
लखनऊ के मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं और बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. शुक्रवार सुबह विद्यालय प्रशासन की कथित लापरवाही से नाराज सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए. छात्रों ने बुद्धेश्वर-मोहान मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और विद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया. सड़क पर धरने के चलते इलाके में लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.
सड़क पर उतरे छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की क्वालिटी बेहद घटिया है. खाने में कई बार कीड़े निकल चुके हैं, लेकिन शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है. छात्रों का कहना है कि अगर कोई छात्र गंभीर रूप से बीमार भी पड़ जाए, तो फार्मासिस्ट ढंग का इलाज करने के बजाय सिर्फ डोलो गोली थमाकर पल्ला झाड़ लेता है. वहीं, छात्रों का ये भी कहना था कि शिक्षक कम है जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही तो उनको ये कदम उठाना पड़ा.

छात्रों के चक्का-जाम की खबर मिलते ही समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और प्रमुख सचिव अनुराग यादव तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें विद्यालय परिसर के भीतर ले गए. मंत्री ने बच्चों को बैठाकर उनकी हर एक समस्या को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का ठोस भरोसा दिया, जिसके बाद छात्र शांत हुए और प्रदर्शन खत्म हुआ.
छात्रों से संवाद करते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा, बच्चों की मांगें पूरी तरह वाजिब हैं और मैं इन्हें स्वीकार करता हूं. कुछ व्यवस्थाएं सुधरी जरूर हैं, लेकिन मैं अभी इनसे संतुष्ट नहीं हूं. हमें अभी बहुत आगे जाना है. मंत्री ने आगे बताया कि शिक्षकों की ट्रेनिंग महंगे प्राइवेट स्कूलों के साथ अनुबंध करके कराई जा रही है और ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जा रही है. शिक्षकों की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, जिसमें एक हफ्ते के भीतर प्रभावी पैरवी कर समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने शिक्षकों को दो टूक कहा कि बुनियादी नींव को मजबूत करना उनकी जिम्मेदारी है.
वहीं प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने छात्रों से बातचीत में कहा कि प्रशासन का पूरा प्रयास है कि यह हॉस्टल और विद्यालय छात्रों के लिए घर जैसा बने. उन्होंने कहा कि हॉल की मरम्मत, वार्डन आवास समेत सभी जरूरी सुविधाएं दुरुस्त की जाएंगी, ताकि बच्चे बिना किसी परेशानी के केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अपने भविष्य को संवार सकें.