उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ओर से ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिशों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने अखिलेश यादव की राजनीति और समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी और अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब अराजक और गैर-लोकतांत्रिक पार्टी बन चुकी है तथा वह अपने वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्रा के सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई है.
लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही आज की सपा- ब्रजेश पाठक
ब्रजेश पाठक ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा हमेशा कहते थे कि जब सदन चल रहा हो तो जनता की आवाज लोकतांत्रिक तरीके से सदन के भीतर उठाई जानी चाहिए. लेकिन आज की समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल व्यक्तिवादी राजनीति कर रही है और अराजकता, गुंडागर्दी तथा प्रदेश को दंगों की आग में झोंकने वाले लोगों को संरक्षण देने का काम कर रही है.
'अखिलेश यादव ने PDA फॉर्मूले का मजाक बनाया'
वहीं, भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के हालिया ब्राह्मण समाज सम्मेलन और उनके 'PDA' फार्मूले पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने इस मुद्दे का मजाक बना रखा है. कभी वह कहते हैं कि 'P' का मतलब पीड़ित है, कभी पिछड़ा, कभी पासवान और अब पंडित बता रहे हैं. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि ब्राह्मण समाज इतना भी नादान नहीं है कि बार-बार बदलने वाली राजनीतिक व्याख्याओं को स्वीकार कर ले.
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान सबसे अधिक ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ. उनके अनुसार उस समय गांव-गांव में ब्राह्मणों की जमीनों पर कब्जे हुए और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. उन्होंने कन्नौज के नीरज मिश्रा हत्याकांड का भी जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में उनकी निर्मम हत्या हुई थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. शलभ मणि त्रिपाठी ने दावा किया कि सपा शासनकाल में ब्राह्मण समाज को सबसे ज्यादा अपमान और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा