किसी इमारत या अन्य विमान से टकराना चाहता था.
फ्लाई दुबई विमान हादसे की खौफनाक साजिश को लेकर एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. जांच के अनुसार, आरोपी सह-पायलट हमम अल हमामी विमान पर नियंत्रण पाकर उसे इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट की किसी इमारत से टकराना चाहता था. वह विमान को क्रैश कराने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन भारतीय मूल के बहादुर कैप्टन स्मिथ मच्छार ने अपनी सूझबूझ और जांबाजी से इस भयावह साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया. आरोपी सह-पायलट ने पहले भी ऐसी ही हमले की कोशिश की थी.
फ्लाई दुबई की फ्लाइट में हुई हिंसक घटना को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इजराइली मीडिया के दावों के अनुसार, विमान के को-पायलट हमाम अल हमामी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसका इरादा इस विमान को इजरायल में क्रैश कराने का था. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. जांच के दौरान को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पड़ताल की गई, जिसमें अलकायदा से जुड़े आतंकियों की तस्वीरें मिली हैं. इससे इस पूरी साजिश के पीछे आतंकवादी कनेक्शन होने की आशंका जताई जा रही है.