वाराणसी में बने नए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में जल्द ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत हो सकती है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की टीम अगले हफ्ते स्टेडियम का निरीक्षण करने पहुंचेगी. बोर्ड की मंजूरी मिलने पर यहां अंडर-19 मुकाबले कराए जा सकते हैं. उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) की नजर अगले साल महिला प्रीमियर लीग (WPL) के मैचों की मेजबानी पर भी है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक- स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन यहां प्रतिस्पर्धी क्रिकेट शुरू कराने के लिए BCCI से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना जरूरी है. एक सूत्र के मुताबिक, बोर्ड की टीम अगले हफ्ते मैदान का निरीक्षण करेगी और इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. UPCA चाहता है कि यहां जारी अंडर-19 मुकाबलों में से कुछ मैच कराए जाएं, ताकि नई पिचों की गुणवत्ता और उनकी स्थिति को परखा जा सके.

450 करोड़ की लागत, 30 हजार दर्शकों की क्षमता
करीब 31 एकड़ में फैले इस स्टेडियम को लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इसकी खासियत इसकी बनावट है. यहां त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स, अर्धचंद्राकार छत और डमरू के आकार का मीडिया सेंटर बनाया गया है. स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है.
मैदान में आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर ड्रेनेज सिस्टम भी लगाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के बाद भी इस व्यवस्था की मदद से मैदान को करीब 30 मिनट में खेलने लायक बनाया जा सकेगा.
फिलहाल UPCA कानपुर और लखनऊ में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट मुकाबलों का आयोजन करता है. वाराणसी के जुड़ने से उत्तर प्रदेश में उसका तीसरा क्रिकेट वेन्यू तैयार होगा. इससे यूपी के पूर्वांचल से जुड़े और बिहार के क्रिकेट फैन्स को भी मैच देखने का मौका मिल सकेगा.
2023 में PM मोदी ने रखी थी नींव
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. साल 2023 में उन्होंने यहां इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी थी. उस कार्यक्रम में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम में भाषण देने से पहले तत्कालीन BCCI अध्यक्ष रोजर बिन्नी और तत्कालीन सचिव जय शाह ने प्रधानमंत्री मोदी को हस्ताक्षर किया हुआ बल्ला भेंट किया था.
अब स्टेडियम में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट शुरू होने की राह BCCI के निरीक्षण और उसकी मंजूरी पर टिकी है. अगर मैदान और पिचें बोर्ड के मानकों पर खरी उतरती हैं, तो यहां जल्द अंडर-19 मुकाबले कराए जा सकते हैं. इसके बाद वाराणसी में WPL मैचों की मेजबानी की उम्मीद भी मजबूत होगी.