तेहरान (Tehran) ईरान की राजधानी और देश का सबसे बड़ा शहर है. यह देश के उत्तर-मध्य भाग में, अलबोर्ज (Alborz) पर्वतमाला की तलहटी में बसा है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई अलग-अलग इलाकों में भिन्न है, जिसके कारण शहर के उत्तरी हिस्से अपेक्षाकृत ठंडे और दक्षिणी हिस्से गर्म माने जाते हैं. तेहरान ईरान की राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और शिक्षा का प्रमुख केंद्र है.
तेहरान का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है, लेकिन इसे विशेष पहचान 18वीं सदी के अंत में मिली जब काजार वंश ने इसे राजधानी बनाया. इसके बाद पहलवी वंश और फिर 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद भी तेहरान देश की सत्ता का केंद्र बना रहा. यहां कई ऐतिहासिक महल और इमारतें हैं, जिनमें गोलिस्तान पैलेस प्रमुख है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है.
तेहरान महानगरीय क्षेत्र की आबादी एक करोड़ से अधिक है. यहां फारसी भाषा प्रमुख है, लेकिन विभिन्न जातीय समूहों और संस्कृतियों का मेल भी देखने को मिलता है. यह शहर आधुनिक जीवनशैली और पारंपरिक मूल्यों का मिश्रण प्रस्तुत करता है.
तेहरान ईरान का औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है. यहां ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग सक्रिय हैं. देश के कई प्रमुख बैंक, सरकारी संस्थान और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्यालय यहीं स्थित हैं. तेल और गैस आधारित अर्थव्यवस्था में भी तेहरान की अहम भूमिका है.
शहर में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और शोध संस्थान हैं, जिनमें तेहरान विश्वविद्यालय प्रमुख है. तेहरान कला, सिनेमा, साहित्य और मीडिया का भी बड़ा केंद्र है. यहां कई संग्रहालय, थियेटर और सांस्कृतिक केंद्र मौजूद हैं. ईरानी सिनेमा और कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी इस शहर का योगदान रहा है.
तेहरान में विस्तृत मेट्रो नेटवर्क, बस रैपिड ट्रांजिट (BRT) और राजमार्ग प्रणाली है. हालांकि, बढ़ती आबादी के कारण ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण बड़ी चुनौतियां हैं. शहर में आधुनिक शॉपिंग मॉल, कैफे और पार्क हैं, वहीं पारंपरिक बाजार (बाजार-ए-तेहरान) भी अपनी अलग पहचान रखते हैं.
ईरान ने जनवरी में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों से जुड़े मामले में एक व्यक्ति को फांसी दे दी है. काएम हुसैनी नाम के विदेशी नागरिक को सुरक्षा बलों के सदस्यों की मौत से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया गया था. हालांकि, उसकी राष्ट्रीयता और मामले से जुड़ी दूसरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने भारत-ईरान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताते हुए कहा कि तेहरान आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों के आधार पर द्विपक्षीय रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
ईरान ने आरोप लगाया कि कतर ने मार्च में पकड़े गए उसके तीन पायलटों को हिरासत में रखा है. कतर ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उसके पास कोई जिंदा पायलट नहीं है और तलाशी में एक के शव मिले थे
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रजा नकदी ने कहा है कि अमेरिका के साथ जारी युद्ध को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल तक खींचना ईरान की रणनीति है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान से पीछे हटने के संकेत दिए हैं और अब आर्थिक व कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है. ट्रंप ने ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था और महंगाई का हवाला देते हुए संयमित रुख अपनाया, साथ ही खाड़ी देशों की सलाह पर सैन्य कार्रवाई टालने की बात कही.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि दोनों देशों ने कम समय में ईरान पर नियंत्रण की उम्मीद की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं ईरान ने अमेरिका के साथ किसी नई वार्ता से इनकार किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बाहरी दखल स्वीकार नहीं करने का अपना रुख दोहराया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मोजतबा खामेनेई से कथित गुप्त मुलाकात ऐसे माहौल में हुई, जहां उन्हें तेहरान के एक अज्ञात ठिकाने पर ले जाकर धुंधले शीशों वाली गाड़ी में कुछ मिनट बैठाया गया, चेहरा नहीं दिखा, हाथ नहीं मिलाने दिया गया और पूरी बात सिर्फ आवाज के सहारे हुई.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद 26 जुलाई को लगातार दूसरे दिन कोई हमला नहीं हुआ, जिससे हालात कुछ शांत नजर आए। दोनों देशों ने हमले रोक रखे हैं और अंतरिम सीजफायर बहाल करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं।
ईरान के जलक्षेत्र में एक एलपीजी टैंकर पर हुए हमले के बाद उस पर सवार सभी 28 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. भारतीय दूतावास ने स्थिति पर लगातार नजर रखने और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में होने की जानकारी दी है. इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं.
अमेरिका ने ईरान जंग में B-1 लैंसर, B-2 और B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर्स की ताकत झोंक दी है. ये सुपरसोनिक, स्टेल्थ और लंबी दूरी वाले योद्धा ईरान के परमाणु, मिसाइल और तेल ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं.
ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने पहली बार B-1 लांसर बॉम्बर का इस्तेमाल किया है. माना जा रहा है कि इससे अमेरिकी सैन्य अभियान और तेज हो सकता है, जबकि ट्रंप अब भी बड़े सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आग फिर से भड़क उठी है. होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई शहरों को बदलापुर बना दिया. अमेरिकी बमबारी में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है.
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिसके बाद ईरान भी कार्रवाई पर उतर आया है. इस बीच, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान ने गलत फैसला किया है और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.
28 फरवरी को अमेरिकी हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी. ये हमला तेहरान में हुआ था. खामेनेई जिस इमारत में मौजूद थे. उसे अमेरिका ने मिसाइल से तबाह कर दिया था. उस तबाह इमारत की तस्वीरें पहली बार दुनिया के सामने आई हैं. ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने ये वीडियो जारी किया है. इसी इमारत में अयातुल्ला अली खामनेई की जान चली गई थी. अमेरिकी हमले में खामेनेई के साथ साथ कई परिजनों और रक्षा अधिकारियों की भी जान चली गई थी.
40 दिन की जंग और चार महीने की गहमागहमी के बाद ईरान बदला हुआ दिख रहा है. खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच देश में शोक, पुनर्निर्माण और सैन्य तैयारियां साथ-साथ नजर आईं.
अमेरिका के ईरान पर हालिया हमले का बताकर वायरल वीडियो भ्रामक निकला. फैक्ट चेक में पता चला कि यह मई 2025 में यमन पर इजरायली हमले का वीडियो है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से पूरी तरह खफा हैं. ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि ये बुरे लोग हैं. ये मानसिक रूप से विक्षिप्त लोग हैं. बहुत सारे लोग कह रहे हैं कि ईरान के लोग बेईमान हैं और ये लोग डील पर कायम नहीं रहते. स्टीव विटकॉफ, जेयर्ड कुश्नर और जेडी वेंस सब ईरान मामले पर व्यस्त हैं.
आज तक की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में उस तेहरान की तस्वीर सामने आई है, जो शोक की स्थिति से निकलकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है. यह बदलाव एक सप्ताह तक चले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के बाद देखने को मिला है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह किसी नई डील के इच्छुक नहीं हैं और समझौते को खत्म मानते हैं.
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का जनाज़ा अब शियाओं के धार्मिक शहर कोम में पहुंचा तो विदाई देने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चढ़ाया. ये इस्लामिक परंपरा में बदले या खून की मांग का प्रतीक माना जाता है. 4 जुलाई से शुरू हुई खामेनेई की अंतिम यात्रा में ईरान के लोग एलानिया कह रहे हैं कि वो खामेनेई की मौत का बदला ज़रूर लेंगे.
ईरान की राजधानी तेहरान में गांधी हॉस्पिटल और आसपास के इलाकों में 40 दिन की जंग के निशान अब भी बरकरार हैं. खामेनेई के आवास के पास लोग अब भी एकजुटता दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं.