दुनिया भर में 'दंगल गर्ल' के नाम से पहचान बनाने वाली बबीता फोगाट के घर एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है. बबीता दूसरी बार मां बन गई हैं. उन्होंने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है.
खास बात यह रही कि यह खुशखबरी उन्होंने शिवरात्रि के पावन मौके पर अपने फैन्स के साथ शेयर की. सोशल मीडिया पर बेटी की पहली झलक शेयर करते हुए बबीता ने एक इमोशनल मैसेज लिखा.
उन्होंने अपनी नन्हीं परी को 'पार्वती स्वरूप' बताते हुए महादेव का आभार जताया. बबीता ने लिखा कि महादेव की कृपा देखिए, आज शिवरात्रि के पवित्र दिन पर मेरे जीवन में एक नन्ही परी पार्वती स्वरूप बेटी का आगमन हुआ है. मेरी बेटी के रूप में मिली यह खुशी मेरे और मेरे परिवार के लिए अनमोल आशीर्वाद है. यह अहसास शब्द से परे है.
महादेव की कृपा देखिए आज शिवरात्रि के इस पवित्र दिन पर मेरे जीवन में एक नन्ही परी पार्वती स्वरूप बेटी का आगमन हुआ है। ❤️🧿
मेरी बेटी के रूप में मिली यह खुशी मेरे और मेरे परिवार के लिए अनमोल आशीर्वाद है।
यह अहसास और खुशियाँ शब्द से परे है।
आप सभी का आशीर्वाद चाहिए!🙏🏻 pic.twitter.com/Mv5yFd6Dxf— Babita Phogat (@BabitaPhogat) August 11, 2026
साल 2021 में पहली बार बनीं थी मां
बबीता फोगाट और विवेक सुहाग की शादी 1 दिसंबर 2019 को हुई थी. इसके बाद 2021 में दोनों पहली बार माता-पिता बने थे, जब उनके बेटे का जन्म हुआ था. अब 5 साल बाद बेटी के आने से फोगाट और सुहाग परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं.
हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बलाली गांव से ताल्लुक रखने वाली बबीता फोगाट की पहचान केवल एक पहलवान के तौर पर ही नहीं, बल्कि देश की बेटियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में है. उनके पिता महावीर सिंह फोगाट ने उस दौर में अपनी बेटियों को कुश्ती के दांव-पेच सिखाए, जब समाज में लड़कियों का अखाड़े में उतरना बेहद मुश्किल माना जाता था.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर चुकी हैं देश का नाम रोशन
सामाजिक बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए बबीता और उनकी बहनों गीता, संगीता और चचेरी बहन विनेश फोगाट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया. बबीता ने साल 2006 में महज 17 साल की उम्र में राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी चमक बिखेरी थी. इसके बाद 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रचा.
वह अपनी बड़ी बहन गीता फोगाट के बाद कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनीं. इसके अलावा उन्होंने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और 2016 के रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. कुश्ती से संन्यास लेने के बाद बबीता ने साल 2019 में अपने पिता महावीर सिंह फोगाट के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी.