उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है. बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई के ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने बुधवार को छापेमारी की है.
विजिलेंस की अयोध्या सेक्टर की टीम ने लखनऊ और गोंडा में एक साथ कई ठिकानों पर यह बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के बाद से आरोपी के काले कारनामों की परतें खुलकर सामने आ रही हैं.
बलरामपुर सीएमओ कार्यालय में क्लर्क था अजय श्रीवास्तव
जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव का भाई अजय श्रीवास्तव एनआरएचएम घोटाले के समय बलरामपुर सीएमओ के दफ्तर में एक साधारण क्लर्क के पद पर तैनात था. लेकिन क्लर्क की नौकरी की आड़ में उसने अकूत संपत्ति बना ली.
विजिलेंस की छापेमारी के दौरान इस पूर्व क्लर्क के पास से कुल अट्ठाइस करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति का पता चला है. हैरानी की बात यह है कि उसकी आय से लगभग 763 गुना ज्यादा संपत्ति का यह मामला सामने आया है, जिसे देखकर जांच एजेंसियां भी हैरान हैं.
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छह मंजिला होटल और कई आलीशान फार्म हाउस का खुलासा
विजिलेंस की टीम ने जब अपनी जांच का दायरा बढ़ाया तो कई चौंकाने वाली संपत्तियों का खुलासा हुआ. राजधानी लखनऊ के व्यस्त चिनहट इलाके में स्थित छह मंजिला मिलेनिया रीजेंसी होटल असल में इसी अजय श्रीवास्तव का निकला है. इस आलीशान होटल की कीमत करीब बीस करोड़ रुपये आंकी गई है.
इसके अलावा विजिलेंस को लखनऊ और गोंडा में छह बड़े प्लॉटों की जानकारी मिली है. साथ ही बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जैसे जिलों में सात से अधिक बड़े फार्म हाउस भी उसके नाम पर होने की बात सामने आई है.
छापेमारी के दौरान विजिलेंस की टीम ने पाया कि अजय श्रीवास्तव ने लखनऊ में पांच और संपत्तियां बनाई हैं. इसके अलावा गोंडा में भी उसने एक बेहद आलीशान मकान तैयार किया था. विजिलेंस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोंडा स्थित इसी आलीशान मकान को सील कर दिया है.
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टीम ने छापेमारी के दौरान कई बेशकीमती जमीनों, खेतों और महलों जैसे मकानों का सुराग लगाया है. कुल मिलाकर विजिलेंस ने करीब अट्ठाइस करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का पूरा ब्योरा ढूंढ निकाला है.
आपको बता दें कि विजिलेंस की टीम ने घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को कुछ ही महीने पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था. अब विधायक भाई के जेल जाने के बाद विजिलेंस ने उनके क्लर्क भाई अजय श्रीवास्तव पर भी अपना शिकंजा कस दिया है.