भारत और श्रीलंका के बीच गॉल टेस्ट मैच के तीसरे दिन (17 अगस्त) युवा स्पिनर मानव सुथार ने अपनी गेंदबाजी से जबरदस्त छाप छोड़ी. 24 साल के सुथार ने विदेशी जमीन पर अपने पहले टेस्ट में गेंदबाजी की शुरुआत विकेट के साथ की. उन्होंने मैच की अपनी पहली गेंद पर श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को पवेलियन भेज दिया. इसके बाद उन्होंने सलामी बल्लेबाज लाहिरू उदारा को भी आउट कर श्रीलंकाई टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया.
पहली पारी में श्रीलंका की शुरुआत खराब रही. मोहम्मद सिराज ने पहले ही ओवर में निशान मदुष्का को बिना खाता खोले आउट कर दिया. इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने आठवें ओवर में लेफ्ट आर्म स्पिनर सुथार को गेंद थमाई और उन्होंने पहली ही गेंद पर कप्तान के भरोसे को सही साबित कर दिया.
मानव सुथार की गेंद ने गॉल की पिच से शानदार टर्न लिया. पूर्व कप्तान चांदीमल इसे संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में चली गई. चांदीमल 16 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हुए. इस विकेट के साथ मेजबान टीम का स्कोर 27/2 हो गया.
दिनेश चांदीमल को आउट करने के बाद सुथार ने श्रीलंका को एक और बड़ा झटका दिया. उन्होंने क्रीज पर जमने की कोशिश कर रहे लाहिरू उदारा को स्लिप में यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराया. उदारा ने 6 चौके की मदद से 44 गेंदों पर 27 रन बनाए. दूसरे छोर से कुलदीप यादव ने भी श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ा दीं. कुलदीप ने कामिंदु मेंडिस को 14 रन के स्कोर पर आउट किया. कवर में कप्तान शुभमन गिल ने डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ा. नतीजा यह रहा कि भारत के 462 रनों के जवाब में श्रीलंका की टीम 16.1 ओवरों में 59 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी.
इससे पहले तीसरे दिन भारत ने 460/9 से अपनी पारी आगे बढ़ाई, लेकिन स्कोर में केवल दो रन जुड़ सका. असिथा फर्नांडो ने प्रसिद्ध कृष्णा को आउट कर भारतीय पारी 462 रनों पर समेट दी. भारत के लिए देवदत्त पडिक्कल ने 230 गेंदों पर 167 रनों की शानदार पारी खेली. जबकि केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने चार और डेब्यूटेंट केशरा नुवांथा ने तीन विकेट लिए.
गॉल की पिच से तीसरे दिन स्पिनर्स को मदद मिलती दिखी और मानव सुथार ने इसका तुरंत फायदा उठाया. अपने पहले विदेशी टेस्ट की पहली ही गेंद पर विकेट और फिर उसी सेशन में दूसरी सफलता हासिल कर युवा स्पिनर ने श्रीलंका को बैकफुट पर धकेलने में अहम भूमिका निभाई.