सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को छत्तीसगढ़ के पहले हेवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट (HEMM) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना के लिए 79.70 एकड़ सरकारी जमीन आवंटित की गई है. यह जमीन मुंगेली जिले के पथरिया तहसील स्थित चंद्रगढ़ी गांव में रियायती दर पर दी गई है. इसके साथ ही राज्य में पहली बार इस तरह के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है.
हेवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट वे भारी मशीनें होती हैं जो मिट्टी, पत्थरों और मलबे को खोदने, उठाने, ले जाने और समतल करने के लिए उपयोग की जाती हैं. ये मशीनें निर्माण, सड़क बनाने और खनन के काम को आसान और तेज बनाती हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना के लिए चंद्रगढ़ी गांव की सरकारी भूमि का चयन किया गया है.
चंद्रगढ़ी गांव में बनेगा प्लांट
प्रस्तावित प्लांट मुंगेली जिले के चंद्रगढ़ी गांव में स्थापित किया जाएगा. यह स्थान बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की पहचान पूरी कर ली गई है और अब इसके विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
राज्य के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह छत्तीसगढ़ का पहला हेवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा. इसके शुरू होने से राज्य में आधुनिक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इंडस्ट्रियल इन्वेंस्टमेंट के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर
इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. साथ ही तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. इसके अलावा एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और स्पेयर पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई है.
मुंगेली में बनेगा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम
मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि यह परियोजना जिले में औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखेगी. उनके अनुसार, इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग व इंजीनियरिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने इसे जिले के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया.
पहले इन जिलों पर भी हुआ था विचार
पथरिया की एसडीएम रेखा चंद्रा ने बताया कि शुरुआत में रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में भी परियोजना स्थापित करने की संभावना पर विचार किया गया था. बाद में मुंगेली जिले के चंद्रगढ़ी गांव की भूमि को सबसे उपयुक्त पाया गया और प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया. मुंगेली कलेक्टर की देखरेख में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने परियोजना के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि का सर्वे किया. इसके बाद चंद्रगढ़ी गांव में 79.70 एकड़ जमीन चिन्हित की गई, जिसे अब राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है.