रोटी भारतीय खाने का एक अहम हिस्सा है. यह सिर्फ पेट भरने का काम नहीं करती, बल्कि शरीर को एनर्जी, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स भी देती है. गेहूं से लेकर मिलेट्स और मल्टीग्रेन तक, आप किस आटे की रोटी खाते हैं, इसका सीधा असर आपके ब्लड शुगर और शरीर को मिलने वाले पोषण पर पड़ता है.
सही अनाज की रोटी आपकी सेहत को काफी हद तक बेहतर बना सकती है लेकिन हर किसी के लिए एक ही आटा सही नहीं होता.' उनके मुताबिक, रागी से लेकर ज्वार तक हर अनाज के अपने खास फायदे होते हैं. लेकिन इसके साथ ही हर आटे के साथ कुछ रिस्क भी होते हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है.
1. रागी रोटी
रागी में कैल्शियम और फाइबर भरपूर होता है. यह वजन कम करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है. लेकिन जिन लोगों को किडनी स्टोन या थायरॉइड की समस्या है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
2. मक्के की रोटी
मक्के की रोटी आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद होती है. यह ग्लूटेन-फ्री होती है और आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाती है. हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
3. बाजरे की रोटी
बाजरा शरीर को गर्म रखता है और इसमें आयरन व प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है. लेकिन जिन लोगों का डाइजेशन कमजोर है उन्हें रात में बाजरे की रोटी खाने से बचना चाहिए.
4. गेहूं की रोटी
गेहूं की रोटी में फाइबर और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन होते हैं जो शरीर को एनर्जी देने का काम करते हैं. लेकिन जिन लोगों को IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) या सीलिएक डिजीज की समस्या है उन्हें गेहूं की रोटी ज्यादा खाने से बचना चाहिए.
5. ज्वार की रोटी
ज्वार में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) होता है. जिससे इसकी रोटी डायबिटीज कंट्रोल करने और वजन घटाने में मदद करता है. यह रोज खाने के लिए हेल्दी ऑप्शन माना जाता है.
नोट: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना न भूलें.