डेटा सेंटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का बैकबोन माना जाता है. यही डेटा सेंटर ChatGPT जैसे AI मॉडल और दूसरी AI सर्विस को चलाने में मदद करते हैं. लेकिन अमेरिका के मिशिगन स्टेट में एक AI डेटा सेंटर अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. यहां रहने वाले लोगों का आरोप है कि डेटा सेंटर से 24 घंटे लगातार इतनी तेज आवाज आती है कि घर में रहना तक मुश्किल हो गया है. मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है.
यह मामला मिशिगन के डोवाजियाक शहर का है. यहां अलाइंस क्लाउड सर्विसेज और हाइपर स्केल डेटा सेंटर मौजूद है. इंस्टाग्राम पर कुछ वीडियोज भी वायरल हो रहे हैं. वीडियो में लोग डेटा सेंटर से आ रही लाउड आवाज को सुना रहे हैं. लोगों का कहना है कि इतना शोर है कि जीना मुश्किल हो गया है.
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब दो साल से इस डेटा सेंटर से लगातार तेज, सीटी जैसी आवाज आती रहती है. लोगों का कहना है कि यह आवाज ऐसी लगती है जैसे घर के अंदर खराब वैक्यूम क्लीनर लगातार चल रहा हो. यह आवाज दिन-रात कभी बंद नहीं होती.
डेटा सेंटर की वजह से 1300 घरों के लोग परेशान
इसी वजह से आसपास रहने वाले लोगों ने कंपनी के खिलाफ क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया है. यानी कई लोगों ने मिल कर कंपनी पर मुकदमा कर दिया है. उनका कहना है कि लगातार आने वाली आवाज की वजह से वे अपने घर का आंगन इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, खिड़कियां नहीं खोल सकते और कई लोगों को सिरदर्द, तनाव और नींद की परेशानी होने लगी है. मुकदमे में कहा गया है कि इस शोर का असर करीब 1,300 घरों पर पड़ रहा है.
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रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डेटा सेंटर पहले क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए इस्तेमाल होता था. बाद में इसे AI कंप्यूटिंग और एडवांस रोबोटिक्स के लिए अपग्रेड किया गया. AI सर्वर लगातार चलते हैं और उन्हें ठंडा रखने के लिए बड़े-बड़े कूलिंग फैन, चिलर और वेंटिलेशन सिस्टम 24 घंटे चलते रहते हैं. इन्हीं मशीनों से लगातार आवाज निकलती है.
स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है. शहर में इंडस्ट्रियल नॉइज को लेकर नया नियम बनाया गया और कंपनी पर तय सीमा से ज्यादा आवाज करने के आरोप में जुर्माना भी लगाया गया. हालांकि कंपनी का कहना है कि आवाज कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं और करीब 100 मिलियन डॉलर का अपग्रेड भी किया जा रहा है.
कंपनी ने प्रभावित लोगों को दूसरी जगह घर खरीदने का ऑफर दिया
कंपनी के CEO ने प्रभावित लोगों को यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर शोर कम होने के बाद भी वे वहां नहीं रहना चाहते, तो कंपनी उनके घर खरीदने पर विचार कर सकती है. लेकिन कई लोगों ने यह ऑफर ठुकरा दिया. उनका कहना है कि वे अपना घर छोड़ना नहीं चाहते, बल्कि चाहते हैं कि कंपनी शोर को पूरी तरह कम करे.
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अब तक AI डेटा सेंटर की बिजली और पानी की खपत पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब शोर भी बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है. जैसे-जैसे दुनिया में AI के लिए नए डेटा सेंटर बन रहे हैं, वैसे-वैसे उनके आसपास रहने वाले लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता बढ़ रही है.
डेटा सेंटर से इतनी आवाज क्यों आती है?
डेटा सेंटर के अंदर हजारों सर्वर एक साथ 24 घंटे चलते हैं. AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के दौरान ये सर्वर बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं. इन्हें ठंडा रखने के लिए बड़े-बड़े कूलिंग फैन, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, चिलर, कूलिंग टावर और एयर वेंट लगातार चलते रहते हैं.
इसके अलावा बैकअप के लिए लगे बड़े जनरेटर और बिजली की दूसरी मशीनें भी आवाज करती हैं. अगर डेटा सेंटर रिहायशी इलाके के पास हो और वहां सही साउंडप्रूफिंग न हो, तो लोगों को लगातार गूंज या सीटी जैसी तेज आवाज सुनाई दे सकती है. AI डेटा सेंटर जितना बड़ा होगा, उसे ठंडा रखने के लिए उतनी ही ज्यादा मशीनें चलानी पड़ती हैं, जिससे शोर भी बढ़ जाता है.