अयातुल्ला अली खामेनेई (सैय्यद अली होसैनी खामेनेई) ईरानी के सुप्रीम लीडर हैं. वह ईरान के तीसरे राष्ट्रपति हैं. खामेनेई सबसे लंबे समय तक के राष्ट्राध्यक्ष हैं, साथ ही शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बाद पिछली सदी के दूसरे सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले ईरानी नेता हैं (Ayatollah Ali Khamenei).
खामेनेई बारहवें शिया मरजा भी हैं. बता दें कि मरजा बारहवीं शिया धार्मिक मौलवी के सबसे बड़ी दी जाने वाली एक उपाधि है, जिसमें मदरसा द्वारा अनुयायियों और मौलवियों के लिए इस्लामी कानून के दायरे में 'कानूनी निर्णय' लेने का अधिकार दिया जाता है.
एक सर्वोच्च नेता के रूप में, खामेनेई इस्लामी गणराज्य में सबसे शक्तिशाली राजनेता हैं. वह ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हैं. सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ भी हैं. वह ईरान में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विदेश नीति और राष्ट्रीय नियोजन जैसे कई क्षेत्रों में सरकार की मुख्य नीतियों पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं. सर्वोच्च नेता के रूप में, खामेनेई का सरकार की कार्यकारी, विधायी और न्यायिक शाखाओं के साथ-साथ सैन्य और मीडिया पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण है.
अयातुल्ला अली खामेनेई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मोहम्मद रजा पहलवी के शासनकाल के दौरान खामेनेई को छह बार गिरफ्तार किया गया था. ईरानी क्रांति द्वारा शाह को उखाड़ फेंकने के बाद, जून 1981 में उनकी हत्या की कोशिश की गई थी. इस घटना में उनका दाहिना हाथ लकवाग्रस्त हो गया.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरानियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यही एकता दुश्मनों को निराश करेगी. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता से कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं.
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में दुनिया के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे. ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड में रैलियां हुईं, जहां प्रदर्शनकारियों ने ईरानी नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए.
ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को प्रस्तावित परमाणु बातचीत रद्द कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने पहले बनी सहमतियों से पीछे हटते हुए बातचीत की जगह और प्रारूप बदलने की मांग की. इसी बीच अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया, जिससे तनाव और बढ़ गया.
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव के बीच बातचीत की तैयारी शुरू हो गई है. इस्तांबुल में होने वाली इस बैठक में सऊदी अरब और मिस्र समेत क्षेत्रीय देश भी शामिल होंगे. ट्रंप की जंग की धमकियों और खामेनेई की चेतावनियों के बीच यह वार्ता तय करेगी कि टकराव होगा या कूटनीति से मामले का हल होगा.
ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी अब्द अल-रहीम मौसवी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि कोई गलती हुई तो कोई अमेरिकी सुरक्षित नहीं रहेगा और क्षेत्रीय आग अमेरिका और उसके सहयोगियों को जला देगी. ईरान ने सैन्य जवाब की तैयारी पूरी कर ली है जबकि कूटनीतिक स्तर पर वार्ता जारी है. वहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि मिसाइल कार्यक्रम और रक्षात्मक क्षमताएं बातचीत का हिस्सा नहीं होंगी.
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो यह सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में जंग फैल जाएगी. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और तनाव चरम पर है.
ईरान के सर्वोच्च नेता की क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की उम्मीद जताई है. बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों और सैन्य तनाव के बीच अमेरिका कूटनीति पर जोर दे रहा है, जबकि दोनों देशों के बीच बातचीत का भविष्य अब भी अनिश्चित बना हुआ है.
अमेरिकी सैन्य दबाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ समझौता संभव है. उन्होंने साफ किया कि प्रतिबंध हटाना ईरान की प्रमुख शर्त है. वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने चेतावनी दी कि अमेरिका ने हमला किया तो यह क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से ईरान को लगातार धमकी दे रहे हैं. उन्होंने ईरान से कहा है कि वो बिना शर्त बातचीत की टेबल पर आए और परमाणु समझौता करे. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि हमले की धमकियों के साए में कोई बातचीत नहीं हो सकती है.
ईरान में संभावित युद्ध के माहौल के बीच दक्षिणी हिस्सों में हुए दो रहस्यमय धमाकों ने सनसनी फैला दी है. बंदर अब्बास और अहवाज में हुए विस्फोटों में सात लोगों की मौत हो गई. गैस लीक की आधिकारिक वजह पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं, जबकि IRGC ने नेवी कमांडर को निशाना बनाने के दावों को खारिज किया है.
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान में डर और बेचैनी का माहौल गहराता जा रहा है. अफवाहों, सोशल मीडिया चर्चाओं और सैन्य तनाव ने आम लोगों की नींद छीन ली है. बाहर से हालात सामान्य दिखते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर लोग हर रात किसी बड़े हमले के इंतजार और मानसिक दबाव में जी रहे हैं.
Iran-America War Tension Live News Updates: ईरान पर अमेरिका और यूरोपीय संघ का दबाव लगातार बढ़ रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूक्लियर डील पर चेतावनी देते हुए कहा कि "समय खत्म हो रहा है." EU ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया है. ईरान ने 1,000 ड्रोन तैनात किए हैं, जबकि देश के अंदर प्रदर्शन और हिंसा जारी है.
ईरान को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के बीच पर्दे के पीछे बड़ी रणनीतिक बातचीत सामने आई है. सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कार्रवाई से पीछे हटे तो तेहरान और मजबूत होकर उभरेगा. सीक्रेट मीटिंग में दिया गया ये बयान सऊदी के सार्वजनिक ऐलान से बिल्कुल अलग है.
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बना हुआ है. ट्रंप प्रशासन नई डील के लिए दबाव बना रहा है, जबकि ईरान ने मिसाइल कार्यक्रम को रेड लाइन बताते हुए बातचीत से इनकार किया है. इजरायल और अमेरिकी प्रतिबंधों ने हालात और जटिल बना दिए हैं.
ईरान के करीब अमेरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमानों की तैनाती हो चुकी हैं. डिफेंस एक्सपर्ट अमेरिकी सेना की तैनाती को ईरान पर सैन्य एक्शन से जोड़कर देख रहे हैं. वहीं ईरान ने भी जमीन, हवा और समुद्र... तीनों मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई की व्यापक रणनीति तैयार कर ली है.
ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी सहित छह अधिकारियों और विवादित बिजनेसमैन बाबक जंजानी को प्रतिबंधित कर दिया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान उनकी चार शर्तें पूरी करता है तो अमेरिका हमले से बच सकता है. ये शर्तें हैं- ईरान का परमाणु हथियार कार्यक्रम पूरी तरह बंद हो, यूरेनियम की मात्रा में कोई वृद्धि न हो, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता सीमित रहे, और वह आतंकी समूह हिज़्बुल्लाह, हूती तथा हमास को सहायता देना बंद करे.
ईरान ने साफ कहा है कि वो बातचीत तो करना चाहता है लेकिन अमेरिका धमकी देकर बातचीत नहीं करा सकता है. ईरान ने कहा है कि वो अपनी मिसाइल डिफेंस क्षमता को लेकर कुछ भी समझौता नहीं करेगा. ईरान ने कहा कि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को बनाए रखेगा और उनका विस्तार करेगा और उन पर बातचीत नहीं करेगा.
अमेरिकी युद्धपोत ईरान के करीब पहुंच चुके हैं और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं. इसके जवाब में ईरान ने 2000 से ज्यादा मिसाइलें तैनात करने की जानकारी दी है. दोनों देशों की तरफ से सैन्य तैयारियों और तैनाती से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है.
यूरोपीय संघ ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. यह फैसला ईरान में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई के बाद लिया गया. EU ने इस कदम को तेहरान के लिए कड़े संदेश के तौर पर पेश किया है.
सत्ता परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से जुड़े एक खुलासे से हड़कंप मच गया है. ब्लूमबर्ग ने कई अध्ययन के बाद पाया है कि अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा के नाम पर विदेश में अरबों की संपत्ति है. इनमें लंदन में लग्जरी फ्लैट, दुबई में विला और यूरोप में होटल शामिल है. ये खुलासा तब हुआ है जब ईरान में ये कयास लगाया जा रहा है कि खामेनेई अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कभी भी कर सकते हैं.