scorecardresearch
 

संजू को लेफ्ट, दुबे को राइट आर्म... श्रीलंकाई स्पिनर ने बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ श्रीलंका के थरिंदु रत्नायके ने अपनी अनोखी गेंदबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं. रत्नायके ने संजू सैमसन को लेफ्ट आर्म और शिवम दुबे को राइट आर्म से गेंदबाजी करते हुए विकेट चटकाए.

Advertisement
X
श्रीलंका के स्पिनर थरिंदु रत्नायके ने भारत के सामने किया कमाल (Photo: Getty)
श्रीलंका के स्पिनर थरिंदु रत्नायके ने भारत के सामने किया कमाल (Photo: Getty)

एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में 1 अक्टूबर (गुरुवार) को निशिन में खेले गए भारत और श्रीलंका के मुकाबले में श्रीलंकाई स्पिनर थरिंदु रत्नायके ने अपनी गेंदबाजी से खासा ध्यान खींचा है.

रत्नायके की खासियत है कि वह दोनों हाथों से गेंदबाजी कर सकते हैं. भारत के खिलाफ उन्होंने संजू सैमसन को आउट करने के लिए अपना गेंदबाजी हाथ भी बदला. 

शुरुआत में रत्नायके ने राइट आर्म ऑफ-स्पिन से गेंदबाजी की, लेकिन संजू सैमसन के सामने आते ही उन्होंने लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स का इस्तेमाल किया. दूसरी ओवर की तीसरी गेंद पर संजू ने चौका लगाया, लेकिन अगली गेंदों से रत्नायके ने दबाव बनाया और 2.6 ओवर में संजू को क्लीन बोल्ड कर दिया. 

इसके बाद उन्होंने राइट आर्म ऑफ-स्पिन से शिवम दुबे को 19वें ओवर में 3 रन पर आउट कर दिया. इस मुकाबले में रत्नायके ने 4 ओवर में 32 रन देकर कुल 2 विकेट लिए.

यह भी पढ़ें: India vs Sri Lanka, 2nd Semi Final: इंड‍ियन गेंदबाजों ने लंका ढहा दी, 45 रन पर आउट कर पहुंचे एश‍ियन गेम्स के फाइनल में

Advertisement

उन्होंने संजू सैमसन के बाद शिवम दुबे को अपना शिकार बनाया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 169 रन बनाए. रत्नायके टी20 इंटरनेशनल में एक ही मैच में दोनों हाथों से गेंदबाजी कर विकेट लेने वाले अनोखे गेंदबाज बन गए हैं.

जवाब में लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 9.5 ओवर में महज 45 रन पर ऑल आउट हो गई. टीम इंडिया ने 124 रनों से ये मुकाबला अपने नाम किया. अब 3 अक्टूबर (शनिवार) को भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल (फाइनल) मैच खेला जाएगा. 

यह भी पढ़ें: वनडे सीरीज में टीम इंडिया को लगा झटका, चोट के चलते ये तेज गेंदबाज हुआ बाहर

टेस्ट में भी दिखा चुके हैं दोनों हाथों का कमाल

थरिंदु रत्नायके ने यह अनोखी कला पहली बार नहीं दिखाई है. जून 2025 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू में भी उन्होंने दोनों हाथों से गेंदबाजी की थी.

उस मुकाबले में उनके दोनों विकेट राइट-आर्म गेंदों पर आए थे, लेकिन उन्होंने लेफ्ट आर्म से भी गेंदबाजी की थी. रत्नायके ने उस समय बताया था कि वह बल्लेबाज की कमजोरी के हिसाब से अपना गेंदबाजी हाथ बदलते हैं. 

Advertisement

आईसीसी (ICC) के नियमों के मुताबिक, एक गेंदबाज ऐसा कर सकता है, बशर्ते वह गेंद फेंकने से पहले अंपायर को पहले बताए कि वह किस हाथ से गेंदबाजी करने जा रहा है, ताकि अंपायर इसकी जानकारी बल्लेबाज को दे सके.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement