बॉक्सिंग की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है, जिसने प्रशंसकों को गमगीन कर दिया है. अर्जेंटीना के पूर्व मिडिलवेट वर्ल्ड चैम्पियन जॉर्ज कास्त्रो का 59 साल की उम्र में निधन हो गया. अपने 20 साल के पेशेवर करियर में 144 मुकाबले लड़ने वाले कास्त्रो को बुधवार (14 अक्टूबर) को हार्ट अटैक आया. कास्त्रो अर्जेंटीना के शहर मोरोन स्थित एक बिंगो हॉल में थे, जहां अचानक उनके सीने में दर्द उठा और महज 15 मिनट के भीतर उनकी जिंदगी खत्म हो गई. रिंग में मुश्किल हालात से लड़कर जीत हासिल करने वाले इस दिग्गज के निधन से खेल जगत में शोक की लहर है.
जॉर्ज कास्त्रो की बेटी क्विमेली ने पिता के आखिरी पलों को याद करते हुए बताया कि वह अपनी मां और पिता के साथ बाहर गई थीं. सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक कास्त्रो ने सीने में दर्द होने की बात कही. शुरुआत में दर्द हल्का लगा, लेकिन कुछ ही देर में वह असहनीय हो गया. क्विमेली के मुताबिक, परिवार ने तुरंत वहां मौजूद अधिकारियों को सूचना दी. कास्त्रो को एक अलग कमरे में ले जाया गया, जहां उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया गया. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. उन्होंने बताया कि पूरी घटना महज 15 मिनट में हो गई. अधिकारियों ने भी उनकी मौत को प्राकृतिक कारणों से हुआ बताया.
1994 में बने थे वर्ल्ड चैम्पियन
जॉर्ज कास्त्रो ने 1987 में पेशेवर बॉक्सिंग करियर की शुरुआत की थी. विश्व चैम्पियन बनने का उनका सपना 1994 में पूरा हुआ, जब उन्होंने रेगी जॉनसन को स्प्लिट डिसीजन से हराकर WBA मिडिलवेट खिताब जीत लिया. यह उपलब्धि उनके लिए इसलिए भी खास थी, क्योंकि इससे पहले वह टेरी नॉरिस के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल जीतने में नाकाम रहे थे. लेकिन कास्त्रो ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत के दम पर बॉक्सिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.
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जॉर्ज कास्त्रो के करियर का सबसे यादगार अध्याय डेविड जैक्सन के खिलाफ मुकाबला रहा. इस फाइट में वह शुरुआती राउंड में बुरी तरह चोटिल हो गए थे और लगातार दबाव झेल रहे थे. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला उनके हाथ से निकल चुका है, लेकिन कास्त्रो ने हार नहीं मानी. उन्होंने नौवें राउंड में नॉकआउट कर जैक्सन को हरा दिया. उनकी इस अविश्वसनीय वापसी ने उन्हें बॉक्सिंग प्रशंसकों के बीच खास पहचान दिलाई. कास्त्रो ने अपने करियर में रॉबर्टो डुरान और रॉय जोन्स जूनियर जैसे दिग्गज मुक्केबाजों के खिलाफ भी मुकाबले किए थे.
करीब दो दशक लंबे करियर में कई यादगार मुकाबले लड़ने वाले जॉर्ज कास्त्रो अर्जेंटीना में बेहद लोकप्रिय थे. उनकी पहचान सिर्फ एक वर्ल्ड चैम्पियन के तौर पर नहीं, बल्कि आखिरी दम तक मुकाबला करने वाले मुक्केबाज के रूप में भी थी. छह बार शादियां करने वाले कास्त्रो अपने पीछे पार्टनर नोएला विग्लियारोलो, 15 बच्चे और 14 पोते-पोतियां छोड़ गए हैं. उनके निधन से परिवार के साथ-साथ दुनिया भर के बॉक्सिंग प्रशंसकों को गहरा सदमा लगा है.