अंक ज्योतिष (Numerology), एक संख्या पर आधारित अंकशास्त्र है. यह अल्फान्यूमेरिक प्रणाली के माध्यम से, शब्दों और नामों के अक्षरों के संख्यात्मक मान का अध्ययन है. अंकज्योतिष जब किसी व्यक्ति पर लागू होता है, तो यह एक प्रकार की ओनॉमेंसी कहलाता है.
अंकशास्त्रीय विचारों के लंबे इतिहास के बावजूद, 'अंकशास्त्र' शब्द 1907 तक अंग्रेजी में दर्ज नहीं है. विश्वभर में विभिन्न अंकशास्त्र प्रणालियां हैं जो एक वर्णमाला के अक्षरों को संख्यात्मक मान प्रदान करती हैं. उदाहरणों में अरबी में अबजाद अंक, हिब्रू अंक, अर्मेनियाई अंक और ग्रीक अंक शामिल हैं. यहूदी परंपरा के भीतर शब्दों को उनके संख्यात्मक मूल्यों के आधार पर रहस्यमय अर्थ प्रदान करने की प्रथा है, जो जेमट्रिया के रूप में जाना जाता है (Numerology Culture).
भारतीय अंकशास्त्र का एक रूप है जो नामों के अक्षरों से या पूर्ण जन्म तिथि की संख्याओं को जोड़ने से या केवल जन्म वर्ष से एकल अंक संख्या प्राप्त करने पर निर्भर करता है. भारतीय अंक ज्योतिष में यह एकल अंक संख्या व्यक्ति के व्यक्तित्व और विशेषताओं को परिभाषित करती है (Numerology in India).
कुछ चीनी संख्याओं के अर्थ का एक अलग सेट प्रदान करते हैं और कुछ संख्या संयोजनों को दूसरों की तुलना में भाग्यशाली माना जाता है. सामान्य तौर पर, सम संख्याओं को भाग्यशाली माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सौभाग्य जोड़े में आता है (Numerology in China).
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस गोचर को करियर, धन, शिक्षा और भाग्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, मेष, कर्क और धनु राशि के जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, 13 दिसंबर को गुरु वक्री होंगे और 25 जनवरी 2027 को वापस कर्क राशि में लौटेंगे.
करवा चौथ का पर्व इस बार कई ज्योतिषीय योगों के संयोग के बीच मनाया जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी नारायण योग, हंस राजयोग, बुधादित्य योग और शुक्रादित्य योग जैसे संयोग धन, करियर और वैवाहिक जीवन से जुड़े माने जाते हैं. वृषभ, तुला, मकर, मेष और कुंभ राशि के जातकों के लिए भी खास संकेत बताए जा रहे हैं. हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणियां नहीं.
29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा. ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस दिन सुबह शुक्र उदित होंगे. ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है. इस दौरान ग्रहों की विशेष स्थिति के चलते वृषभ, मिथुन, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए अनुकूल संकेत बताए जा रहे हैं. हालांकि, रिश्तों में बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए बातचीत और आपसी समझ जरूरी होगी.
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मीन राशि में शनि और चंद्रमा की युति से विष योग बना है, जो 25 अक्टूबर यानी शरद पूर्णिमा तक रहने की बात कही जा रही है. इस दौरान मेष, कर्क, तुला और मीन राशि के जातकों को कुछ मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. आर्थिक फैसलों, नौकरी, पारिवारिक रिश्तों और भावनात्मक उलझनों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा. हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणियां नहीं.
दिवाली के बाद ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने वाला है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 5 दिसंबर 2026 को केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि परिवर्तन को छह राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. मान्यता है कि वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, परिणाम कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करेंगे.
24 अक्टूबर 2026 को सूर्य स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 नवंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन से मिथुन, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को अगले करीब 15 दिनों में करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है, जबकि कारोबारियों को नई योजनाओं पर ध्यान देने का अवसर मिल सकता है.
11 दिसंबर 2026 को शनि देव मीन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की चाल में इस बदलाव से मेष, वृषभ और मकर राशि के जातकों को करियर और कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है. नौकरी में तरक्की, नए अवसर और अटके काम पूरे होने के संकेत बताए जा रहे हैं. हालांकि, ये ज्योतिषीय अनुमान हैं, जिनकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है.
क्या आपने कभी सोचा है कि नवरात्र के महापर्व में 9 अंक को ही विशेष महत्व क्यों दिया गया है. मान्यता है कि नवरात्र के नौ दिन, देवी के नौ स्वरूप और नौ कन्याओं के पूजन की परंपरा शक्ति उपासना को विशिष्ट बनाती है. अंक ज्योतिष में नौ को मंगल का अंक माना जाता है, जो साहस, पराक्रम और ऊर्जा का प्रतीक है.
31 अक्टूबर को बृहस्पति के कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करने पर गुरु और केतु की युति से ध्वज योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है. ज्योतिषविदों के मुताबिक, इस योग का मेष, सिंह, कन्या और धनु राशि के जातकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, ये ज्योतिषीय अनुमान हैं, निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं.
साल 2026 के अंत में राहु और केतु का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गणना के अनुसार, 5 दिसंबर की रात 10:32 बजे राहु मकर और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. मान्यता है कि इस बदलाव से करियर, कारोबार, धन और रिश्तों पर असर पड़ सकता है. मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए नए अवसरों की संभावना जताई जा रही है.
अक्टूबर 2026 में ज्योतिष गणना के अनुसार कई ग्रहों की चाल और राशि परिवर्तन से अलग-अलग शुभ योग बनने की बात कही जा रही है. 4 से 6 अक्टूबर तक त्रिग्रही योग, 17 अक्टूबर को बुधादित्य राजयोग और 20 अक्टूबर को लक्ष्मी नारायण व मालव्य राजयोग बनने का उल्लेख है. 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का असर कर्क, सिंह, तुला और वृश्चिक राशि पर पड़ सकता है.
इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा. ज्योतिष गणना के अनुसार इस दौरान चार ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे. शनि, राहु और केतु पहले से वक्री हैं, जबकि 3 अक्टूबर को शुक्र भी उल्टी चाल चलेंगे. एक साथ चार ग्रहों का वक्री होना खास संयोग माना जा रहा है. ज्योतिषविदों के अनुसार इसका असर सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन राशि वालों पर देखने को मिल सकता है.
शुक्र को ज्योतिष में प्रेम, सौंदर्य, धन और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. सितंबर में तुला राशि में प्रवेश करने के बाद शुक्र 6 नवंबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कन्या, तुला, कुंभ, मकर और धनु राशि के जातकों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव की संभावना बताई जा रही है.
आज तारीख 8 है. अगस्त साल का 8वां महीना है. और आज की तिथि का जोड़ (8+8+2+0+2+6= 8) भी 8 है. अंक ज्योतिष में 8 को एक्स्ट्रीम नंबर माना गया है और यह शनि का अंक होता है. संयोग से 8 का यह संयोग बना भी शनिवार के दिन ही है. इसलिए 8 मूलांक वालों के लिए यह दिन खास माना जा रहा है.
सावन के पहले सोमवार पर बने विशेष ग्रह संयोग और राजयोगों को लेकर ज्योतिषीय मान्यताओं में कई शुभ संकेत बताए गए हैं. मान्यता है कि इन योगों का प्रभाव विशेष रूप से मीन, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों पर सकारात्मक पड़ सकता है. करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में अनुकूल बदलाव की संभावना व्यक्त की गई है. यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है.
5 अगस्त को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 22 अगस्त तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस गोचर का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन पांच राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है. करियर, व्यापार, धन लाभ और नए अवसर मिलने के संकेत हैं. हालांकि यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है.
सावन महीने में देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में उच्च स्थिति में रहने से पंच महापुरुष राजयोग बन रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह दुर्लभ संयोग करीब 12 साल बाद बना है. इस अवधि में कुछ राशियों को करियर, धन, मान-सम्मान और नए अवसर मिलने के संकेत बताए गए हैं. वहीं अन्य राशियों को भी सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है.
1 अगस्त से शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और 2 सितंबर तक वहीं रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है. किसी राशि को करियर और धन में लाभ मिलने की संभावना है, जबकि कुछ लोगों को खर्च, स्वास्थ्य और रिश्तों में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार 1 अगस्त 2026 को शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग अलग माना जाता है. ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक कुछ राशियों के लिए यह समय धन लाभ, करियर में प्रगति, व्यापार में सफलता और पारिवारिक सुख लेकर आ सकता है. हालांकि यह अनुमान पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है.
14 जुलाई को गुरु और चंद्रमा की युति से कर्क राशि में गजकेसरी योग बनने जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग 16 जुलाई तक प्रभावी रहेगा और कुछ राशियों के लिए शुभ माना गया है. इस दौरान धन, करियर, कारोबार और आर्थिक प्रगति से जुड़े सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना व्यक्त की गई है. यह मान्यता व्यक्तिगत विश्वास और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है.
22 जून को सूर्य और शुक्र का एक साथ नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. मान्यताओं के अनुसार, इस बदलाव का असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है. खास तौर पर तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक संकेत लेकर आ सकता है. धन, करियर, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में अनुकूल अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है.