अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव जारी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने अरब देशों के नेताओं के कहने पर मंगलवार को ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है. ट्रंप के इस दावे पर ईरान ने भी पलटवार किया है.
ईरान ने ट्रंप के इस दावे को 'चेकमेट' (शह और मात) करार दिया है. ईरान का कहना है कि उसकी सेना कल ही एक ऐसा विनाशकारी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थी, जो दोनों देशों के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया.
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने ट्रंप के बयान पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, 'ट्रंप सैन्य हमले की एक समय-सीमा तय करते हैं और फिर खुद ही उसे कैंसिल कर देते हैं.
ईरान का ट्रंप को करारा जवाब
रजाई ने कहा, ट्रंप इस भ्रम में जी रहे हैं कि वो इस तरह से ईरान के लोगों और यहां के अधिकारियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर देंगे. ईरानी कमांडर ने अपनी सेना की ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा, 'ईरान की शक्तिशाली सेना और यहां के महान लोगों का फौलादी हाथ दुश्मनों को पीछे हटने और आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर देगा.'
बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर दावा करते हुए लिखा था, 'मुझसे कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने रिक्वेस्ट की थी. उन्होंने मुझसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर होने वाले हमारे उस सैन्य हमले को रोकने के लिए कहा, जो मंगलवार को होने वाला था.'
परमाणु हथियार पर सख्त ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि अब इस मामले पर गंभीर बातचीत चल रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इन महान नेताओं और सहयोगियों की राय के मुताबिक एक ऐसा समझौता हो जाएगा, जो अमेरिका और पूरे पश्चिम एशिया के देशों के लिए मंजूर होगा. ट्रंप ने चेतावनी दी, 'इस समझौते में सबसे अहम बात ये होगी कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा.'
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ट्रंप ने बताया था कि उन्होंने सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैनियल केन को खास निर्देश भी दिए थे. उन्होंने कहा था कि अगर कोई सही समझौता नहीं होता है, तो वो पलक झपकते ही ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार रहें. ऐसे में सबकी निगाहें अब ईरान-अमेरिका के बीच किसी समझौते पर टिकी है.