उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की दिशा को लेकर संदेश दिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बनकर उभरा है, जहां विकास और विरासत एक साथ प्रगति कर रहे हैं. काशी से सांसद होने के नाते उनका यूपी से गहरा व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि यहीं की जनता ने उन्हें लोकसभा भेजा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी में कुछ खास है, जिसकी शक्ति और प्रतिभा ने पूरे देश के विकास को गति दी है. उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह, काशी विश्वनाथ धाम पुनर्विकास, महाकुंभ और माघ मेले जैसे आयोजनों को प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक बताया. साथ ही एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों और रक्षा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को विकास की नई पहचान के रूप में उजागर किया.
राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से ब्रेकथ्रू स्टेट में बदल दिया है. कानून व्यवस्था में हुए सुधारों को उन्होंने ऐतिहासिक बताया, जिससे निवेश बढ़ा और विकास को मजबूत गति मिली. अमित शाह ने 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP को दोबारा सत्ता सौंपने की अपील की, जिससे विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर रोजगार और युवा केंद्रित नई योजनाओं का भी परिचय दिया. उन्होंने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र’ योजना के तहत हर जिले में लगभग 100 एकड़ भूमि विकसित करने की घोषणा की. साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन’ योजना भी शुरू की गई, जिससे स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा.