Northeast India places to visit in October: अक्टूबर का महीना नॉर्थ-ईस्ट भारत घूमने के लिए साल का सबसे जादुई और खूबसूरत समय माना जाता है. मानसून की भारी बारिश के थमते ही पहाड़ियां साफ-सुथरी और हरी-भरी निखर आती हैं, नदियां और झरने अपने पूरे वेग के साथ बहते हैं, और आसमान एक डार्क ब्लू कलर की चादर ओढ़ लेता है. जो गर्मी और उमस गर्मियों में सफर को थकानभरा बना देती है, वह अक्टूबर आते-आते पूरी तरह खत्म हो जाती है.
चाहे आप मेघालय के गरजते झरने देखना चाहते हों, अरुणाचल प्रदेश के बर्फ़ीले पहाड़ों का दीदार करना चाहते हों, या असम के जंगलों में एक-सींग वाले गैंडों को देखना चाहते हों. अक्टूबर में नॉर्थ-ईस्ट इंडिया की ट्रिप आपको जादुई एक्सपीरियंस देगी. अगर आप अक्टूबर में नॉर्थ-ईस्ट घूमने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो ये 7 जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में सबसे ऊपर होने चाहिए.
काजीरंगा नेशनल पार्क, असम
मानसून के कारण बंद रहने के बाद काजीरंगा का सफारी सीजन अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में फिर से खुलता है. हरी-भरी घास के मैदानों के बीच एक सींग वाले गैंडे, जंगली हाथी और दलदली हिरण देखने का यह साल का पहला और सबसे बेहतरीन मौका होता है. सुबह की पहली सफारी बुक करें और कम से कम 2 रात ठहरने का प्लान बनाएं ताकि कोहरे की स्थिति में बैकअप सफारी मिल सके.
शिलॉन्ग और चेरापूंजी, मेघालय
अक्टूबर में मेघालय की यात्रा इस पूरे ट्रिप का सबसे बड़ा अट्रैक्शन बन सकती है. चेरापूंजी के नोहकालिकाई और सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल पूरे शबाब पर बहते हैं. इसके अलावा नोंगरियात के ऐतिहासिक लिविंग रूट ब्रिज ताजी हरियाली से घिरे होते हैं. शिलॉन्ग, चेरापूंजी और डावकी के लिए कम से कम 4 दिन का समय तय करें.
डावकी और मावलिननॉन्ग, मेघालय
डावकी की उमंगोट नदी का पानी अक्टूबर में इतना साफ और पारदर्शी होता है कि नावें हवा में तैरती हुई महसूस होती हैं. डावकी के साथ ही एशिया का सबसे साफ गांव कहे जाने वाले मावलिननॉन्ग का दौरा भी आसानी से किया जा सकता है.
तवांग, अरुणाचल प्रदेश
झरनों के बजाय यदि आपको बर्फीले पहाड़ पसंद हैं, तो तवांग सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. सर्दियों की भारी बर्फबारी से सेला पास बंद होने से पहले, अक्टूबर में यहां का मौसम बिल्कुल साफ रहता है. बोमडिला और दिरांग की खूबसूरत ड्राइविंग के साथ भारत के सबसे बड़े तवांग मठ के दीदार जरूर करें.
जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
अक्टूबर में जीरो वैली के धान के खेत सुनहरे रंग में बदल जाते हैं. मानसून के बाद रास्ते सूख जाने के कारण आपतनी जनजाति के गांवों को एक्सप्लोर करना आसान हो जाता है. तवांग की तुलना में यह जगह अधिक शांत और भीड़भाड़ से मुक्त रहती है.
माजुली, असम
दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली, मानसून खत्म होते ही यात्रा के लिए तैयार हो जाता है. इस दौरान जोरहाट से नाव सेवाएं सुचारू रूप से चलती हैं. माजुली के सत्रों और मास्क-मेकिंग गांवों को साइकिल या स्कूटी से घूमना बेहद आसान होता है.
लोकतक झील, मणिपुर
यह भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जो अपने तैरते हुए फुमडी और मछुआरों की झोपड़ियों के लिए जानी जाती है. अक्टूबर के साफ आसमान में यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा देखने लायक होता है. पास ही केइबुल लामजाओ स्थित है, जो दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क है.
यात्रा से जुड़े ज़रूरी टिप्स
लेयर वाले कपड़े रखें: मैदानी और घाटी वाले इलाकों में मौसम सुहाना रहता है, लेकिन तवांग और जीरो वैली जैसे पहाड़ी इलाकों में रातें काफी ठंडी हो जाती हैं.
सफारी एडवांस बुकिंग: काजीरंगा में अक्टूबर के आखिर में भीड़ बढ़ जाती है, इसलिए सफारी पहले से बुक कर लें.
कैश और ऑफलाइन मैप्स: बड़े शहरों के बाहर एटीएम और मोबाइल नेटवर्क की समस्या आ सकती है. कैश साथ रखें और गूगल मैप्स डाउनलोड कर लें.
परमिट: अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) की जरूरत होती है.