कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) भारतीय पायलट हैं, जो फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई घटना के बाद चर्चा में आए हैं. 30 सितंबर 2026 को यह विमान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था. उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और उनके ओमानी सह-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई. रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने स्मित मछार पर चाकू से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
कैप्टन स्मित मछार मूल रूप से गुजरात से बताए जाते हैं और भारतीय नागरिक हैं. विमानन क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने अपने करियर का एक बड़ा हिस्सा स्पाइसजेट के साथ काम करते हुए बिताया. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह 2011 में स्पाइसजेट से जुड़े थे और वहां पायलट के साथ प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं. उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का अनुभव है.
जून 2022 में कैप्टन स्मित मछार फ्लाईदुबई से जुड़े. उन्हें डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर कंपनी में शामिल किया गया था. रिपोर्टों में उनके पास हजारों घंटे की उड़ान का अनुभव होने की जानकारी भी दी गई है. स्पाइसजेट में उन्होंने अन्य पायलटों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाई थीं.
घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार को सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. भारतीय दूतावास के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई है और दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है. घटना की जांच जारी है.
कभी पारिवारिक टेक्सटाइल बिजनेस संभालने का सपना देखने वाले मुंबई के स्मित मछार आज एक ऐसे जांबाज पायलट के रूप में उभरे हैं, जिनकी सूझबूझ ने 174 लोगों को नई जिंदगी दी है. हवा में को-पायलट के हमले से लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी. उनकी बहादुरी की तारीफ पीएम मोदी ने भी की है.
फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हुई। आरोप है कि को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश की। विमान तेजी से करीब 14 हजार फीट नीचे आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन को हीरो बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने खतरे के बीच हिम्मत नहीं छोड़ी और दूसरों की जान बचाने के लिए मुकाबला किया।
इजरायली दूत रियुवेन अजार ने फ्लायदुबई की चाकूबाजी की घटना को विमान गिराने की आतंकी कोशिश बताया और कहा कि घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित मछार ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि यात्रियों, पायलटों और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल ने मिलकर बड़े खतरे को टाला, जबकि पूरी तस्वीर जांच और ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट के बाद साफ होगी.
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल जा रही फ्लाईदुबई उड़ान में एक पायलट ने अपने सहयोगी पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद घायल भारतीय पायलट, एक यात्री और क्रू ने मिलकर हालात संभाले. उनके मुताबिक, रिजर्व पायलटों की मदद और यात्रियों की तेजी से कार्रवाई ने बड़ी तबाही टाल दी.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में चाकू से हमला करने वाले को-पायलट की ज्यादातर जानकारी अधिकारियों द्वारा अभी भी गुप्त रखी गई है. इस घटना के दौरान महज 2 मिनट के भीतर विमान 17 हजार फीट नीचे आ गया.
चाकूबाजी के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का सऊदी अरब के तबूक के अस्पताल में इलाज चल रहा है. भारतीय दूतावास के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और परिवार के संपर्क में है. दरअसल, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उनके को-पायलट ने उनपर चाकू से हमला कर दिया था.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार ने बहादुरी दिखाई. गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने विमान को संभाला. उनके ओमानी को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था. इसके बावजूद मच्छार ने स्थिति को काबू में रखा. पीएम मोदी ने उनकी तारीफ की. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में चाकू से हमले और विमान को क्रैश कराने की कोशिश के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें हीरो बताया.
ओमानी को-पायलट ने चाकू नहीं, बल्कि विमान में क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया. विमानों में यह कुल्हाड़ी कानूनन रखी जाती है ताकि आग बुझाई जा सके और क्रैश की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बनाया जा सके. पहली बार इसका दुरुपयोग हुआ है.
RSS ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है. RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि उन्होंने 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद की. वे एक असली हीरो हैं.
33 हजार फीट की ऊंचाई पर जब आपका को पायलट ही आप पर हमला कर दे तो आप क्या प्रतिक्रिया देंगे. लेकिन इस संकट की स्थिति में हिम्मत न खोने वाले कैप्टन का ही नाम है स्मित मछार. उन्होंने अपनी दिलेरी से इजरायल जा रहे 180 यात्रियों की जान बचाई.
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तारीफ की है. नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा हीरो” बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को कथित हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली.
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का करीब एक साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अक्टूबर 2025 में उन्होंने एक पॉडकास्ट में इमरजेंसी के दौरान प्रशिक्षित क्रू की भूमिका पर बात की थी. यह वीडियो फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद फिर जमकर वायरल हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात की. पीएम ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी हिम्मत ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई. उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया और भारतीय मिशनों की मदद का भी जिक्र किया.