आजतक में सीनियर एसोसिएट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे Mayank Pasricha प्रोडक्शन की उस टीम का हिस्सा हैं, जहां काम की रफ्तार तेज़ होती है और डेडलाइन्स तय करती हैं कि दिन कैसे बीतेगा. स्क्रिप्टिंग, टीम कोऑर्डिनेशन और समय पर डिलीवरी—इन तीनों के बीच संतुलन बनाए रखना उनके काम का अहम हिस्सा है.
मयंक का सफर इसी न्यूज़रूम में ट्रेनी के तौर पर शुरू हुआ था, और समय के साथ उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए खुद को प्रोडक्शन के हर पहलू में ढाला. कंटेंट की प्लानिंग हो, टीम के साथ तालमेल बैठाना हो या सीमित समय में काम को अंजाम तक पहुंचाना—इन सभी अनुभवों ने उनके काम करने के तरीके को आकार दिया है और उन्हें मौजूदा भूमिका के लिए तैयार किया है.
वीडियो एडिटिंग और विजुअल स्टोरीटेलिंग की समझ उनके काम को सपोर्ट करती है, खासकर तब जब कम समय में कंटेंट को फाइनल शेप देना होता है. कैमरे के पीछे की बारीकियों से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक, वे प्रोसेस को प्रैक्टिकल नजरिए से देखते हैं.
बड़े इवेंट्स के साथ भी उनका जुड़ाव रहा है. साहित्य आज तक जैसे फ्लैगशिप इवेंट्स में बतौर सिनेमैटोग्राफर उन्होंने प्रोडक्शन टीम के हिस्से के रूप में काम किया है, जहां लाइव और रिकॉर्डेड कंटेंट दोनों की जिम्मेदारियां साथ चलती हैं. इसके अलावा इंडिया टुडे/आजतक के अन्य प्रोजेक्ट्स में भी उनका योगदान रहा है.
नई दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले मयंक ने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास मीडिया, गुरु जंबेश्वर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की. अकादमिक ट्रेनिंग और न्यूज़रूम के अनुभव का यह मेल उनके काम करने के तरीके में दिखता है.
आगे की दिशा को लेकर मयंक का फोकस मीडिया के बदलते स्वरूप के साथ खुद को लगातार बेहतर बनाते रहने पर है. प्रोडक्शन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और नई तकनीकों के साथ तालमेल बैठाते हुए वे इस क्षेत्र में और गहराई से काम करना चाहते हैं, ताकि आने वाले समय में बड़े और प्रभावी कंटेंट प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन सकें और मीडिया इंडस्ट्री में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकें.