पीलीभीत
पीलीभीत (Pilibhit) भारत के राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और शहर है. इस जिले का मुख्यालय भी यहीं है. पीलीभीत जिला बरेली मंडल में आता है. इस जिले का क्षेत्रफल 3,686 वर्ग किलोमीटर है (Pilibhit Geographical Area).
पीलीभीत जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency) और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं (Assembly constituency).
पीलीभीत भाजपा नेता मेनका गांधी (Maneka Gandhi) का चुनाव क्षेत्र है.
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक पीलीभीत की जनसंख्या (Population) लगभग 20 लाख से ज्यादा है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 551 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 895 है. पीलीभीत की 61.47 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 71.70 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 50.00 फीसदी है (Pilibhit literacy).
पीलीभीत का बहुत बड़ा भू-भाग घने जंगलो से घिरा है. इतिहास के अनुसार राजा मोरोध्वज का किला पीलीभीत के नजदीक दियूरिया जंगल में आज भी है. गोमती नदी के तट पर एक पौराणिक मंदिर इकहत्तरनाथ स्थित है. कहा जाता है कि देवराज इन्द्र ने गौतम ऋषि द्वारा दिए गये श्राप से मुक्ति पाने के लिए एक ही रात में एक सौ शिव लिंग गोमती नदी के तट पर स्थापित करने का निश्चय किया था, जिसमें इकहत्तरवां शिव मंदिर यहीं पर है (Pilibhit History).
हिमालय के बिलकुल नजदीक स्थित होने के बावजूद इसकी भूमि समतल है. पीलीभीत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है. यहां के उद्योगों में चीनी, कागज, चावल और आटा मिलों की प्रमुखता है. यहां कुटीर उद्योगों में बांस और जरदोजी का काम प्रसिद्ध है (Pilibhit Industry).
पीलीभीत के चारों ओर सघन वन फैला हुआ है जिसमें चूका बीच और लग्गा-भग्गा वन पर्यटकों के बीच खासा प्रसिद्ध है. इस वन में बड़े-बड़े पेड़ और कई तरह के जानवर भी देखने को मिलते हैं. यहां दुर्लभ प्रजाति का एक खरगोश भी पाया जाता है जिसे 'स्पिड हेअर' कहते हैं (Pilibhit Forest).
यह जिला ज्ञान और साहित्य की अनेक विभूतियों का कर्मस्थल रहा है. इतिहासकार नारायणानंद स्वामी अख्तर, कवि राधेश्याम पाठक, फिल्म गीतकार अंजुम पीलीभीत से ही हैं (Personalities).
UP News: भीख मांगकर अपने दो अनाथ पोतों को पालने वाली बुजुर्ग तारा बेगम के घर खुद पीलीभीत के DM ज्ञानेंद्र सिंह पहुंचे. DM ने मौके पर ही बिजली कनेक्शन कराया, राशन दिया और दोनों बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 2500-2500 रुपये प्रतिमाह की सहायता से जोड़ा.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस जांच में हत्या निकला. पुलिस का दावा है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची और चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया. पति की मौत के बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
अगर कोई एक ही नाम से तीन अलग-अलग जन्मतिथि लिखवाकर तीन पासपोर्ट बनवा ले, तो क्या होगा? उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है. शख्स पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) बनवाने पहुंचा था, लेकिन वेरिफिकेशन के दौरान रिकॉर्ड खंगाले गए तो तीन पासपोर्ट और तीन अलग-अलग जन्मतिथि का मामला सामने आ गया. अब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. यहां रात में सोते समय टेबल फैन में आए तकनीकी फॉल्ट और करंट की चपेट में आने से एक अधेड़ दंपती की दर्दनाक मौत हो गई. सुबह जब बेटा दुकान खोलने पहुंचा, तो कमरे का मंजर देखकर दंग रह गया.
आने वाले समय में यह आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म हब न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए भी एक 'हॉटस्पॉट' बनकर उभरेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को नए आयाम देगा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले चरण में लगभग 2,500 परिवारों के करीब 15 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं. वन विभाग और भारत सरकार से जुड़े लंबित मामलों का भी जल्द समाधान कराया जाएगा.
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है. सीएम योगी और अखिलेश यादव आमाने-सामने हैं. सोमवार को पीलीभीत से सीएम योगी ने अखिलेस यादव और कांग्रेस पर हमला बोला. योगी ने कहा कि यूपी में 'साइकिल' चलेगी तो दंगा होगा. तुष्टीकरण को लेकर भी सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को घेरा. देखें वीडियो.
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के शारदा सागर डैम में बोटिंग के दौरान एक बाघ पर्यटकों की नाव की ओर बढ़ने लगा, जिससे परिवार में दहशत फैल गई. शेरपुर निवासी सलमान खान ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि बाघ कुछ दूरी तक आने के बाद वापस लौट गया और कोई नुकसान नहीं हुआ. वन विभाग के अनुसार यह संभवतः 'मॉक चार्ज' था.
UP के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शारदा सागर डैम में बोटिंग के दौरान एक बाघ पर्यटकों की नाव की ओर बढ़ता दिखाई दिया. घटना का वीडियो वायरल है. वन विभाग ने इसे संभावित ‘मॉक चार्ज’ बताते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है. मामले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर पुलिस की कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है. आरोप है कि एक ईसाई प्रचारक ग्रामीणों को सरकारी नौकरी और शादी का लालच देकर प्रभावित कर रहा था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसकी फंडिंग व नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है.
पीलीभीत के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोलने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों और महिलाओं ने लाठी-डंडों व पत्थरों से भीषण हमला कर दिया. इस हिंसा में तहसीलदार घायल हुए, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए और भीड़ ने शराब की पेटियां सड़क पर निकालकर तहस-नहस कर दीं. पुलिस ने 60 लोगों पर केस दर्ज किया है.
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों और महिलाओं ने हमला कर दिया. कई दिनों से विरोध कर रही महिलाओं ने उग्र होकर पथराव किया और लाठियां बरसाईं. हंगामे के दौरान कलीनगर तहसीलदार को भीड़ ने डंडों से पीटा जिससे वे घायल हो गए.
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग से परेशान महिला ने पति के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या कर दी. 22 अप्रैल को युवक लापता हुआ था, जिसका शव तकिया दीनारपुर मंदिर के पास खंडहर में मिला. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दंपति को गिरफ्तार कर लोहे की रॉड, डंडा और मृतक के सामान बरामद कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया.
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग से परेशान महिला द्वारा पति के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल को गुरबाज सिंह घर से पूरनपुर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. 26 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद उसी दिन शाम को तकिया दीनारपुर मंदिर के पास खंडहर से उनका शव बरामद हुआ.
सरकारी दफ्तर का एक चपरासी, तीन पत्नियां, साली, सास और करोड़ों रुपये का खेल... पीलीभीत में सामने आया 5.5 करोड़ रुपये के गबन का मामला फिल्मी कहानी जैसा है. इल्हाम-उर-रहमान शम्सी ने शिक्षा विभाग के सिस्टम में ऐसी सेंध लगाई कि आठ साल तक किसी को भनक तक नहीं लगी. पत्नियों और रिश्तेदारों को फर्जी शिक्षक बनाकर करोड़ों रुपये सरकारी खाते से निजी खातों में ट्रांसफर किए गए. अब इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में सात महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है.
पीलीभीत के DIOS ऑफिस में करोड़ों रुपये के सरकारी गबन का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. यहां एक चपरासी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान ने अपनी पत्नियों, साली, सास, सलहज और महिला मित्रों के खातों में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए. पुलिस ने इस घोटाले में सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी और विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच चल रही है.
पीलीभीत में युवक के अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस ने महज तीन घंटे में उसे सकुशल बरामद कर लिया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मामला फिरौती नहीं, बल्कि एक शादीशुदा महिला को फोन पर परेशान करने से जुड़ा था. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक युवक के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब घुंघचाई थाना क्षेत्र से एक युवक को थार सवार लड़कों के द्वारा अगवा किए जाने की शिकायत मिली. सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव मोड में आई और सर्विलांस की मदद से महज तीन घंटे के भीतर शाहजहांपुर से युवक को सकुशल बरामद किया और दो आरोपियों को दबोच लिया.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ऑफिस में तैनात एक चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी करोड़ों के गबन का मुख्य आरोपी बन चुका है. जिस कर्मचारी को फाइलें उठाने और छोटे-मोटे कामों के लिए रखा गया था, उसी ने पूरे सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये का खेल कर डाला.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से करोड़ों रुपये के सरकारी गबन का मामला सामने आया है. इस घोटाले का मुख्य आरोपी कार्यालय का चपरासी इल्हाम शम्सी है, जिस पर फर्जी खातों और गलत बेनिफिशियरी बनाकर सरकारी धन ट्रांसफर करने का आरोप है. पुलिस जांच में अब तक 53 खातों में संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं और करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कर दी गई है.
पीलीभीत में 'मिशन शक्ति' के तहत अनोखी पहल में छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गईं. बीएससी छात्रा इरम बी ने जिलाधिकारी बनकर जनसुनवाई की, वहीं रिया गंगवार ने जिला विकास अधिकारी की भूमिका निभाई. दोनों ने अधिकारियों को निर्देश दिए और योजनाओं की समीक्षा की. इस पहल का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें बड़े सपने देखने व उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करना है.