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खामेनेई के जनाजे में दूसरे दिन भी जनसैलाब, तेहरान में गूंजा 'डेथ टू अमेरिका' का नारा

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दूसरे दिन तेहरान में लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे. इस दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगे. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर तीखा बयान देकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया.

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अली खामेनेई के जनाते में कमोबेश 80 लाख लोग शिरकत कर चुके हैं. (Photo- Reuters)
अली खामेनेई के जनाते में कमोबेश 80 लाख लोग शिरकत कर चुके हैं. (Photo- Reuters)

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दूसरे दिन भी तेहरान की सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ा रहा. राजधानी तेहरान में लाखों लोग काले कपड़े पहनकर अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे. शहर की सड़कों से लेकर इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला तक हर जगह भारी भीड़ दिखाई दी. लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन अमेरिका और इजरायल के खिलाफ गुस्सा भी साफ नजर आ रहा था.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अब तक करीब 80 लाख लोग जनाजे में शामिल हो चुके हैं. ईरान के अलग-अलग शहरों के अलावा विदेशों में रहने वाले ईरानी भी तेहरान पहुंचे हैं. हर कोई अपने नेता को आखिरी सलाम करना चाहता है और देश के प्रति एकजुटता दिखा रहा है.

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जनाजे के दौरान लगातार 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजरायल' के नारे गूंजते रहे. लोगों का कहना है कि वे खामेनेई को सिर्फ एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और प्रतिरोध की पहचान मानते हैं.

जनाजे में शामिल हुए अली खामेनेई के तीन बेटे

खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा रविवार को जनाजे में शामिल हुए. उनके साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर अहमद वाहिदी भी मौजूद रहे. हालांकि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.

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जनाजे के लिए सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन समेत कई देशों से लोग तेहरान पहुंचे हैं. आजतक से बातचीत में ब्रिटेन से आई एक महिला ने कहा कि खामेनेई उनके लिए सिर्फ ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि पूरी मुस्लिम दुनिया की आवाज थे. उन्होंने कहा कि वह उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए खास तौर पर तेहरान आई हैं.

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर तीखे बयान दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान को "एक हफ्ते की छुट्टी" दी, क्योंकि वह "बहुत अच्छे" हैं. इस बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान

आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, "लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं. आपने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की, लेकिन उनके विचार और ज्यादा लोगों तक पहुंच चुके हैं. आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान."

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इतना ही नहीं, अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में ट्रंप ने एक और विवादित बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और हालिया संघर्ष में उसने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया. ट्रंप ने यह भी कहा कि "वे सभी वहां मौजूद हैं. हम एक ही वार में उन सभी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचेगा."

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ट्रंप के इन बयानों को ईरान में उकसावे वाली टिप्पणी माना जा रहा है. ऐसे समय में जब तेहरान में लाखों लोग अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजिली दे रहे हैं, अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और तेज होती दिख रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है.

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