scorecardresearch
 

जंतर-मंतर के बाद अब रांची में होगा CJP का प्रदर्शन? अभिजीत दिपके बोले- झारखंड के छात्रों को हमारा सपोर्ट 

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में चल रहे छात्र आंदोलन को अब CJP का भी समर्थन मिल गया है. अभिजीत दिपके ने छात्रों से बात करने के बाद उनकी मांगों का समर्थन करने की बात कही.

Advertisement
X
झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आई CJP (Photo: ITG)
झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आई CJP (Photo: ITG)

दिल्ली के जंतर-मंतर का आंदोलन पूरे देश में चर्चा में रहा था. अब झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी सियासी हलचल तेज होती दिख रही है. JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों को अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी साथ मिल गया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि CJP झारखंड के छात्रों के सपोर्ट में है और उनकी मांगों का समर्थन करती है. 

बता दें कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब एक हफ्ते से छात्र अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं. झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हजारों युवा सड़कों पर उतर चुके हैं. इसी सिलसिले में छात्रों ने रविवार को हाथों में जलती मशालें लेकर विशाल मार्च निकाला. अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का फैसला नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

 

दिपके ने क्या कहा?

छात्रों को अपना समर्थन देते हुए अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने झारखंड में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से बात की है. उन्होंने कहा कि CJP इस लड़ाई में पूरी तरह छात्रों के साथ है और उनकी सभी जायज मांगों का समर्थन करती है. वहीं, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की. उन्होंने लिखा कि उनका संगठन झारखंड के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: रांची के 'जंतर-मंतर' की मांग कब सुनेगी सरकार? JPSC मामले पर सड़कों पर छात्र

क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?

पूरे विवाद की मुख्य वजह 14वीं सिविल सर्विसेज परीक्षा का प्रीलिम्स रिजल्ट है. छात्रों का कहना है कि पासिंग मार्क्स (कट-ऑफ) तय करने में भारी गड़बड़ी हुई और मेरिट लिस्ट पर जिम्मेदार अफसरों के दस्तखत तक नहीं थे. साथ ही, OMR शीट में भी हेरफेर के आरोप लग रहे हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा कराने का ठेका लखनऊ की जिस 'TDPL' कंपनी को दिया गया, उसे महज एक महीने पहले ही राज्य में ब्लैकलिस्ट किया गया था. हालांकि सरकार के कहने पर CID मामले की जांच कर रही है, लेकिन छात्र केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने पर अड़े हैं.

धरने पर बैठे युवाओं का कहना है कि सिर्फ सीआईडी जांच से न्याय नहीं मिलेगा. उनका दावा है कि पहले भी ऐसे मामलों में जांच हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया.  बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल युवा किसान और साधारण परिवारों से आते हैं. उनका कहना है कि वे किसी की दया नहीं, बल्कि अपनी मेहनत के दम पर निष्पक्ष मौका चाहते हैं. इसके अलावा, छात्र OMR शीट में 'Not Attempted' (अटेम्प्ट नहीं किया) का पांचवां विकल्प जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे भविष्य में OMR शीट से छेड़छाड़ की आशंका कम होगी.

Advertisement

मुद्दे पर राजनीति भी तेज

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है. मुख्यमंत्री आवास पर 'इंडिया' गठबंधन के विधायकों की बैठक हुई. बैठक के बाद प्रदीप यादव ने कहा कि सभी विधायक एकजुट हैं और सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताया है.

दूसरी तरफ बाबूलाल मरांडी ने छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार से CBI जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement