शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है, लेकिन अगर बिना सही जानकारी के पूरा पैसा सिर्फ एक ही जगह लगा दिया जाए तो बड़ा नुकसान भी हो सकता है. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. एक बेटे ने इंटरनेट पर लोगों से सलाह मांगी क्योंकि उसके पिता ने परिवार की पूरी जिंदगी की कमाई एक ही कंपनी के शेयर में लगा दी थी. अब परिवार की ₹75 लाख की बचत घटकर सिर्फ ₹30 लाख रह गई है.
बेटे ने अपनी पोस्ट में बताया कि उसके पिता ने साल 2013 में शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया था. उन्हें शेयर बाजार की ज्यादा जानकारी नहीं थी. इसी दौरान परिवार के एक रिश्तेदार ने उन्हें एक खास कंपनी का शेयर खरीदने की सलाह दी. पिता को भरोसा हो गया कि यही शेयर भविष्य में उन्हें बड़ा फायदा देगा. इसके बाद जब भी उनके पास पैसे बचते, वे उसी कंपनी के शेयर खरीद लेते.
एक ही शेयर में लगा दी पूरे परिवार की बचत
धीरे-धीरे उन्होंने परिवार की लगभग ₹75 लाख की बचत उसी एक कंपनी में निवेश कर दी. इतना ही नहीं, उन्होंने सिर्फ अपने नाम से ही नहीं बल्कि पत्नी और अपने भाई के डिमैट अकाउंट से भी उसी कंपनी के शेयर खरीदे. पोस्ट के मुताबिक, मां के अकाउंट में करीब ₹30 लाख, चाचा के अकाउंट में ₹20 लाख और पिता के अकाउंट में लगभग ₹25 लाख का निवेश था. यानी परिवार की लगभग पूरी जमा-पूंजी एक ही शेयर पर दांव पर लगा दी गई.
₹75 लाख से घटकर रह गए सिर्फ ₹30 लाख
कुछ साल तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में कंपनी के शेयर लगातार गिरने लगे. नतीजा यह हुआ कि ₹75 लाख का निवेश घटकर सिर्फ ₹30 लाख रह गया. यानी परिवार को करीब ₹45 लाख का नुकसान हो गया. बेटे ने बताया कि इस नुकसान के बाद उसके पिता बेहद परेशान और दुखी हैं. उन्हें लग रहा है कि उनकी एक गलती की वजह से परिवार की वर्षों की मेहनत की कमाई खत्म हो गई. ऐसे में बेटे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अनुभवी निवेशकों से सलाह मांगी. उसने कहा कि उसे किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए, बल्कि यह जानना है कि अब बची हुई रकम को कैसे संभाला जाए और आगे क्या कदम उठाना सही रहेगा.
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी अलग-अलग राय
पोस्ट वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने अपनी राय दी. कई लोगों ने सलाह दी कि बची हुई रकम को एक ही शेयर में रखने की बजाय अलग-अलग अच्छे शेयरों या म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए. उनका कहना था कि अभी भी ₹30 लाख बचे हैं, इसलिए सही फैसला लेकर भविष्य में नुकसान की भरपाई की जा सकती है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अगर संबंधित कंपनी के कारोबार में सुधार की संभावना है तो जल्दबाजी में शेयर बेचने की बजाय किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर रहेगा.
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
यह घटना हर इन्वेस्टर के लिए एक बड़ी सीख है. शेयर बाजार में निवेश करते समय सबसे जरूरी नियम डाइवर्सिफिकेशन यानी अलग-अलग जगह निवेश करना होता है. अगर पूरा पैसा सिर्फ एक ही कंपनी में लगा दिया जाए तो कई बार भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
फाइनेंसियल एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि अपनी पूरी सेविंग कभी भी एक ही शेयर, एक सेक्टर या एक निवेश विकल्प में नहीं लगानी चाहिए. निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार के जोखिम और अपनी जरूरतों को समझना जरूरी है. संतुलित और सोच-समझकर किया गया निवेश ही लंबे समय में बेहतर और सुरक्षित रिटर्न देने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है.