
टेक की दुनिया में बड़े सौदे आम बात है. लेकिन इस बार जो हुआ, उसने पूरी इंडस्ट्री को रोक कर सोचने पर मजबूर कर दिया. दुनिया की सबसे पॉपुलर AI कंपनी और ChatGPT मेकर ने एक छोटे स्टार्टअप को खरीदा है. टीम में सिर्फ चार लोग. ऑफिस छोटा. प्रोडक्ट अभी शुरुआती दौर में. लेकिन कीमत करीब 900 करोड़ रुपये.
यह स्टार्टअप हेल्थ टेक पर काम कर रहा है. नाम है Torch. काम है इंसानी हेल्थ से जुड़े डेटा को एक जगह समझने लायक बनाना. यानी रिपोर्ट, दवाइयों की लिस्ट, डॉक्टर से बातचीत, फिटनेस ऐप्स का डेटा. सब कुछ एक ही सिस्टम में जोड़ना. ताकि AI किसी इंसान की हेल्थ को कॉन्टेक्स्ट के साथ समझ सके.
अब यही छोटी टीम सीधे दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनी के अंदर बैठ गई है. और उनका काम अब एक नए मिशन का हिस्सा है. चैट बेस्ड AI को हेल्थ असिस्टेंट बनाने का मिशन.
चार लोगों की टीम. और कीमत एक बड़ी फिल्म के बजट से भी ज्यादा. सवाल उठना तय है. आखिर इतनी बड़ी रकम क्यों?
AI और हेल्थ
आज हेल्थ डेटा दुनिया का सबसे बिखरा हुआ डेटा है. अलग अस्पताल. अलग ऐप. अलग रिपोर्ट. अलग फाइल. इंसान खुद अपना पूरा हेल्थ रिकॉर्ड एक जगह नहीं रख पाता. ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तो यह और बड़ी चुनौती है.
Torch का पूरा टेक इसी समस्या को हल करने पर बनी थी. हेल्थ डेटा को यूनिफाइड करना. ताकि मशीन सिर्फ सवाल का जवाब न दे. बल्कि इंसान की पूरी मेडिकल स्टोरी समझे और हेल्थ अनालाइज कर ले.
AI की दुनिया अब सिर्फ सवाल जवाब तक लिमिटेड नहीं रहना चाहती. अगला बड़ा क्षेत्र है हेल्थ. जहां लोग अपनी रिपोर्ट समझना चाहते हैं. दवाइयों के असर पर सवाल पूछना चाहते हैं. फिटनेस और बीमारी के पैटर्न जानना चाहते हैं. और यह सब वे अब डॉक्टर के अलावा एक डिजिटल असिस्टेंट से भी उम्मीद करने लगे हैं.
यहीं से इस सौदे की असली वजह समझ आती है. यह सिर्फ एक कंपनी खरीदना नहीं है. यह फ्यूचर के हेल्थ मार्केट में पहली बड़ी सीट सिक्योर करने की कोशिश है.

कंपनी अधिग्रहण या टैलेंट अधिग्रहण?
इस सौदे को इंडस्ट्री में टैलेंट अधिग्रहण भी कहा जा रहा है. यानी टेक से ज्यादा टीम को खरीदा गया है. Torch में काम करने वाले चारों मेंबर्स पहले भी हेल्थ टेक की दुनिया में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं. उनके पास अस्पतालों, क्लीनिक नेटवर्क और मेडिकल डेटा सिस्टम की गहरी समझ है. अब यही अनुभव AI कंपनी के हेल्थ प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा.
गौरतलब है कि हाल ही में OpenAI ने एक नया हेल्थ सेक्शन शुरू किया था. जहां यूजर्स हेल्थ रिपोर्ट अपलोड कर सकते हैं. और AI से सवाल पूछ सकते हैं. जैसे रिपोर्ट का मतलब क्या है. कौन सा स्तर ज्यादा है. किस दवा के साथ क्या सावधानी चाहिए. अभी यह सर्विस शुरुआती स्टेज में है. लेकिन Torch के टेक के जुड़ने के बाद यह ज्यादा कॉन्टेक्स्ट बेस्ड और पर्सनल हो सकती है.
AI सिर्फ जानकारी देने वाला नहीं रहेगा. वह आपकी पर्सनल हेल्थ कहानी को समझकर जवाब देने के डायरेक्शन में बढ़ेगा.
Open AI के इस अधिग्रहण का असर सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है. यह पूरी हेल्थ इंडस्ट्री के लिए इशारा है. आने वाले समय में AI सिर्फ चैट या फोटो एडिट करने के लिए नहीं रहेगा. वह मेडिकल सलाह, हेल्थ ट्रैकिंग और रोग की शुरुआती पहचान तक पहुंच सकता है.
इसी वजह से बड़ी टेक कंपनियां हेल्थ सेक्टर में तेजी से इन्वेस्ट कर रही हैं. फिटनेस डेटा. मेडिकल रिकॉर्ड. वियरेबल डिवाइस. स्मार्ट क्लीनिक. सब कुछ अब AI के साथ जोड़ा जा रहा है. और जो कंपनी पहले इस क्षेत्र में मजबूत आधार बना लेगी. वह आने वाले दशक में सबसे आगे होगी. चार लोगों की टीम को नौ सौ करोड़ में खरीदना इसी रेस का हिस्सा है.
प्राइवेसी रिस्क...
लेकिन यहां एक और सवाल भी खड़ा होता है. जब पर्सनल हेल्थ डेटा AI सिस्टम में जाएगा. तब गोपनीयता और सुरक्षा का क्या होगा. क्या लोग अपनी मेडिकल रिपोर्ट एक टेक कंपनी को देने में सहज होंगे. क्या AI की सलाह पर लोग डॉक्टर के पास जाना कम करेंगे. ये सवाल अभी खुले हैं. और आगे की सबसे बड़ी बहस भी यही होगी.
देखना दिलतचस्प होगा कि OpenAI अब इस कंपनी के अधिग्रहण के बाद ChatGPT में हेल्थ फीचर किस हद तक इंटिग्रेट करता है और उसका रिजल्ट कैसा रहता है.